भारतीय रेलवे में सफर के दौरान आपने कई स्टेशनों के नाम के आगे जंक्शन (Junction), टर्मिनल (Terminal), सेंट्रल (Central) और कैंट (Cantt.) लिखा देखा होगा।

Indian Railways : भारतीय रेलवे में सफर के दौरान आपने कई स्टेशनों के नाम के आगे जंक्शन (Junction), टर्मिनल (Terminal), सेंट्रल (Central) और कैंट (Cantt.) लिखा देखा होगा। ये केवल नाम का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि स्टेशन की भूमिका और रेलवे नेटवर्क में उसकी स्थिति को दर्शाते हैं। हर श्रेणी का अपना अलग महत्व और उद्देश्य होता है।
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जंक्शन वह रेलवे स्टेशन होता है, जहां से कम से कम तीन अलग-अलग दिशाओं में रेलवे लाइनें जाती हैं या अलग होती हैं। ऐसे स्टेशनों से यात्री कई रूटों पर ट्रेन बदल सकते हैं। प्रयागराज जंक्शन, मथुरा जंक्शन, झांसी जंक्शन और दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन जैसे स्टेशन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
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टर्मिनल या टर्मिनस वह स्टेशन होता है, जहां रेलवे लाइन समाप्त हो जाती है। यहां से आगे ट्रैक नहीं होता, इसलिए ट्रेन उसी दिशा से वापस लौटती है, जिस दिशा से आई होती है। आनंद विहार टर्मिनल, लोकमान्य तिलक टर्मिनस और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
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किसी बड़े शहर का सबसे प्रमुख, व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन आमतौर पर सेंट्रल कहलाता है। ऐसे स्टेशन शहर के प्रमुख रेल केंद्र होते हैं, जहां से देश के कई हिस्सों के लिए ट्रेनें संचालित होती हैं। भारत में मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, कानपुर सेंट्रल, तिरुवनंतपुरम सेंट्रल और मंगलुरु सेंट्रल प्रमुख सेंट्रल स्टेशन हैं।
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कैंट (Cantt.) का अर्थ कैंटोनमेंट होता है। ऐसे रेलवे स्टेशन सेना के कैंटोनमेंट क्षेत्र या सैन्य छावनी के पास स्थित होते हैं। इनका उपयोग आम यात्रियों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों के लिए भी किया जाता है। दिल्ली कैंट, अंबाला कैंट, आगरा कैंट, मेरठ कैंट और बेंगलुरु कैंट इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
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