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भारत में सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड मेघालय के चेरापूंजी और मौसिनराम के नाम दर्ज है। जब भी देश में भारी वर्षा की बात होती है, तो इन इलाकों का जिक्र सबसे पहले होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार में भी एक ऐसा जिला है, जिसे राज्य का चेरापूंजी कहा जाता है?

Bihar News : भारत में सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड मेघालय के चेरापूंजी और मौसिनराम के नाम दर्ज है। जब भी देश में भारी वर्षा की बात होती है, तो इन इलाकों का जिक्र सबसे पहले होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार में भी एक ऐसा जिला है, जिसे राज्य का चेरापूंजी कहा जाता है? यह जिला है किशनगंज, जहां बिहार में सबसे अधिक बारिश दर्ज की जाती है। यहां औसतन हर साल करीब 2177 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है, जो राज्य के अन्य सभी जिलों से अधिक है। इसी कारण इसे बिहार का चेरापूंजी कहा जाता है। Bihar News
किशनगंज की भौगोलिक स्थिति इसे और खास बनाती है। यह जिला पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमाओं के करीब स्थित है और हिमालयी क्षेत्र के प्रभाव में आता है। यहां मानसूनी हवाएं अधिक सक्रिय रहती हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी जब हिमालय से टकराती है, तो इस क्षेत्र में भारी बारिश होती है। ज्यादा बारिश का सीधा असर यहां की कृषि व्यवस्था पर भी दिखाई देता है। धान, मक्का और जूट जैसी फसलें यहां बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं। पर्याप्त वर्षा से किसानों को सिंचाई पर कम निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन कई बार अत्यधिक बारिश बाढ़ और जलजमाव जैसी समस्याएं भी पैदा कर देती है। Bihar News
हालांकि पूर्णिया और उत्तर-पूर्वी बिहार के अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश होती है, लेकिन वर्षा के आंकड़ों में किशनगंज अब भी शीर्ष पर बना हुआ है। यही कारण है कि बारिश की चर्चा होते ही बिहार में सबसे पहले इसी जिले का नाम लिया जाता है। महानंदा नदी जैसी जलधाराओं की मौजूदगी कई बार भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति भी पैदा कर देती है। Bihar News
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