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अग्निमित्रा पॉल का सफर राजनीति से शुरू नहीं हुआ था। उन्होंने पहले फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। पढ़ाई के दौरान वह काफी होनहार छात्रा मानी जाती थीं। उन्होंने लोरेटो कॉन्वेंट और आसनसोल गर्ल्स कॉलेज से शिक्षा हासिल की।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद कई नए चेहरे चर्चा में हैं। इन्हीं में एक नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है अग्निमित्रा पॉल। फैशन डिजाइनिंग की दुनिया से राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल अब बंगाल की नई सरकार का अहम चेहरा बन गई हैं। अपनी तेजतर्रार शैली और आक्रामक भाषणों की वजह से उन्हें भाजपा की फायरब्रांड नेता माना जाता है। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जिन नेताओं को कैबिनेट में जगह मिली उनमें अग्निमित्रा पॉल का नाम भी शामिल रहा। आसनसोल दक्षिण सीट से बड़ी जीत दर्ज करने के बाद उनका राजनीतिक कद और मजबूत माना जा रहा है।
अग्निमित्रा पॉल का सफर राजनीति से शुरू नहीं हुआ था। उन्होंने पहले फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। पढ़ाई के दौरान वह काफी होनहार छात्रा मानी जाती थीं। उन्होंने लोरेटो कॉन्वेंट और आसनसोल गर्ल्स कॉलेज से शिक्षा हासिल की। इसके बाद बनवारीलाल भालोटिया कॉलेज से वनस्पति विज्ञान में बीएससी ऑनर्स किया। विज्ञान की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका रुझान फैशन डिजाइनिंग की ओर बढ़ा। उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड मैनेजमेंट साइंसेज से फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा किया। इसके अलावा उन्होंने एमबीए की पढ़ाई भी की। फैशन इंडस्ट्री में काम करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे भाजपा का बड़ा चेहरा बन गईं।
अग्निमित्रा पॉल ने साल 2019 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन की थी। पार्टी में आने के बाद उन्होंने तेजी से अपनी अलग पहचान बनाई। भाजपा ने उन्हें महिला मोर्चा में अहम जिम्मेदारी दी और बाद में वह बंगाल भाजपा की उपाध्यक्ष भी बनीं। उनकी राजनीति में पहचान सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रही। टीवी डिबेट्स और जनसभाओं में वह लगातार तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर तीखे हमले करती रहीं। इसी वजह से उन्हें भाजपा की मुखर नेताओं में गिना जाने लगा।
अग्निमित्रा पॉल ने पहली बार 2021 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल दक्षिण सीट से जीत हासिल की थी। उस चुनाव में उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार सायन घोष को हराया था। इसके बाद वह लगातार भाजपा के सक्रिय चेहरों में शामिल रहीं। हालिया चुनाव में उन्होंने एक बार फिर आसनसोल दक्षिण सीट पर शानदार प्रदर्शन किया। इस बार उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी को 40 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। इस जीत ने पार्टी में उनकी स्थिति और मजबूत कर दी। हालांकि उनके राजनीतिक सफर में हार भी आई। 2022 के आसनसोल लोकसभा उपचुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इन हारों के बावजूद उन्होंने संगठन और जनता के बीच अपनी सक्रियता बनाए रखी।
अग्निमित्रा पॉल का नाम कई बार विवादों में भी आया। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा और प्रदर्शन से जुड़े आरोप शामिल बताए गए हैं। हालांकि, किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। अग्निमित्रा पॉल का कहना रहा है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक वजहों से किए गए हैं। भाजपा भी लगातार यह दावा करती रही है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए ऐसे केस दर्ज किए जाते हैं।
शुभेंदु अधिकारी की सरकार में अग्निमित्रा पॉल को शामिल किया जाना भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। पार्टी उन्हें महिलाओं के बीच मजबूत चेहरा मानती है। साथ ही उनकी आक्रामक राजनीतिक शैली बंगाल की राजनीति में भाजपा को मजबूती देने में अहम मानी जाती है। फैशन डिजाइनिंग, मैनेजमेंट और राजनीति तीनों क्षेत्रों का अनुभव रखने वाली अग्निमित्रा पॉल अब बंगाल सरकार में नई जिम्मेदारियों के साथ नजर आएंगी। आने वाले समय में उनकी भूमिका और भी अहम हो सकती है।
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