दीवाली पर झाड़ू खरीदना क्यों है शुभ? जानिए इससे जुड़ी अनसुनी बातें
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:53 AM
दीपावली का त्योहार हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह पर्व माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को समर्पित होता है जो सुख-समृद्धि और शुभता के प्रतीक हैं। इस पांच दिवसीय महापर्व की खास परंपरा है धनतेरस से लेकर दिवाली तक नई वस्तुओं की खरीदारी। इसी खरीदारी की परंपरा में झाड़ू खरीदना भी शामिल है जो केवल एक रिवाज नहीं बल्कि गहरी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। Diwali 2025
झाड़ू खरीदने का क्यों होता है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार झाड़ू धन का प्रतीक है। दीवाली के दिन नई झाड़ू खरीदकर घर लाना शुभ माना जाता है क्योंकि इससे घर में धन-समृद्धि की वृद्धि होती है। ऐसा कहा जाता है कि झाड़ू खरीदने से घर में माता लक्ष्मी का वास स्थायी होता है और वह अपने आशीर्वाद से परिवार को खुशहाली देती हैं। खासतौर पर धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिन की गई खरीदारी का पुण्य 13 गुना बढ़ जाता है।
झाड़ू खरीदने के पीछे की धार्मिक मान्यताएं
दरिद्रता का नाश
झाड़ू घर की गंदगी को बाहर निकालती है। गंदगी को नकारात्मकता और दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। दीवाली के दिन नई झाड़ू खरीदकर घर की सफाई करना इस बात का संकेत है कि आप साल भर की बुरी ऊर्जा और दरिद्रता को अपने घर से बाहर निकाल रहे हैं।
माता लक्ष्मी का वास
साफ-सफाई को माता लक्ष्मी की खुशी और घर में उनके निवास का कारण माना जाता है। इसलिए दीवाली पर झाड़ू खरीदना घर में सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक है।
झाड़ू को हमेशा छिपाकर और जमीन पर लिटाकर रखें।
झाड़ू को खड़ा करके रखना अशुभ माना जाता है।
झाड़ू को माता लक्ष्मी का रूप मानकर कभी भी उसे पैर से न टकराएं या उसके ऊपर से न जाएं।
दीवाली से एक दिन पहले पुरानी झाड़ू को हटा दें और नई झाड़ू का उपयोग शुरू करें।
पुरानी झाड़ू को ऐसी जगह फेंकें जहां कोई उसका पैर न पड़े। Diwali 2025