
Air India Plane Crash : गुरुवार दोपहर अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक हादसे के वक्त विमान में 242 यात्री सवार थे, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के भी होने की खबर सामने आई है। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेकऑफ के महज पांच मिनट बाद ही विमान ने नियंत्रण खो दिया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
लेकिन इस हादसे से पहले पायलट की ओर से दिए गए एक विशेष सिग्नल ने सभी का ध्यान खींचा—'Mayday, Mayday'। सवाल ये है कि आखिर पायलट ने यह शब्द क्यों दोहराया और इसका क्या महत्व है?
‘Mayday’ एक अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी सिग्नल है जिसका इस्तेमाल वायु, जल या अन्य यातायात के दौरान गंभीर संकट की स्थिति में किया जाता है। जब किसी विमान या जहाज को तत्काल मदद की आवश्यकता होती है और जान-माल को खतरा होता है, तब यह कोड बोला जाता है।
‘Mayday’ शब्द को तीन बार दोहराना अनिवार्य होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि रेडियो पर किसी भी शोर या हस्तक्षेप के बीच संदेश साफ-साफ सुना और समझा जा सके। इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को यह संकेत मिलता है कि कोई आपात स्थिति है और तत्काल प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। आपात स्थितियों में यदि पायलट सीधे कहे कि इंजन फेल हो गया है या किसी और बड़ी तकनीकी गड़बड़ी का सामना हो रहा है, तो इससे विमान में मौजूद यात्रियों में दहशत फैल सकती है। इसी कारण पायलट एक कोडवर्ड के ज़रिए संकट की जानकारी एटीसी को देता है—Mayday।
यह शब्द 1920 के दशक में पहली बार उपयोग में आया था। लंदन के क्रॉइडन एयरपोर्ट पर रेडियो ऑफिसर फ्रेडरिक स्टैनली मॉकफोर्ड ने इसे गढ़ा था। उन्होंने फ्रेंच शब्द “m’aider” (जिसका मतलब होता है “मदद करें”) से प्रेरणा लेकर इसे अंग्रेज़ी रेडियो कम्युनिकेशन में अपनाया। Air India Plane Crash