
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सियासी गर्माहट पहले से ही चरम पर है। एनडीए अपने मुख्यमंत्री चेहरे नीतीश कुमार पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है, वहीं विपक्षी इंडिया ब्लॉक में महागठबंधन के सीएम चेहरे को लेकर सस्पेंस बरकरार है। शायद यही कारण है कि विपक्षी इंडिया ब्लॉक में महागठबंधन का सीएम चेहरा अभी तक साफ नहीं हुआ। आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ा चुके हैं, जबकि कांग्रेस के राहुल गांधी उनके समर्थन में खुले तौर पर कोई बयान देने से परहेज़ कर रहे हैं। इस खामोशी के बीच सवाल उठता है – क्या यह कांग्रेस का सूझ-बूझ वाला सियासी दांव है या तेजस्वी यादव के सीएम चेहरे को लेकर असली दुविधा ? Bihar Assembly Election 2025
बिहार विधानसभा 2025 के सियासी रणभूमि में महागठबंधन की रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने खुद को सीएम उम्मीदवार के रूप में पेश कर दिया है और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनका समर्थन किया है। इसके बावजूद कांग्रेस के राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान खुले तौर पर तेजस्वी का समर्थन करने से परहेज़ किया। महागठबंधन की कई बैठकों और दौरे के बाद भी इंडिया ब्लॉक ने सीएम चेहरे को लेकर कोई साफ़ घोषणा नहीं की, जिससे बिहार के राजनीतिक माहौल में रहस्य और सस्पेंस दोनों कायम हैं।
बिहार विधानसभा 2025 में कांग्रेस ने बीजेपी जैसी रणनीति अपनाते हुए तेजस्वी यादव के सीएम चेहरे को लेकर सस्पेंस बनाए रखा है। पार्टी का मानना है कि अगर तेजस्वी यादव का नाम सामने आता है तो यादव समाज के अलावा अन्य जातियों के वोट पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में यह बात तेजस्वी यादव को स्पष्ट कर दी थी। हालांकि कांग्रेस ने भरोसा दिलाया है कि सरकार बनने पर तेजस्वी को सीएम बनाया जा सकता है, लेकिन विधानसभा चुनाव में उनके नाम की घोषणा करना पार्टी के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
एक सर्वे के अनुसार, तेजस्वी यादव बिहार में सबसे लोकप्रिय सीएम चेहरे हैं। मई के सर्वे में 36.9 प्रतिशत लोगों ने उन्हें सीएम के तौर पर पसंद किया, जबकि नीतीश कुमार को 18.4 प्रतिशत समर्थन मिला। इसके बावजूद कांग्रेस उनकी घोषणा नहीं करना चाहती। 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक ने पीएम चेहरे को घोषित किए बिना चुनाव लड़ा था। उसी रणनीति को बिहार में दोहराया जा रहा है। कोऑर्डिनेशन कमेटी में तेजस्वी यादव को लीड रोल दिया गया है, लेकिन सीएम चेहरा घोषित नहीं किया गया। इसका मकसद है – किसी समाज के वोट को छिटकने से रोकना और पार्टी के अंदर एकजुटता बनाए रखना। Bihar Assembly Election 2025