अजीत पंवार की मौत के मामले में आया बड़ा मोड़

भाजपा सांसद द्वारा अजीत पंवार की मौत के मामले की जांच की मांग यह इशारा कर रही है कि वास्तव में अजीत पंवार की मौत के मामले में कोई बड़ी गड़बड़ी हो सकती है।

अजीत पवार
अजीत पवार
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 06:20 PM
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Ajit Pawar : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार की मौत के मामले में बहुत बड़ा मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ लोकसभा क्षेत्र से सांसद अरूण गोविल ने अजीत पंवार की मौत के मामले की जांच कराने की मांग की है। भाजपा सांसद द्वारा अजीत पंवार की मौत के मामले की जांच की मांग यह इशारा कर रही है कि वास्तव में अजीत पंवार की मौत के मामले में कोई बड़ी गड़बड़ी हो सकती है।

अजीत पंवार की मौत के मामले में क्या बोले भाजपा सांसद?

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार की मौत के कारण चारों तरफ शोक व्याप्त है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद अरूण गोविल का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। टीवी के रामायण सीरियल में राम की भूमिका निभाने वाले भाजपा सांसद अरूण गोविल ने अजीत पंवार की मौत की जांच कराने की मांग की है। अजीत पंवार की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए भाजपा सांसद अरूण गोविल ने इस मामले की गहनता से जांच कराने की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए गोविल ने इस नुकसान को 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' और 'दुखद' बताया. साथ ही विमान के साथ क्या हुआ, इसकी पूरी जांच की मांग की है. अरुण गोविल ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, 'यह वाकई बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इतने अच्छे नेता को खोना दुखद है. इस दुखद घटना के कारण को समझने के लिए जांच होना बहुत जरूरी है.' अजित पवार के निधन के बाद सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी पवार की मौत पर दुख व्यक्त किया था. उन्होंने इसे 'भयानक' बताया. कंगना ने नई दिल्ली में संसद के बाहर मीडिया से कहा, 'ओह माय गॉड. यह बहुत भयानक है. यह इतनी भयानक खबर है. भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं. अपने इमोशंस को अलाइन करके, मैं बाद में स्टेटमेंट दूंगी.'

अजीत पंवार की मौत पर इमोशनल हुए रितेश देशमुख

कंगना रनौत से पहले एक्टर रितेश देशमुख ने भी सोशल मीडिया पर इमोशनल नोट लिखा था. रितेश और अजित पवार के परिवारों के अच्छी दोस्ती थी. ऐसे में उन्होंने लिखा, 'अजित दादा को इस दुखद दुर्घटना में खोने की खबर से गहरा सदमा लगा है और दिल टूट गया है. महाराष्ट्र के सबसे डायनामिक लीडर्स में से एक, उनके पास नॉन-परफॉरमेंस के लिए जीरो टॉलरेंस था और वे हमेशा अपने आसपास के लोगों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करते थे. वे कभी शब्दों को नरम नहीं करते थे, उनकी हाजिरजवाबी का कोई मुकाबला नहीं था, और पूरे राज्य से उन्हें बहुत प्यार मिलता था. उनकी असमय मौत से बड़ा नुकसान हुआ है और एक ऐसा खालीपन छूट गया है जो भरना मुश्किल है. मुझे उनसे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला, उनकी दयालुता को हमेशा याद रखूंगा. पवार परिवार, उनके प्रियजनों और लाखों समर्थकों को मेरी गहरी संवेदनाएं.'

कैसे चली गई अजीत पंवार की जान?

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार बुधवार, 28 जनवरी को अपने चार्टर्ड प्लेन के क्रैश होने से जान गंवा बैठे. प्लेन बारामती एयरपोर्ट के लैंडिंग रनवे के पास क्रैश हुआ, जिसमें अजित पवार के साथ उनके साथी यात्री भी शामिल थे. घटनास्थल की तस्वीरों में प्लेन में आग लगी हुई और धुआं उठता दिख रहा है. पवार बारामती में जिला परिषद चुनाव के लिए पब्लिक रैली में शामिल होने जा रहे थे. उनके साथ दो अन्य लोग, एक पीएसओ और एक अटेंडेंट के साथ-साथ दो क्रू मेंबर थे. उत्तर प्रदेश के मेरठ से भाजपा सांसद अरूण गोविल के बयान के बाद इस विमान दुर्घटना पर सवाल उठने लगे हैं। : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार की मौत के मामले में बहुत बड़ा मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ लोकसभा क्षेत्र से सांसद अरूण गोविल


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मध्य प्रदेश: मदरसों में गीता पढ़ाने के बयान से राजनीति तेज

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजी राजा बाबू सिंह द्वारा मदरसों में कुरान के साथ भगवद गीता पढ़ाने के सुझाव ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

Teaching the Gita in madrasas
मदरसों में गीता पढ़ाने के मुद्दे पर गरमाई सियासत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Jan 2026 06:10 PM
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madhya pradesh news : गणतंत्र दिवस के अवसर पर एडीजी सिंह ने सीहोर जिले के दोहरा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीनतुल उलूम के छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद के दौरान यह बात कही थी। एडीजी राजा बाबू सिंह ने कहा कि जिस तरह कुरान इंसान को सही राह दिखाती है, उसी तरह भगवद गीता जीवन मूल्यों, कर्तव्यबोध और नैतिकता की शिक्षा देती है। उन्होंने मदरसों में धार्मिक ग्रंथों के साथ-साथ गीता के अध्ययन की जरूरत पर जोर दिया।

मदरसा संचालक का समर्थन

एडीजी के बयान पर मदरसा संचालक अमीन उल्लाह ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होता। जिस ग्रंथ से समाज और देश को आगे बढ़ाने की सीख मिले, उसका अध्ययन किया जाना चाहिए। अमीन उल्लाह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अब तक गीता का अध्ययन नहीं किया है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से पहले स्वयं गीता पढ़ेंगे, उसके बाद ही बच्चों को पढ़ाने को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा का समर्थन

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने एडीजी राजा बाबू सिंह के सुझाव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भगवद गीता मानवता की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है, जिससे आत्मबल और सामाजिक समरसता का ज्ञान मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मदरसों में हिंदू बच्चों को उर्दू पढ़ाई जा सकती है, तो गीता पढ़ाने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उनके अनुसार गीता सभी को पढ़नी और पढ़ानी चाहिए।

कांग्रेस का विरोध

वहीं कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने कहा कि एडीजी को मदरसों की पढ़ाई पर टिप्पणी करने के बजाय प्रदेश की कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या, लूट और अपराध की घटनाएं हो रही हैं और ऐसे में एडीजी का इस तरह का बयान गैरजरूरी है। मदरसों में तालीम देने का काम मौलानाओं का है, जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं।

सियासी बहस तेज

कुल मिलाकर एडीजी के गीता पाठ संबंधी सुझाव, मदरसा संचालक के सकारात्मक रुख और राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि गीता अध्ययन के बाद मदरसे में बच्चों को इसका पाठ पढ़ाया जाएगा या नहीं। madhya pradesh news

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बिहार में का बा वाली नेहा सिंह राठौर आई सरकार के समर्थन में

लगातार सरकार का विरोध करने वाली .... का बा.... फेम गायिका नेहा सिंह राठौर अचानक भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़ी हो गई है। नेहा सिंह राठौर के केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़े होने पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।

प्रसिद्ध लोक कलाकार नेहा सिंह राठौर
प्रसिद्ध लोक कलाकार नेहा सिंह राठौर
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 04:10 PM
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Neha Singh Rathore : " बिहार में का बा.. " शीर्षक से गीत गाने वाली नेहा सिंह राठौर प्रसिद्ध लोक कलाकार हैं। नेहा सिंह राठौर हमेशा सरकार के विरोध में गीत तथा गाने गाती रहती है। सरकार के विरोध में खुलकर आवाज उठाने के कारण नेहा सिंह राठौर के विरूद्ध अनेक FIR भी दर्ज हुई हैं। लगातार सरकार का विरोध करने वाली .... का बा.... फेम गायिका नेहा सिंह राठौर अचानक भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़ी हो गई है। नेहा सिंह राठौर के केन्द्र सरकार के समर्थन में खड़े होने पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।

UGC नियमों का समर्थन करके ​किया केन्द्र सरकार का बचाव

इन दिनों देश भर में UGC के नए नियमों का विरोध हो रहा है। अब UGC विवाद में लोक कलाकार नेहा सिंह राठौर भी सामने आइ्र है। नेहा सिंह राठौर ने UGC के नए नियमों का समर्थन करते हुए केन्द्र सरकार का खुलकर बचाव किया है। प्रसिद्ध लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक वीडियो शेयर करते हुए विरोध करने वालों से यह अपील की है कि वे देशहित के ऊपर जाति और बिरादरी को ना रखें। नेहा ने ढाई मिनट का वीडियो बनाकर पोस्ट किया है और इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, “सम्मान बचाने वाले कानून से किसे दिक्कत है? 18-18 घंटे मेहनत करने के बाद ये कानून बना है। इसका सम्मान कीजिए।”

केन्द्र सरकार के समर्थन में बोली नेहा सिंह राठौर

इसके अलावा नेहा सिंह राठौर ने वीडियो में कहा, “चोरी के खिलाफ कानून बनने से किसे दिक्कत होगी, जो चोर होगा। अत्याचार के खिलाफ कानून बनने से कौन तिलमिलाएगा, जो अत्याचारी होगा। भेदभाव रोकने वाले कानूनों का विरोध कौन करेगा, जो खुद भेदभाव करता होगा। अगर कोई कानून किसी वर्ग या समूह के सम्मान को बचाने के लिए बनाया जाता है, तो इसमें दिक्कत क्या है। जातिगत भेदभाव और पक्षपात हमारे समाज की पुरानी बीमारी है और पुरानी बीमारियों का इलाज कड़वी दवाइयों से ही होता है।”इसके आगे उन्होंने कहा, “एससी-एसटी एक्ट ऐसी ही कड़वी दवाई थी, जिसका भरपूर विरोध किया गया था। आरक्षण भी एक ऐसी ही कड़वी दवा है जिसका खूब विरोध होता है। लेकिन मेरा यकीन कीजिए कड़वी दवाइयों ने समाज की सेहत में सुधार ही किया है। कही कुछ लोग इस वजह से तो नाराज नहीं हैं कि वो अब दूसरों को अपमानित नहीं कर पाएंगे। कहीं उन्हें ये तो नहीं लगा रहा है कि इससे उनका अवैध विशेषाधिकार छीनने वाला है।”नेहा यहीं नहीं रुकी इसके आगे उन्होंने कहा, “देश का संविधान समानता के बुनियादी सिद्धांत पर टिका है लेकिन क्या इस देश का हर नागरिक बराबर सम्मान पाता है। दरअसल नहीं, बीते तमाम सालों में ले देकर एक काम तो ढंग का हुआ है और कुछ लोग इसका भी विरोध करने लग गए और विरोध कर भी कौन रहा है वही लोग जो अखंड भारत के नाम पर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी चीजों से समझौता करने को तैयार थे। वही लोग जो राष्ट्रवाद के नाम पर अपने ही देश के नागरिकों की लिंचिंग तक को सही बताते हैं। कल तक जो लोग सरकार से चार कायदे के सवाल पूछने को देशद्रोह कहते थे, आज वही लोग एक ढंग का कानून आने पर बिलबिला रहे हैं। क्यों भाई, अब मजा नहीं आ रहा है क्या।”


देश के हित में बताया UGC कानून

का बा फेम गायिका नेहा सिंह राठौर ने X पर पोष्ट की गई अपनी वीडियो के अंत में कहा कि “देश का हर नागरिक गौरव बढ़ाने वाला, सम्मानित और कॉन्फिडेंट महसूस नहीं करेगा, तब तक ये देश मजबूत नहीं होगा। देशवासियों के गौरव को बढ़ाने वाला यह कानून देश के हित में है। इस कानून के खिलाफ बोलने वाले लोग देशहित के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्हें यह काम नहीं करना चाहिए। जातिगत स्वार्थ के लिए देश हित से समझौता मत कीजिए। देश को मजबूत बनाने वाले कानून का समर्थन कीजिए। सबसे पहले देश है। जाति और बिरादरी बहुत बाद में आती है। वैसे भी ये मामूली कानून नहीं है। 18-18 घंटे मेहनत करने के बाद ये कानून बनाया गया है। आपको इसका सम्मान करना चाहिए।” Neha Singh Rathore

यहां नीचे ​देख सकते हैं का बा वाली नेहा सिंह राठौर का वीडियो....


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