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महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच लगातार नए खुलासों की ओर बढ़ रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में ठाणे पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को बिहार की राजधानी पटना के शेरपुर गांव से गिरफ्तार किया है।

Paper Leak Case : महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच लगातार नए खुलासों की ओर बढ़ रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में ठाणे पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को बिहार की राजधानी पटना के शेरपुर गांव से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे महाराष्ट्र लाकर भिवंडी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस कार्रवाई के साथ ही जांच एजेंसियों ने पेपर लीक रैकेट के आर्थिक नेटवर्क, तकनीकी सबूतों और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। हालिया गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है।
Paper Leak Case
जांच अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सुमन कुमारी की भूमिका की जांच शुरू की। अब यह पता लगाया जा रहा है कि क्या उसके बैंक खातों का इस्तेमाल पेपर लीक से जुड़े पैसों के लेन-देन में किया गया था या उसने फरार आरोपी को किसी प्रकार की मदद पहुंचाई थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी तक पहुंचने में उसके पास कोई महत्वपूर्ण जानकारी है या नहीं।
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भिवंडी कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने दलील दी कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ना बाकी है। इसके बाद अदालत ने सुमन कुमारी को 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि उनकी मुवक्किल का इस मामले से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और वह केवल अपने पति से फोन पर बातचीत करती थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही उसकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता की तलाश में ठाणे पुलिस की टीमें बिहार सहित कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह समस्तीपुर जिले के एक गांव में छिपा हुआ है, लेकिन दबिश से पहले ही वह वहां से फरार हो गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हो सकता है, इसलिए विभिन्न राज्यों की पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र उत्तर प्रदेश के आगरा में छापे गए थे। आरोप है कि वहीं से प्रश्नपत्र अवैध तरीके से बाहर निकालकर दिल्ली के रास्ते महाराष्ट्र पहुंचाए गए।
इस मामले में आगरा से जुड़े कुछ संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता का नाम इससे पहले वर्ष 2023 में ओडिशा के एसएससी पेपर लीक मामले में भी सामने आया था। उस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी, हालांकि बाद में उसे अदालत से जमानत मिल गई थी। पुलिस अब उसके पुराने मामलों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी बड़े अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह का हिस्सा है।
पेपर लीक की पुष्टि के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 28 जून को प्रस्तावित एसएससी परीक्षा स्थगित कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच तेज कर दी गई है। विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल पुलिस का फोकस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, पैसों के लेन-देन की जांच और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे तकनीकी और वित्तीय साक्ष्य सामने आएंगे, मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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