यदि किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या कट गया है, तो इससे उसकी नागरिकता समाप्त नहीं होती। मतदाता सूची का उद्देश्य सिर्फ यह पहचानना है कि कौन-कौन मतदान के योग्य है। मतदाता सूची में नाम न होना नागरिकता खत्म होना नहीं है।

इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि मतदाता सूची और नागरिकता दो अलग-अलग चीजें हैं। यदि किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या कट गया है, तो इससे उसकी नागरिकता समाप्त नहीं होती। मतदाता सूची का उद्देश्य सिर्फ यह पहचानना है कि कौन-कौन मतदान के योग्य है। मतदाता सूची में नाम न होना नागरिकता खत्म होना नहीं है।
नाम एसआईआर के दौरान कट जाता है, तो फिर से जुड़ सकता है
फार्म भरने की 4 दिसंबर अंतिम तिथि है। फॉर्म लगभग 98% घरों में वितरित किए जा चुके हैं। आप यह फॉर्म बीएलओ को जमा करें, वे उसकी एक हस्ताक्षरित कॉपी आपको देंगे। अगर 2002/2003 की वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है तो फिर भी फॉर्म भर सकते हैं।
इसके बाद जिला निर्वाचन कार्यालय नोटिस देगा, सुनवाई होगी और आपके 10 निर्धारित दस्तावेजों में से कुछ मांगे जा सकते हैं, जिनमें हैं।
* जन्म प्रमाणपत्र
* स्कूल प्रमाणपत्र
* डोमिसाइल
* पासपोर्ट आदि
यदि घर पर आप मौजूद नहीं हैं। बीएलओ 3 बार आएगा। परिवार का कोई भी सदस्य फॉर्म भर सकता है। बाहर रहने वाले लोग ईपिक लिंक करके आॅनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। बीएलओ का काम खत्म होने के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी। आप आॅनलाइन अपना नाम चेक कर सकेंगे। नाम न होने पर 1 महीने के भीतर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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