रवीश कुमार NDTV न्यूज़ चैनल के एक जाने-माने पत्रकार रहे हैं हालांकि अडानी ग्रुप के द्वारा इस न्यूज़ चैनल का अधिग्रहण किये जाने पर उन्होंने इस न्यूज़ चैनल से अपने रास्ते अलग कर लिए। एक इंटरव्यू में उनसे न्यूज़ चैनल छोड़ने और राजनीति में आने से जुड़े हुए कुछ अहम सवाल पूछे गए जिसपर उन्होंने अपनी राय स्पष्ट करते हुए जवाब दिए। आइये जानते हैं कि क्या वाकई में पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में उतरने वाले हैं रवीश कुमार?
NDTV के मंच को छोड़ने पर जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या उन्हें अब इस प्लेटफार्म पर काम करने की आजादी नहीं मिल पा रही थी तो इस बात का जवाब देते हुए रवीश कुमार ने कहा कि, बात सिर्फ आजादी की नहीं है। मेरे लिए वह इंसान और उसकी साख मायने रखती है जिसके डायरेक्शन में यह कंपनी आगे बढ़ रही है। वे पुरानी NDTV में प्रणव रॉय और राधिका रॉय के डायरेक्शन में जैसा काम करके खुश थे वैसी ख़ुशी अब उन्हें इस नये NDTV पर काम करके नहीं होती। इसलिए उन्होंने चैनल को छोड़ना सही समझा।
राजनीति में आने के सवाल पर क्या बोले रवीश कुमार?
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अब वे पत्रकारिता जगत से निकल कर राजनीति में आएंगे, क्योंकि वे अधिकतर समय सरकार की आलोचना करते हैं? इसका जवाब देते हुए रवीश कुमार ने कहा कि, वे वही काम करना चाहते हैं जिसके उन्हें सपने आते हैं। और उनके सपनों में आज भी टीवी आता है। एक स्टूडियो का रंग, वहां की लाइटिंग उन्हें हमेशा आकर्षित करती है। हालांकि राजनीति में जो उनके दोस्त या शुभचिंतक हैं, वे उन्हें अक्सर सलाह देते रहते हैं कि उन्हें राजनीति में जरूर आना चाहिये।
सरकार की आलोचना पर क्या बोले रवीश कुमार?
जब उनसे यह सवाल किया गया कि आप कभी भी सरकार की नीतियों की तारीफ नहीं करते या उन्हें अपनी खबरों में शामिल नहीं करते तो इस पर रवीश कुमार ने जवाब दिया कि, उनके शो में कभी भी बीजेपी के प्रवक्ताओं या नेताओं को नहीं भेजा जाता था। ऐसे में वे उनकी तारीफ कर भी कैसे सकते हैं? और अन्य न्यूज़ चैनल पर निशाना साधते हुए वे बोले कि क्या रवीश कुमार के द्वारा तारीफ सुनना उनके लिए इतना महत्वपूर्ण है? जबकि अन्य कई लोग यह काम काफ़ी दिनों से कर रहे हैं।