World Braille Day 2023- जानें वर्ल्ड ब्रेल डे का इतिहास और महत्व
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 05:37 PM
World Braille Day 2023- क्या आप में से किसी ने भी ग्रैटिट्यूड प्रैक्टिस किया है। अगर नहीं तो प्लीज ट्राई करिएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि हम इस भागदौड़ भरी जिंदगी में थैंक्स बोलना ही बोल जाते हैं और आभार ही व्यक्त नहीं कर पाते हैं। लेकिन बहुत ज़रूरी है आभार व्यक्त करना। जो भी आपके पास है वो सब एक उपहार है। आपके शरीर के जितने अंग है वो सब भी एक उपहार ही हैं। आप सबका आभार व्यक्त करें। क्या आपने कभी उन लोगों के बारे में सोचा है जिनके शरीर में कोई अंग खराब होता है या अंग होता ही नहीं है?
हमें अपने शरीर के एक महत्वपूर्ण अंग का ज़रूर ही शुक्रगुजार होना चाहिए और वो हैं हमारी आंखें। इनकी वजह से हम सब कुछ देख पाने के काबिल हैं। लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके पास आंखें ही नहीं है और वो देख नहीं सकते हैं। ऐसे लोगों को ही प्रोत्साहित करने के लिए हर साल 4 जनवरी को ब्रेल डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को लुइस ब्रेल के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। लुइस ब्रेल वो व्यक्ति थे जिन्होंने ब्रेल लिपि का आविष्कार किया था। ब्रेल लिपि के बारे में आप सब जानते तो हैं न? ब्रेल लिपि असल में दृष्टिबाधित लोगों के लिए होती है इसके माध्यम से नेत्रहीन व्यक्ति पढ़ सकते हैं।
वर्ल्ड ब्रेल डे को मनाने की शुरुआत-
ब्रेल डे (World Braille Day) को लेकर 6 नवंबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया था। इसमें ये लिखा था कि हर वर्ष 4 जनवरी को लुइस ब्रेल के जन्मदिन के अवसर पर उनके सम्मान में ब्रेल डे मनाया जाएगा। इसके बाद से हर साल ये दिन दृष्टिबाधित लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिन को पहली बार 4 जनवरी, 2019 में मनाया गया था।
ब्रेल डे को मनाने का उद्देश्य-
इसका मुख्य उद्देश्य है लोगों में ब्रेल को लेकर जागरूकता फैलाना। साथ ही वर्ल्ड ब्रेल डे (World Braille Day) को इसलिए भी मनाया जाता है ताकि दृष्टिबाधित लोगों को प्रोत्साहित किया जा सके और उन्हें उनके अधिकार प्रदान किये जा सकें। इस दिन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता क्योंकि इस दिन ब्रेल लिपि को बढ़ावा मिलता है।