World Intellectual Property Day: जानें क्या है विश्व बौद्धिक संपदा दिवस का इतिहास, महत्व और इस वर्ष की थीम
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:03 AM
World Intellectual Property Day: हर साल 26 अप्रैल को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क के हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करना। 26 अप्रैल के दिन दुनियाभर में लोगों को रचनात्मकता और नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसी के साथ ही भविष्य के स्थायी समाधान के लिए युवा पीढ़ी की क्षमताओं पर आज विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाता है।
History of World Intellectual Property Day: विश्व बौद्धिक संपदा दिवस का इतिहास-
साल 1970 में WIPO कन्वेंशन की स्थापना हुई थी और इसी की स्थापना को लेकर हर साल जश्न के रूप में 26 अप्रैल को बौद्धिक संपदा दिवस मनाने की घोषणा की गई। साल 2000 में इस दिन को मनाने को लेकर सहमति प्रदान की गई थी और तभी से हर साल 26 अप्रैल को ये दिन मनाया जाता है।कन्वेंशन का उद्देश्य मुख्य रूप से बौद्धिक संपदा और इसके प्रभावों को लेकर मानव जीवन में जो दूरी है, उसको मिटाना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन इस दिन बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दुनिया भर में नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की उम्मीद करता है।
World Intellectual Property Day Theme for 2023: विश्व बौद्धिक संपदा थीम 2023-
हर साल इस विशेष दिन की एक थीम निर्धारित की जाती है। इस साल 2023 के लिए इस दिन की थीम 'Women and IP: Accelerating Innovation and Creativity' निर्धारित की गई है। इस बार ये थीम महिलाओं को सम्मानित करने के लिए रखी गई है क्योंकि हर क्षेत्र में महिलाएं दुनिया को बदलने का काम कर रही हैं और नए रचनात्मक रुझानों को स्थापित कर रही हैं। ऐसे में महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करने की ज़रूरत है।