गलत चालान कटने से न हों परेशान, अपनाएं ये 3 असरदार तरीके, मिनटों में हो सकता है रद
Wrong Chalan
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:28 PM
Wrong Chalan : डिजिटल ट्रैफिक निगरानी के इस दौर में गलत चालान कटना आम हो गया है। कभी-कभी बिना गलती से भी आपके मोबाइल पर चालान का मैसेज आ जाता है। इसका कारण ट्रैफिक कैमरे की तकनीकी गड़बड़ी, गलत नंबर प्लेट रीडिंग या किसी अन्य वाहन से नंबर मिलना हो सकता है। मगर घबराइए नहीं, ऐसे चालान को चुनौती देना और रद करवाना पूरी तरह संभव है। यहां हम आपको बताते हैं तीन आसान और वैध तरीके, जिनसे आप गलत चालान से राहत पा सकते हैं।
1. आनलाइन करें आपत्ति दर्ज, घर बैठे हल
अगर आप टेक-सेवी हैं तो ट्रैफिक चालान को डिजिटल माध्यम से चुनौती देना सबसे तेज और सरल तरीका है।
क्या करें :
-संबंधित ट्रैफिक पुलिस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
-डिस्प्यूट / कम्प्लेंट सेक्शन पर क्लिक करें।
-मांगी गई जानकारी भरें, चालान नंबर, गाड़ी नंबर, मोबाइल नंबर।
-सबूत अपलोड करें, जैसे सीसीटीवी की गलत तस्वीर, जीपीएस लोकेशन का स्क्रीनशॉट, वाहन की फोटो आदि।
-फॉर्म सबमिट करें और रसीद संभाल लें।
अगर शिकायत सही पाई गई, तो चालान स्वत: ही रद हो जाता है।
2. ट्रैफिक थाने में जाकर दें शिकायत, आफलाइन तरीका
अगर आप आॅनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, तो सीधे ट्रैफिक पुलिस स्टेशन जाकर आप अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
क्या लें साथ :
-चालान की प्रिंटेड कॉपी
-वाहन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज
-एक पहचान पत्र
-अपने दावे के समर्थन में जरूरी सबूत
-आप लिखित शिकायत दें, जिस पर पुलिस जांच के बाद निर्णय लेती है।
-टिप्स : दिल्ली में ट्रैफिक हेल्पलाइन, 1095 (टोल फ्री), 011-2584-4444 पर कॉल कर मदद ली जा सकती है। अन्य राज्यों की जानकारी उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
3. कोर्ट या लोक अदालत का सहारा, अगर मामला गंभीर हो
अगर पहले दोनों विकल्पों से बात नहीं बनती, तो आप न्यायालय या लोक अदालत में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। गलत चालान मिलने पर घबराएं नहीं, न ही जल्दबाजी में भुगतान करें। पहले उसकी सत्यता जांचें और फिर उपयुक्त माध्यम से कार्रवाई करें।
कोर्ट में अपील :
-चालान की कॉपी, पहचान पत्र और सबूत लेकर अदालत में आवेदन दें।
-सुनवाई के दौरान अपनी स्थिति और प्रमाण पेश करें।
-अदालत संतुष्ट हुई तो चालान रद कर सकती है।
-यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी जरूर है, लेकिन कानूनी तौर पर प्रभावी होती है।
लोक अदालत :
-बिना वकील, कम दस्तावेजों और जल्द फैसले का रास्ता।
-किसी भी राज्य की ट्रैफिक लोक अदालत में जाकर अपनी आपत्ति रखें।
-अधिकारी आपकी बात से सहमत हुए तो चालान रद या जुमार्ना कम हो सकता है।