महाराष्ट्र में ओला स्कूटर हादसा, पिता-बच्चे की बाल-बाल बची जान
इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने केओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई हैजो कि ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और पर्यावरणीय कारक शामिल बता रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में एक पिता और उसका मासूम बच्चा बाल-बाल बच गए। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे खड़े ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर पर एक व्यक्ति बैठा हुआ था और अपने छोटे बच्चे का इंतजार कर रहा था। जैसे ही बच्चा स्कूटर के फुटबोर्ड पर चढ़ा, उसी दौरान स्कूटर की सीट के नीचे से अचानक सफेद धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए पिता ने तुरंत बच्चे को गोद में उठाया और स्कूटर से दूर हट गए। कुछ ही सेकंड बाद स्कूटर में भीषण आग लग गई।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि धुआं निकलने के तुरंत बाद स्कूटर के निचले हिस्से और टायर के पास आग की तेज लपटें उठने लगती हैं। यदि कुछ पल की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि पिता की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से किसी को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू
आग लगते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की तत्परता से आग को फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
ईवी सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले भी पुणे और बेंगलुरु समेत कई शहरों में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल सोलापुर की इस घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
कंपनी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
ओला इलेक्ट्रिक की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कंपनी पहले यह दावा करती रही है कि उसके बैटरी पैक कई सुरक्षा परतों से लैस हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।
क्या हो सकते हैं ईवी में आग लगने के कारण
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के प्रमुख कारणों में लिथियम-आयन बैटरी में तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और पर्यावरणीय कारक शामिल हो सकते हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग कंपनी से ईवी सुरक्षा को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में एक पिता और उसका मासूम बच्चा बाल-बाल बच गए। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे खड़े ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर पर एक व्यक्ति बैठा हुआ था और अपने छोटे बच्चे का इंतजार कर रहा था। जैसे ही बच्चा स्कूटर के फुटबोर्ड पर चढ़ा, उसी दौरान स्कूटर की सीट के नीचे से अचानक सफेद धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए पिता ने तुरंत बच्चे को गोद में उठाया और स्कूटर से दूर हट गए। कुछ ही सेकंड बाद स्कूटर में भीषण आग लग गई।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि धुआं निकलने के तुरंत बाद स्कूटर के निचले हिस्से और टायर के पास आग की तेज लपटें उठने लगती हैं। यदि कुछ पल की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि पिता की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से किसी को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू
आग लगते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की तत्परता से आग को फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
ईवी सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले भी पुणे और बेंगलुरु समेत कई शहरों में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल सोलापुर की इस घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
कंपनी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
ओला इलेक्ट्रिक की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कंपनी पहले यह दावा करती रही है कि उसके बैटरी पैक कई सुरक्षा परतों से लैस हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।
क्या हो सकते हैं ईवी में आग लगने के कारण
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के प्रमुख कारणों में लिथियम-आयन बैटरी में तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और पर्यावरणीय कारक शामिल हो सकते हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग कंपनी से ईवी सुरक्षा को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।












