महाराष्ट्र में ओला स्कूटर हादसा, पिता-बच्चे की बाल-बाल बची जान

इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने केओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई हैजो कि ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और पर्यावरणीय कारक शामिल बता रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

Ola scooter accident
महाराष्ट्र में ओला स्कूटर हादसा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Jan 2026 07:25 PM
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महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में एक पिता और उसका मासूम बच्चा बाल-बाल बच गए। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे खड़े ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर पर एक व्यक्ति बैठा हुआ था और अपने छोटे बच्चे का इंतजार कर रहा था। जैसे ही बच्चा स्कूटर के फुटबोर्ड पर चढ़ा, उसी दौरान स्कूटर की सीट के नीचे से अचानक सफेद धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए पिता ने तुरंत बच्चे को गोद में उठाया और स्कूटर से दूर हट गए। कुछ ही सेकंड बाद स्कूटर में भीषण आग लग गई।

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि धुआं निकलने के तुरंत बाद स्कूटर के निचले हिस्से और टायर के पास आग की तेज लपटें उठने लगती हैं। यदि कुछ पल की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि पिता की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से किसी को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू

आग लगते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की तत्परता से आग को फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

ईवी सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले भी पुणे और बेंगलुरु समेत कई शहरों में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल सोलापुर की इस घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।

कंपनी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

ओला इलेक्ट्रिक की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कंपनी पहले यह दावा करती रही है कि उसके बैटरी पैक कई सुरक्षा परतों से लैस हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।

क्या हो सकते हैं ईवी में आग लगने के कारण

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के प्रमुख कारणों में लिथियम-आयन बैटरी में तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और पर्यावरणीय कारक शामिल हो सकते हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग कंपनी से ईवी सुरक्षा को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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बालाजी टेलीफिल्म्स का डिजिटल सफर, ‘कटिंग’ का बड़ा कदम

बालाजी टेलीफिल्म्स के तहत एक स्वतंत्र और आधुनिक डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है। अपने टैगलाइन ‘एंटरटेनमेंट का डोज़, हर रोज़’ के साथ कटिंग दर्शकों को हर दिन कुछ नया और मज़ेदार देखने का अनुभव देता है।

Use of microgreens (1)
‘कटिंग’ पर हर दिन नई कहानियों का धमाका (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Jan 2026 03:25 PM
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बालाजी टेलीफिल्म्स ने आज अपने नए डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म ‘कटिंग (Kutingg)’ का ऑफ़िशियल लॉन्च किया। यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर मोबाइल-फर्स्ट दर्शकों के लिए तैयार किया गया है, जहां हर दिन मिलेगा ताज़ा, दमदार और परिवार-फ्रेंडली मनोरंजन। लॉन्च इवेंट में बालाजी टेलीफिल्म्स के ग्रुप CRO नितिन बर्मन, हेड ऑफ कंटेंट मेघना जोशी और कटिंग के सभी ओरिजिनल शोज़ की स्टार कास्ट इकबाल खान, शरद मल्होत्रा, एबिगेल पांडे, शहज़ाद शेख, चाहत पांडे, ऐश्वर्या सखूजा सहित कई कलाकार मौजूद रहे।

हेड ऑफ कंटेंट ने प्लेटफॉर्म के विज़न का परिचय 

हेड ऑफ कंटेंट मेघना जोशी ने प्लेटफॉर्म के विज़न का परिचय देते हुए कहा कि कटिंग का मकसद है सरल, दिलचस्प और परिवार के साथ देखा जा सकने वाला कंटेंट पेश करना। इसके अलावा प्लेटफॉर्म ने कई नए ओरिजिनल शोज़ की भी घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं: मुझे तू चाहिए, एसीपी विक्रांत, ज़ाफना हिल्स, घर तेरा मेरा साथ ही कई वर्टिकल और बिंज-वर्थी शोज़ जैसे मौक़ा, झूठे सवेरे सच्ची रातें, खामोश शिकारी, सीक्रेट पति एंड पॉवर गेम, प्यार एक धोखा, डेली फैमिली ड्रामा प्यारे की राहें और अन्य।

बालाजी टेलीफिल्म्स के ग्रुप CEO & CFO संजय द्विवेदी ने बताया

बालाजी टेलीफिल्म्स के ग्रुप CEO & CFO संजय द्विवेदी ने कहा कि कटिंग हमारे डिजिटल सफर में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य दर्शकों को जाना-पहचाना, आसान और लगातार उपलब्ध कंटेंट देना है। हम चाहते हैं कि कटिंग एक भरोसेमंद और परिवार के साथ देखे जाने योग्य एंटरटेनमेंट डेस्टिनेशन बने। ग्रुप CRO नितिन बर्मन ने बताया कि प्लेटफॉर्म की कंटेंट स्ट्रेटेजी शॉर्ट-बर्स्ट और रोज़ाना एंगेजमेंट पर आधारित है, जिससे दर्शकों और ब्रांड्स दोनों को सार्थक जुड़ाव का अवसर मिलता है।

‘एंटरटेनमेंट का डोज़, हर रोज़’ 

हेड ऑफ कंटेंट मेघना जोशी ने कहा कि हमारा मकसद है रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आसानी से फिट होने वाली कहानियाँ पेश करना। हर शो को इस तरह चुना गया है कि दर्शकों को हर दिन लगातार मनोरंजन मिलता रहे।आज कटिंग, बालाजी टेलीफिल्म्स के तहत एक स्वतंत्र और आधुनिक डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है। अपने टैगलाइन ‘एंटरटेनमेंट का डोज़, हर रोज़’ के साथ कटिंग दर्शकों को हर दिन कुछ नया और मज़ेदार देखने का अनुभव देता है।

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गणतंत्र दिवस परेड 2026 में होने वाला है बड़ा कमाल

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत में बड़ा कमाल होने वाला है। भारत का 77वां गणतंत्र दिवस अनेक मामलों में खास होने वाला है। हम आपको बता रहे हैं भारत के गणतंत्र दिवस 2026 की प्रमुख विशेषताएं।

परेड में दिखेगी भारत की सैन्य ताकत
परेड में दिखेगी भारत की सैन्य ताकत
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar21 Jan 2026 03:26 PM
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Republic Day Parade 2026 : भारत का गणतंत्र दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए बहुत बड़ा पर्व है। वर्ष 2026 में 26 जनवरी को भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर साल शानदार परेड का आयोजन किया जाता है। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत में बड़ा कमाल होने वाला है। भारत का 77वां गणतंत्र दिवस अनेक मामलों में खास होने वाला है। हम आपको बता रहे हैं भारत के गणतंत्र दिवस 2026 की प्रमुख विशेषताएं।

गणतंत्र दिवस 2026 पर खास होगा कर्तव्य पथ का नजारा

आपको बता दें कि भारत के गणतंत्र दिवस 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल देखने को मिलेगी। भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित लॉन्ग रेज एंटी शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल पहली बार कर्तव्य पथ पर दुनिया के सामने अपनी धमक दिखाएगी। यह कारण समुद्र में तैनात दुश्मन के अपनी एयरोडायनामिक दक्षता के युद्धपोती को पलक झपकते ही. तबाह करने की क्षमता रखती है।ध्‍वनी की गति से पांच गुना वालों यह स्वदेशी मिसाइल 1,500 किलोमीटर दूर तक बार कर सकती है। साथ ही यह अलग अलग प्रकार के पेलोड ले जाने में भी सक्षम है। अपनी हाइपरसोनिक गति और बदलते उड़ान प्रोफाइल के कारण इस मिसाइल को राडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों से रोक पाना बेहद कठिन है। इस तकनीक के साथ भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है, जिनके पास हाइपरसोनिक मारक क्षमता है।

ब्रह्मोस मिसाइल भी शामिल होगी गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में

गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में भारत की ब्रह्मोस मिसाइल भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर सटीक निशाना साधने वाली तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस भी आकर्षण का केंद्र होगी। इसके अलावा मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक एयर डिफेस मिसाइलें आकाश और एमआर-सैम भी दिखाई देगी। यह दुश्मन के हवाई हमलों को रोकती हैं। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग और बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय भी कर्तव्य पथ पर भारत की स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी। भैरव बटालियन के जवान करेंगे कदमताल इस बार परेड का खास आकर्षण भैरव बटालियन होगी। यह सैन्य टुकड़ियां वास्तविक युद्ध की तरह कदमताल कर वास्तविक युद्ध की व्यूह रचना पेश करेंगी। इसके जरिये यह दिखाया जाएगा कि युद्ध के मैदान में क्रमवार ढंग से कैसे आगे बढ़ा जाता है। Republic Day Parade 2026