'राजनीति न बाबा न...', पवन सिंह के विवाद पर भी दिया जवाब

खेसारी लाल यादव ने राजनीति से अपनी दूरी और कला के प्रति अपने समर्पण को साफ कर दिया है। वे फिलहाल अपने संगीत और अभिनय पर ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखना चाहते हैं और सामाजिक मुद्दों पर एक जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी बात रखने में ही विश्वास रखते हैं।

Khesari Lal Yadav
खेसारी लाल यादव ने साफ़ किया रुख (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar18 Feb 2026 06:39 PM
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Khesari Lal Yadav : भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने राजनीति में आने की लगातार उड़ रही अटकलों को खारिज करते हुए एक बार फिर साफ शब्दों में कह दिया है कि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। खेसारी ने स्पष्ट किया कि वह एक कलाकार हैं और कलाकार ही रहना चाहते हैं।

'राजनीति में झूठ बोलना पड़ता है, मैं सच बोलता हूं'

खेसारी लाल यादव ने अपनी राजनीति से दूरी का कारण बताते हुए एक बेबाक बयान दिया। उन्होंने कहा, "राजनीति न बाबा न, मुझे कलाकार ही रहने दीजिए। राजनीति में झूठ बोलना पड़ता है और मैं सच बोलने वाला इंसान हूं।" उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव का अनुभव उन्हें मिल चुका है और उन्हें महसूस हुआ कि सच बोलकर राजनीति करना आसान नहीं है। बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि वह कहीं नहीं जा रहे और न ही अभी कोई राजनीतिक योजना है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन संगीत है और कलाकार बने रहकर ही उन्हें खुशी मिलती है।

पवन सिंह के पारिवारिक विवाद पर चुप्पी साधी

अपने समकक्ष और भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह से जुड़े विवाद पर खेसारी ने टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका पारिवारिक मामला है और इस पर बोलने से अनावश्यक विवाद खड़ा होता है। खेसारी ने इस मुद्दे पर संयम बरतते हुए अपनी ओर से किसी भी तरह का राजनीतिक या सामाजिक निवेश से परहेज किया।

सरकार पर तंज, बेटियों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

बिहार के मुद्दों पर खेसारी लाल यादव ने सरकार को घेरते हुए तंज कसा। राज्य में खुले में मीट की बिक्री, शराबबंदी और बेटियों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "बाहर भले कुछ बंद दिखे, लेकिन अंदर सब चलता रहता है।" उन्होंने कहा कि अगर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो यह सरकार की लापरवाही मानी जाएगी। शराबबंदी के मुद्दे पर उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार खुद समीक्षा करे क्योंकि फैसला भी उसी का है।

'स्टार हमेशा नहीं रहते' - तेज प्रताप के बयान पर प्रतिक्रिया

राजद नेता तेज प्रताप यादव के "हर समय स्टार नहीं रहोगे" वाले बयान पर खेसारी ने संजीदा रुख अख्तियार किया। उन्होंने सहमति जताते हुए कहा कि यह सच है, कोई भी हमेशा स्टार नहीं रह सकता।

भोजपुरी का मान और चुनाव प्रचार

भोजपुरी कला और संस्कृति को लेकर खेसारी काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि कोई भी कलाकार या खिलाड़ी भोजपुरी का नाम रोशन करे, यही बड़ी बात है। क्रिकेटर ईशान किशन और एमएस धोनी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार-झारखंड के लोग जहां भी नाम कमा रहे हैं, वह गर्व की बात है। पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि अगर कोई बुलाएगा तो वह चुनाव प्रचार के लिए जा सकते हैं, चाहे वह भारतीय जनता पार्टी हो या राष्ट्रीय जनता दल। उन्होंने कहा कि रिश्ते के आधार पर वह हर किसी के लिए प्रचार करने जा सकते हैं। Khesari Lal Yadav Statement

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बारामती हादसा: ईंधन पर उठे सवालों के बीच लोढ़ा का पलटवार

लोढ़ा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने डायरेक्टर ऑफ सेफ्टी को पत्र लिखकर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच दल को सबसे महत्वपूर्ण सबूत 'ब्लैक बॉक्स' और ट्रांसमिशन डेटा मिल चुका है।

Mangal Prabhat Lodha Ajit Pawar Plane Crash
लोढ़ा ने रोहित पवार के 'बम' सिद्धांत को कहा निराधार (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar18 Feb 2026 05:34 PM
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Mangal Prabhat Lodha Ajit Pawar Plane Crash: बारामती में हुए विमान हादसे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दिग्गज नेता अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की सियासत में हवा के झोंके तेज हो गए हैं। हादसे को लेकर सामने आ रही 'साजिश' की चर्चाओं ने राजनीतिक संघर्ष का नया दौर शुरू कर दिया है। विधायक रोहित पवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मुखर विरोध किया है, साथ ही उन्होंने इन अटकलों को बिल्कुल निराधार बताया है।

रोहित पवार का 'विस्फोटक' दावा: 'दुर्घटना नहीं, साजिश थी'

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब विधायक रोहित पवार ने बुधवार को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने इस हादसे को महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक 'सोची-समझी साजिश' बताया। रोहित पवार ने सवाल उठाते हुए कहा कि हादसे के दिन बारामती में बहुत कम दृश्यता (Visibility) के बावजूद पायलट कैप्टन सुमित कपूर ने विमान को वापस नहीं मोड़ा। इससे भी गंभीर आरोप यह था कि विमान में जरूरत से कहीं ज्यादा, लगभग 3000-3500 लीटर ईंधन भरा गया था। उन्होंने आरोप लगाया, "विमान के अंदर ईंधन के अतिरिक्त कैन भी रखे गए थे, ताकि टकराते ही विमान एक विशाल 'बम' की तरह फट जाए और सारे सबूत मिट्टी में मिल जाएं।" इन बयानों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।

लोढ़ा का जवाब: 'ब्लैक बॉक्स' में है सच्चाई, बचें राजनीति से

रोहित पवार के इन 'इंधन वाले दावो' पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कड़ा पलटवार किया। लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस तथ्य के सार्वजनिक रूप से शंका जताना और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने कहा, "रोहित पवार को शुरुआत में कोई शंका नहीं थी, लेकिन अब वे बिना तथ्यों के बयानबाजी कर रहे हैं। यह जांच को प्रभावित करने वाला कदम है।"

लोढ़ा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने डायरेक्टर ऑफ सेफ्टी को पत्र लिखकर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच दल को सबसे महत्वपूर्ण सबूत 'ब्लैक बॉक्स' और ट्रांसमिशन डेटा मिल चुका है, जिसका वैज्ञानिक विश्लेषण जारी है। लोढ़ा ने कहा, "जब तक आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी भी तरह का कयास लगाना गैर-जिम्मेदाराना है। सरकार इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

विवादों के बीच सरकार का फोकस: आपदा प्रबंधन और शिक्षा

राजनीतिक तनाव के बीच मंत्री लोढ़ा ने प्रशासनिक कार्यों पर भी फोकस बनाए रखा। उन्होंने 'अनिरुद्धबापू आपदा प्रबंधन अकादमी' और 'महाराष्ट्र स्किल डेवलपमेंट' के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को समय की महत्वपूर्ण जरूरत बताया। लोढ़ा ने कहा, "एआई (AI) के युग में भी आपदा के समय 'गोल्डन ऑवर' में जान बचाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की कमी है। इस पहल से न केवल आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सेवा की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।" Mangal Prabhat Lodha Ajit Pawar Plane Crash

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मुंबई RPF ने ‘फर्जी बाबा बंगाली’ का किया पर्दाफाश

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग 15,000 मुद्रित पोस्टर बरामद किए हैं। इन पोस्टरों पर ‘बाबा बंगाली’ की ओर से वशीकरण, प्रेम बाधा दूर करने और नौकरी दिलाने जैसी झूठी दावेदारी की गई थी।

Fake Baba Racket
फर्जी बाबा रैकेट के पीछे पूरे गिरोह का खुलासा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar18 Feb 2026 04:28 PM
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Fake Baba Racket: मुंबई की लोकल ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को अंधविश्वास के जाल में फंसाने वाले ‘फर्जी बाबा बंगाली’ रैकेट का भंडाफोड़ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने किया है। सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो रेलवे की संपत्ति पर अवैध विज्ञापन चिपकाकर लोगों को लूट रहा था।

छापेमारी और गिरफ्तारी

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के विशेष निर्देशों पर मंगलवार, 17 फरवरी को रे रोड इलाके में दारुखाना स्थित मीरा अली दरगाह के पास छापेमारी की गई। RPF की आईटी सेल और सतर्कता टीम को इस रैकेट की जानकारी लंबे समय से थी। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया और आरोपी मोहम्मद नजीर अंदारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

भारी मात्रा में बरामदगी

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग 15,000 मुद्रित पोस्टर बरामद किए हैं। इन पोस्टरों पर ‘बाबा बंगाली’ की ओर से वशीकरण, प्रेम बाधा दूर करने और नौकरी दिलाने जैसी झूठी दावेदारी की गई थी। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि वह बिना किसी आधिकारिक अनुमति के ट्रेनों के डिब्बों और स्टेशनों की दीवारों पर ये पोस्टर चिपकाता था ताकि लोगों की नजर उन पर पड़े और वे फंस जाएं।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए वडाला RPF स्टेशन में रेलवे अधिनियम की धारा 144 (अवैध फेरी), 145(बी) (न्यूसेंस), 147 (अतिक्रमण) और 166 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को शक है कि यह काम केवल एक व्यक्ति नहीं कर रहा था, बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है। जांचकर्ता अब उन प्रिंटिंग प्रेसों को खोज रहे हैं जहां ये पोस्टर छपते थे और इस रैकेट के वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि इस नेटवर्क के सूत्र मुंबई के बाहर भी जुड़े हो सकते हैं। Fake Baba Racket

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