जुबीन की मौत में बड़ा खुलासा, मैनेजर और आयोजक गिरफ्तार
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 07:09 PM
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 07:09 PM
सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई जुबीन गर्ग की मौत के मामले में अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। असम के लोकप्रिय गायक और लाखों दिलों की धड़कन रहे जुबीन गर्ग के आकस्मिक निधन ने पूरे पूर्वोत्तर भारत को झकझोर दिया था। अब इस मामले में जांच एजेंसियों की सख्ती बढ़ती नजर आ रही है। Zubeen Garg Death Case
मैनेजर और आयोजक गिरफ्तार
ताजा अपडेट के मुताबिक, जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और 'नॉर्थईस्ट फेस्टिवल' के आयोजक श्यामकानु महांता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। श्यामकानु को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया, जबकि सिद्धार्थ को गुरुग्राम से अरेस्ट किया गया। दोनों को 14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है जहां असम पुलिस उनसे आगे की पूछताछ करेगी।
पत्नी गरिमा गर्ग ने जताया था संदेह
इससे पहले जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग ने सार्वजनिक रूप से दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि उन्हें हादसे के वक्त मौजूद सभी लोगों पर संदेह है। उन्होंने मांग की थी कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले। इसी दिशा में पुलिस ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने जुबीन गर्ग का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। फोन की जांच से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि स्कूबा डाइविंग से पहले जुबीन ने आखिरी बार क्या किया था और किन परिस्थितियों में हादसा हुआ।
मुख्यमंत्री ने दिए थे सख्त कार्रवाई के संकेत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पहले ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के निर्देश दे चुके थे। उन्होंने कहा था कि जुबीन गर्ग की मौत के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जुबीन गर्ग सिंगापुर में आयोजित नॉर्थईस्ट फेस्टिवल में भाग लेने पहुंचे थे। वहां वे अपने टीम के कुछ सदस्यों के साथ स्कूबा डाइविंग के लिए गए। इसी दौरान एक दुर्घटना हुई जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया था कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि जुबीन गर्ग ने डाइविंग से पहले अपनी लाइफ जैकेट हटा दी थी, जो इस हादसे की सबसे बड़ी वजह बन सकती है।
इस केस में लुकआउट सर्कुलर (LOC) इसलिए जारी किया गया था ताकि संदिग्ध आरोपी देश छोड़कर भाग न सकें। यह नोटिस आमतौर पर गंभीर अपराधों जैसे हत्या, धोखाधड़ी, या अंतरराष्ट्रीय मामलों में जारी किया जाता है। जुबीन गर्ग की मौत से न केवल उनके प्रशंसक बल्कि पूरा असम सदमे में है। हजारों की संख्या में लोगों ने उनके अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया और अब सोशल मीडिया पर #JusticeForZubeen जैसे हैशटैग के साथ न्याय की मांग तेज हो गई है। Zubeen Garg Death Case