
DND Flyway : उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित 330 एकड़ अनुपयुक्त भूमि को नोएडा प्राधिकरण ने वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय डीएनडी फ्लाईवे(DND Flyway ) यानि Delhi-Noida Direct Flyway के लिए आवंटित भूमि के संबंध में लिया गया है, जिसे नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (NTBCL) द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिसंबर 2024 में डीएनडी फ्लाईवे को टोल-फ्री बनाए रखने के आदेश के बाद उठाया गया है। हालांकि, एनटीबीसीएल ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे अनुबंध उल्लंघन करार दिया है, जिससे इस मुद्दे पर कानूनी विवाद बढ़ सकता है।
नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 1997 में डीएनडी फ्लाईवे के निर्माण के लिए कुल 454 एकड़ भूमि आवंटित की थी। इसमें से अब तक 330 एकड़ भूमि अनुपयोगी पड़ी हुई है। एनटीबीसीएल ने इस भूमि में से केवल 124 एकड़ पर 9.2 किलोमीटर लंबा आठ लेन वाला फ्लाईवे, टोल प्लाजा और कार्यालय बनाया था, जबकि शेष भूमि खाली पड़ी है। नोएडा प्राधिकरण का इरादा इस खाली भूमि को वापस लेने का है, जिसमें पार्क, गौशाला, ग्रीन बेल्ट और क्रिकेट ग्राउंड जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम. ने बताया कि एनटीबीसीएल द्वारा आवंटित भूमि में से कितनी भूमि अनुपयोगी पड़ी हुई है, इसका सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्राप्त होने की उम्मीद है। हालांकि, यह तय नहीं किया गया है कि इस भूमि का भविष्य में किस प्रकार उपयोग किया जाएगा, या टोल प्लाजा को हटाया जाएगा या नहीं।
नोएडा प्राधिकरण ने एनटीबीसीएल को सूचित किया कि एक टीम बनाई गई है, जो फ्लाईवे के निर्माण के लिए आवंटित भूमि को चिन्हित कर शेष भूमि को वापस लेगी। लेकिन एनटीबीसीएल ने इस कदम को अनुबंध का उल्लंघन बताते हुए विरोध किया है। कंपनी ने नोएडा प्राधिकरण से इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि प्राधिकरण आगे बढ़ता है, तो वह कानूनी कार्रवाई करेगा। एनटीबीसीएल का कहना है कि उसे 30 वर्षों के लिए भूमि के उपयोग का अधिकार दिया गया था, जैसा कि 1997 के अनुबंध और 1998 के भूमि पट्टा समझौते में उल्लेखित है।
डीएनडी फ्लाईवे(DND Flyway ) पर पहले भी कानूनी विवाद हो चुके हैं। 6 फरवरी 2001 को इस फ्लाईवे का उद्घाटन हुआ था, और बाद में 8 सितंबर 2014 को फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (FONRWA) ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें टोल वसूलने और अनुबंध को समाप्त करने की मांग की गई थी। 26 अक्टूबर 2016 को हाई कोर्ट ने एनटीबीसीएल को डीएनडी फ्लाईवे (DND Flyway )पर टोल वसूली से रोक दिया था, हालांकि कंपनी को फ्लाईवे के रखरखाव का कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई थी। अंततः, 20 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए डीएनडी पर टोल वसूली पर स्थायी रोक लगा दी।
यह मामला अभी भी कानूनी रूप से उलझा हुआ है, और नोएडा प्राधिकरण और एनटीबीसीएल के बीच विवाद जल्द ही और भी तीव्र हो सकता है।DND Flyway :