
इस दौरान एक नेत्र कैंप का भी आयोजन किया गया। जिसमें दो सौ से अधिक लोगों ने नेत्र परीक्षण कराया तथा डाक्टरों से सलाह ली तथा उन्हें चश्में व दवाई का भी वितरण किया गया। बता दें कि चौ. बिहारी सिंह बागी को जनांदोलन का प्रणेता भी कहा जाता है। वे किसानों व क्षेत्र के लोगों को समस्या के लिए वे शासन-प्रशासन से सीधी टक्कर लेते थे इसलिए उन्हें कर्मयोगी भी कहा जाता है। Noida