
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 16 जुलाई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “नोएडा में डाला जा रहा दिल्ली का कूड़ा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि दिल्ली का कूड़ा अवैध रूप से नोएडा के सेक्टर-89 में लाकर डाला जा रहा था। यह करतूत दिल्ली में कूड़ा निस्तारण का काम करने वाले ठेकेदार की है। वह ट्रकों में छिपाकर कूड़ा यहां ला रहा था। सूचना पर पहुंची प्राधिकरण की टीम ने यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। मौके पर करीब 20 हजार मीट्रिक टन से भी ज्यादा कूड़ा बरामद हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने सात डंपर सीज कर दिए हैं। साथ ही, आरोपी ठेकेदार के खिलाफ फेज-2 थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है। दिल्ली में कूड़ा निस्तारण के लिए 800-1000 रुपये प्रति मीट्रिक टन के खर्च का भुगतान स्थानीय निकाय करते हैं। ऐसे में यह कूड़ा बगैर निस्तारण कर यहां पर डालकर कूड़ा निस्तारण राशि के गबन की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है। फेज-2 थाने में यह केस जन स्वास्थ्य विभाग के सहायक परियोजना अभियंता की शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत में बताया गया है कि सेक्टर-89 के डूब क्षेत्र स्थित निम्मी विहार में अवैध रूप से कूड़ा डाला जा रहा था। स्थल निरीक्षण के दौरान पता चला कि यह कूड़ा दिल्ली से लाकर डाला जा रहा है। प्रतिदिन करीब 100 डंपर से हरियाणा नंबर के सात डंपर मिले हैं। था। मौके कूड़ा यहां लाकर डंप किया जाता था। इन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है। अवैध रूप से डलवाया फेज-2 थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने बताया कि ट्रक पकड़े गए हैं और डंपिंग ग्राउंड देख लिया गया है। यहां पर कूड़ा डलवाया जा रहा था। अब प्राधिकरण की तरफ से दी गई शिकायत के आधार पर एफआईआर बीमारी फैलने की आशंका, खतरनाक संक्रमण फैलने की आशंका और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वातावरण बनाने से जुड़ी धाराओं में दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी के मुताबिक डूब क्षेत्र में एक किसान का प्लॉट है। उसको किराये पर लेकर कूड़ा डलवाया जा रहा था। मौके पर जब ट्रक पकड़े गए तो कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया, फिर मौके पर पुलिस पहुंची।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “डिवाइडर से टकराई बाइक तीन कांवड़ियों ने दम तोड़ा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर मंगलवार को बाइक सवार तीन कांवड़िये डिवाइडर से टकरा गए। हादसे में एक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो ने अस्पताल में दम तोड़ा। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीनों मजदूर थे। मंगलवार दोपहर डीएमई पर मेरठ से दिल्ली की तरफ बाइक से तीन 'कांवड़िये आया नगर (दिल्ली) निवासी 24 वर्षीय जीवन ज्योति, संगम विहार निवासी 25 वर्षीय सुमित और आया नगर निवासी 23 वर्षीय आदित्य राज जा रहे थे। तीनों ने हेलमेट नहीं पहना था और प्रतिबंधित लेन से तेज रफ्तार में जा रहे थे, तभी गौड़ ग्रीन सिटी के पास बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इसमें जीवन ज्योति की मौके पर मौत हो गई।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल सुमित और आदित्य को गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों की देर रात मौत हो गई। सूचना पर मृतकों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक, तीनों दो दिन पहले हरिद्वार जाने की बात कहकर निकले थे। हालांकि ये केदारनाथ चले गए थे। वहां से तीनों मंगलवार को लौट रहे थे। पुलिस यह पता लगा रही है कि तीनों कांवड़ लेकर आ रहे थे या कांवड़ियों के कपड़े पहनकर कहीं जा रहे थे। पुलिस घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है। पुलिस का कहना है कि घटना के वक्त बाइक की रफ्तार काफी तेज थी।
Hindi News:
अमर उजाला ने 16 जुलाई 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “नोएडा पहुंची पीएमओ की टीम फंसे फ्लैटों के लिए पूछे सवाल” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा-ग्रेनो की बिल्डर परियोजनाओं में फंसे फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री और आशियाने को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की एक टीम मंगलवार को प्राधिकरण के सेक्टर-6 कार्यालय पहुंची। टीम ने नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण व यूपी रेरा के अधिकारियों, बिल्डरों व फ्लैट खरीदारों के साथ बैठक की। पीएमओ की टीम डिप्टी सेक्रेटरी मंगेश घिल्डियाल की अगुवाई में आई थी। बिल्डरों में ऐस, प्रतीक, गुलशन, आरजी समेत कुछ और समूह के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान अलग-अलग सभी का पक्ष जानकर समस्याएं भी पूछी गईं। प्राधिकरण स्तर पर यह जानकारी ली गई कि अमिताभकांत समिति की सिफारिशों पर बनी जीरो पीरियड पॉलिसी में कितने फ्लैटों की रजिस्ट्री हुई और कितना बकाया जमा हुआ। फंसी व अधूरी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं की भी जानकारी जुटाई गई। इसी तरह रेरा से आए अधिकारियों व फ्लैट खरीदारों से उनका पक्ष जाना। बिल्डरों से पूछा गया कि आखिर नोएडा-ग्रेनो में फ्लैटों की इतनी मांग और कीमत होने के बाद भी परियोजना समय पर पूरी करने में कौन सी समस्याएं आ रही हैं। बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, नोएडा प्राधिकरण से एसीईओ वंदना त्रिपाठी, संजय खत्री समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। रेरा से रिकवरी ऑफिसर व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि हजारों फ्लैट खरीदार रजिस्ट्रियों के लिए भटक रहे हैं। इनकी तरफ से पीएमओ में भी शिकायत कर गुहार लगाई जाती रही है। अमिताभकांत समिति का गठन भी केंद्र स्तर से फ्लैट खरीदारों का आशियाना दिलाने और फंसी बिल्डर परियोजनाओं को गति देने के लिए किया गया था। इसके बाद इस समिति की कुछ सिफारिशों को लागू कर यूपी सरकार ने जोरो पीरियड पॉलिसी बनाकर उसे प्रभावी किया है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 16 जुलाई 2025 का प्रमुख समाचार “कोरियर से गांजा मंगाकर सप्लाई करने वाले छह धरे” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ईकोटेक तीन कोतवाली पुलिस ने मेघालय के शिलांग से कोरियर से गांजा मंगाकर तस्करी करने वाले छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 41 किलो गांजा बरामद हुआ है। डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने गिरोह का पर्दाफाश किया। तस्कर पिछले काफी समय से गांजा तस्करी कर रहे थे।
डीसीपी ने बताया पुलिस टीम ने गश्त के दौरान आरोपितों को कुलेसरा के पास सोमवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में हाथों में पेटियां थामे खड़ा देखा। फैक्ट्रियों में चोरी की आशंका पर पुलिस टीम ने पेटियां खोलों तो गांजा बरामद हुआ। आरोपितों की पहचान सारांश श्रीवास्तव निवासी सी-85 शालीमार गार्डन जिला गाजियाबाद, अमनपाल निवासी ग्राम गुहासी जिला मैनपुरी, शिवम यादव निवासी ग्राम सर्फाबाद आशीष कुमार झा निवासी ग्राम गंगद्वार थाना अन्दराठारी जिला मधुबनी बिहार, कृष्णा राणा निवासी ग्राम हसनपुर बारू जिला हाथरस और संजीत गुप्ता निवासी ग्राम जूनापुर थाना सिवान बिहार के रूप में हुई। बदमाशों ने बताया गांजा कोरियर के माध्यम से उनके पास मेघालय के शिलांग से आता था। आरोपित फुटकर में लोगों को गांजा बेचते थे। पुलिस गांजा डिलीवरी का आर्डर लेने वाले आरोपित व खरीदारों का पता लगा रही है। पुलिस ने सभी पर मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। डीसीपी ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को 25 घोषणा की है। हजार रुपये नकद इनाम देने की बस अड्डे पर आर्डर लेने आता था अनजान व्यक्तिः डीसीपी ने ने बताया पूछताछ में तस्करों ने बताया कि उन लोगों को गांजा का आर्डर देना होता था तो रविवार को दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डा पहुंच जाते थे। एक निश्चित स्थान पर खड़े होते थे। जहां पर शिलांग से एक अनजान व्यक्ति उनसे आर्डर लेने आता था। जिसका आर्डर होता था, उसके बताए पते पर पेटियों में पैक कर कोरियर से बताया कि डिलीवरी यहां बस स्टाप डिलीवरी किया जाता था। आरोपितों ने के पास लेते थे, ताकि किसी को शक नहीं हो। क्योंकि बस स्टाप पर शाम को बड़ी संख्या में फैक्ट्रियों से काम कर निकले कामगार पहुंचते हैं। जिस समय आरोपित गिरफ्तार किए गए, वर्षा होने के कारण कामगार बस स्टाप पर मौजूद नहीं थे
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “जल और सीवर के कार्यों में लाएं तेजी” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने मंगलवार को जल-सीवर विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। दोनों विभागों के अंतर्गत चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। जल विभाग की समीक्षा करते हुए एसीईओ प्रेरणा सिंह ने कहा कि वन सिटी वन आपरेटर की परिकल्पना को साकार करने के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) शीघ्र तैयार कराएं। उन्होंने आरएफपी बना रही कंपनी को समय अधिक लगने पर कठोर चेतावनी भी दी। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण वन सिटी वन आपरेटर के अंतर्गत शहरी व ग्रामीण एरिया में जलापूर्ति से लेकर रखरखाव तक के कार्यों के लिए एक एजेंसी रखने की तैयारी कर रहा है। इसका आरएफपी तैयार कराया जा रहा है। एसीईओ ने एजेंसी को आरएफपी जल्द बनाने के निर्देश दिए। स्मार्ट वाटर मीटर परियोजना को भी मूर्त रूप में लाने की तैयारी चल रही है। इस परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूरा कर वाटर मीटर लगाने का कार्य कराया जाएगा। एसीईओ प्रेरणा सिंह ने इस परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम, वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा आदि रहे।