
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 18 जुलाई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “टॉप-23 सुपर स्वच्छ शहरों में फिर चमका नोएडा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-2025 में देश के टॉप शहरों की सुपर स्वच्छ लीग श्रेणी में नोएडा ने अपनी जगह बरकरार रखी है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुपर स्वच्छ लीग मिट्टी का सम्मान प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम और एमीईओ संजय खत्री को सौंपा। इस लीग में देश के टॉप 23 शहर शामिल किए गए हैं, जिन्हें बैंक की प्रतिस्मों से भी ऊपर रखा गया है। नोएडा को सर्वेक्षण में गार्बेज फ्री सिटी में 5 स्टार और वाटर प्लस सर्टिफिकेट मिला है। इस लोग में जगह बनाने वाला नोएडा प्रदेश और एनसीआर का इकलौता शहर है।
नोएडा की सुपर स्वच्छ लोग में 3-10 लाख तक की आबादी बाले 6 शहरों की श्रेणी में पहले नंवर पर रखा गया है। समारोह में अवार्ड भी सबसे पहले मिला। हालांकि मंत्रालय की ओर से रैंक जारी नहीं होने से यह नहीं कहा जा सकता है कि नोएडा रडा अपनी श्रेणी में देश में नंबर-1 पर रहा है। । सम्मान प्राप्त करने के बाद सीईओ डॉ. लोकेश एम ने इसे प्राधिकरण के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाई नायकों को उपलब्धि बताया है। प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी जीएम एसपी सिंह ने और बेहतर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। एसीईओ वंदना त्रिपाठी, ओएसडी क्रांति शेखर सिंह, इंदु प्रकाश सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक गौरव बसल, आर के शर्मा, एनजीओ गाईडेड फॉर्च्यून समिति से पारुल, अभिज्ञानम ने उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “कूड़ा मुक्त शहरों में 7 स्टार हासिल करने के लिए शुरू होगा काम” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में नोएडा के सिर पर सुपर स्वच्छ लीग वाले शहरों में शामिल होने का ताज सजा है लेकिन एक कसक गार्बेज फ्री सिटी में 7 स्टार नहीं हासिल करने की रह गई है। जिसे हासिल करने के लिए अब नए सिरे से प्रयास किए जाएंगे।
2023 के सर्वेक्षण में नोएडा को इस श्रेणी में 5 स्टार का सर्टिफिकेट मिला था, जिसे देखते हुए इस बार तैयारी और दावेदारी दो और स्टार बढ़ाने की थी। पर ऐसा हो नहीं सका और इसकी बड़ी वजह शहर में खुले में कूड़ा मुक्ति के इंतजाम की दिशा में प्रगति नहीं होना है। संतोषजनक इतना है कि पांच सितारे बरकरार हैं। अगले साल के लिए चुनौती इस लिए बड़ी है क्योंकि लखनऊ ने हमसे आगे निकलकर 7 स्टार जबकि गाजियाबाद ने नोएडा की बराबरी इस मानक पर कर ली है। दो सितारों की इस कमी के पीछे कई कारण हैं।
सबसे अहम और पुराना कारण जमा हुआ सेक्टर-145 का कूड़ा खत्म नहीं डोना रहा है। यहां कूड़ा निस्तारण तेजी से प्राधिकरण का जन स्वास्थ्य विभाग नहीं करवा पाया। इस कार्य के लिए जिस एजेंसी को नवंबर 2022 में नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर जारी किए थे वह एजेंसी प्लांट लगाकर कूड़े का निस्तारण कर रही है। करार के मुताबिक एजेंसी को 14 जून 2024 तक 5 लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण करना था। प्राधिकरण प्रति मीट्रिक टन 774 रुपये एजेंसी को भुगतान देता है। प्राधिकरण का दावा है कि इस अवधि में एजेंसी ने करार के तहत कूड़े का निस्तारण किया। इसके बाद फिर नई एजेंसी का चयन प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग ने नहीं किया। बोर्ड से मंजूरी लेकर फिर इसी एजेंसी से 15 फरवरी 2025 तक और 5 लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण कराया गया।
Hindi News:
अमर उजाला ने 18 जुलाई 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “24 घंटे बाद सोसाइटी में आया पानी, कम प्रेशर से लोग परेशान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ईको विलेज-एक सोसाइटी में निवासियों को 24 घंटे बाद पानी मिल सका। निवासियों ने कहा कि विरोध करने के बाद बृहस्पतिवार सुबह पानी आया, लेकिन प्रेशर इतना कम है कि सभी को पानी नहीं मिल पा रहा। बुधवार को सोसाइटी के 25 से अधिक टावरों में 24 घंटे पानी नहीं आने से निवासियों का सब्र टूट गया था। सप्लाई सुचारु नहीं होने पर निवासी फ्लैटों से बाहर आ गए और विरोध जताया था। सोसाइटी निवासी समीर ने बताया कि प्रेशर कम होने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। टैंकरों से भी सोसाइटी में पानी की सप्लाई भले की गई हो, लेकिन वह भी पूरा नहीं पड़ सका। कई निवासियों को बाहर से खरीदकर पानी मंगाना पड़ा। बुधवार रात कई निवासियों ने मेंटेनेंस कार्यालय में जाकर भी विरोध दर्ज कराया था जिसके बाद भरोसा दिया गया था कि जल्द से जल्द सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी। सप्लाई सुचारु होने में एक दिन का समय लगा दिया गया। आरोप है कि समय से मेंटेनेंस देने के बाद भी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 18 जुलाई 2025 का प्रमुख समाचार “शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर 75 लाख रुपये ठगे” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि साइबर ठगों ने नोएडा सेक्टर 62 के रहने वाले इंजीनियर को शेयर बाजार में निवेश कर दो से तीन गुना तक मुनाफे कमाने का झांसा देकर ठग लिया। पहले निवेश के नाम पर 40 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। फिर कर जमा कराने के जाल में फंसाकर 35 लाख और ठग लिए। 23 बार में 75 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
नोएडा सेक्टर 62 रजत विहार के अजय कुमार पैशे से इंजीनियर हैं। वह शेयर बाजार में भी रुचि रखते हैं। दो मई को उनके पास जय कुमार वर्मा नाम के व्यक्ति का फोन आया था। उसने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताया था। उनकी टीम के परामर्श किए शेयरों में निवेश करने पर दो से तीन गुना तक लाभ होने का दावा किया।
संपर्क में रहकर अजय को वाट्सएप ग्रुप पर जोड़कर प्रशिक्षण देना शुरू किया। एक सप्ताह के अंदर ही वेबसाइट पर पंजीकरण कराकर निवेश कराने की शुरुआत कराई। शुरुआत में मुनाफे को अजय के बैंक खाते में भेजकर विश्वास दिलाया। उसके बाद 40 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। अजय ने शक होने पर रकम वापस मांगी तो ठग ने 30 प्रतिशत कर जमा कराने को बोला। इसके रूप में 35 लाख तक जमा करा लिए। उसके बाद भी लेट फीस का बहाना बनाया। 60 लाख रुपये की और मांग की। अजय के रुपये नहीं देने पर ठगों ने पांच जून को संपर्क बंद कर दिया। पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की। अब साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित के मुताबिक उन्होंने 19 मई से लेकर पांच जून तक 23 बार में रकम ट्रांसफर की। ठगों ने महाराष्ट्र के कोआपरेटिव, आइडीएफसी फर्स्ट, बंधन बैंक आदि पांच से ज्यादा बैंक खातों का प्रयोग किया।
साइबर क्राइम थाना पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम फर्जी फर्म के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई है। इसके लिए धीरज फ्लावर्स, एसकेवाई सिनटेक्स, डालन सोलर सिस्टम, सुप्रिया इंटरप्राइजेज, नम्स फैशन आदि फर्म के खातों में रकम लेना सामने आया है। डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ठगी की रकम जाने वाले बैंक खातों की जांच कराई जा रही है। इन खातों में जमा रकम को फ्रीज कराकर पीड़ित को वापस दिलाने का भी प्रयास है |
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “तेज रफ्तार वाहनों के लिए मुसीबत बन रहे हैवी लोडिंग वाहन” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा से आगरा तक बने 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेसवे को आमतौर पर लोग तेज रफ्तार और आरामदायक सफर के लिए चुनते हैं। लेकिन एक्सप्रेसवे पर हैवी लोडिंग वाहन बेहद कम रफ्तार से चलते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन चालक आगे चल रहे इन वाहनों की गति का आकंलन नहीं कर पाते और पीछे से ट्रैक्टर ट्राली या कैंटर और डंपरों से टकरा कर हादसे का शिकार हो जाते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी और भारी वाहनों के लिए 60 किमी प्रतिघंटा है।
एक्सप्रेसवे पर ज्यादातर कार चालक 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से भी अधिक वाहनों को दौड़ाते हैं। वहीं लंबी दूरी का सफर करने वाली बसें भी 90 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं। दूसरी तरफ निर्माण सामग्री या अन्य भारी सामान लेकर चलने वाले कैंटर, ट्रैक्टर ट्राली और डंपर के अलावा अन्य हैवी लोडिंग वाहन निर्धारित अधिकतम गति सीमा 60 किमी प्रति घंटा तक भी नहीं पहुंच पाते।