देश में आत्मनिर्भरता और औद्योगिक नवाचार को गति देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने गौतमबुद्धनगर जिले में ₹417 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को हरी झंडी दे दी है।

Noida News : देश में आत्मनिर्भरता और औद्योगिक नवाचार को गति देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में ₹417 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ रोजगार सृजन और स्टार्टअप्स के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।
यह मेगा प्रोजेक्ट यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) द्वारा विकसित किया जाएगा और कुल 200 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना में निजी क्षेत्र से लगभग ₹2,500 करोड़ का निवेश आएगा, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक परिदृश्य को नई ऊर्जा मिलेगी।
केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि यह क्लस्टर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को具 रूप देगा। “यह केवल एक निर्माण स्थल नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और स्किलिंग का समेकित केंद्र होगा। इससे लगभग 15,000 लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा,” मंत्री ने कहा। परियोजना के अंतर्गत प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री स्पेस, MSMEs के लिए सुविधाजनक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स, हॉस्टल, बिजली-पानी और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
यह क्लस्टर देश के सबसे तेज़ी से उभरते लॉजिस्टिक नेटवर्क में शामिल होगा। यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और पलवल–खुर्जा एक्सप्रेसवे से इसकी सीधी कनेक्टिविटी रहेगी। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और निकटवर्ती रेलवे स्टेशनों की मौजूदगी इसे वैश्विक निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगी।
इस EMC क्लस्टर के आसपास मेडिकल डिवाइस पार्क, MSME क्लस्टर, अपैरल पार्क और एविएशन हब जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र भी तैयार हो रहे हैं। इससे यह इलाका एक संगठित और बहु-आयामी औद्योगिक हब में परिवर्तित होने की ओर अग्रसर है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, EMC योजना के तहत अब तक ₹30,000 करोड़ का निवेश आकर्षित किया जा चुका है, जिसमें 520 कंपनियां शामिल रही हैं। इन निवेशों के जरिए 86,000 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं—जो योजना की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है। Noida News