नोएडा के प्राधिकरण से आवंटित भूमि पर चल रहे 157 स्कूलों में किसानों, ग्रामीणों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा फिर उठा है।

Noida News : नोएडा प्राधिकरण की ओर से आवंटित भूमि पर संचालित स्कूलों में किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाली सुविधाओं का मामला एक बार फिर प्राधिकरण के सामने पहुंचा है। ग्राम विकास संगठन नोएडा ने मांग की है कि प्राधिकरण की जमीन पर बने 157 स्कूलों के बाहर 10×15 फीट के डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्डों पर लीज डीड के अनुसार किसानों, ग्रामीणों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाली सुविधाओं और छूट की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज हो। इसी मांग को लेकर ग्राम विकास संगठन नोएडा के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित प्रशासनिक कार्यालय में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने स्कूलों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में किसानों और कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। Noida News:
डीपी चौहान ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी को बताया कि वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से पत्र जारी किया गया था। संगठन के अनुसार, इसमें नोएडा प्राधिकरण को अपने क्षेत्र के स्कूलों और अस्पतालों में लीज डीड के तहत ग्रामीणों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से सार्वजनिक कराने के निर्देश दिए गए थे। संगठन का कहना है कि इसके बाद 25 जुलाई 2015 को नोएडा प्राधिकरण में बैठक भी हुई थी। इसमें लीज डीड की शर्तों के अनुसार पात्र वर्गों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी वाले बोर्ड स्कूलों और अस्पतालों में लगवाने का निर्णय लिया गया था। Noida News :
ग्राम विकास संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने कहा कि वर्ष 2015 में लिए गए निर्णय के बावजूद 2026 तक स्कूलों और अस्पतालों के बाहर निर्धारित डिस्प्ले बोर्ड दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्कूलों और अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए तो किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने अधिकारों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
अशोक चौहान ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की कि प्राधिकरण द्वारा भूमि आवंटित किए गए सभी 157 स्कूलों को नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि लीज डीड की शर्तों के अनुसार पात्र किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों के बच्चों के दाखिले का मुद्दा भी उठाते हुए मांग की कि पात्र बच्चों को लीज डीड में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दाखिला दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने निजी अस्पतालों में किसानों को इलाज के दौरान मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। अशोक चौहान ने कहा कि कई किसान इलाज के लिए निजी अस्पतालों में जाते हैं, लेकिन उन्हें उपलब्ध छूट और सुविधाओं की जानकारी नहीं मिल पाती। उन्होंने मांग की कि जिन अस्पतालों पर लीज डीड के तहत सुविधाएं देने की शर्तें लागू हैं, उनके बाहर भी स्पष्ट रूप से छूट और सुविधाओं की जानकारी वाला बोर्ड लगाया जाए।
ग्राम विकास संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी के सामने रखीं। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, उनकी समस्याओं को सुनने के बाद अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मामले का अतिशीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। अब देखना होगा कि नोएडा प्राधिकरण इस मामले में संबंधित स्कूलों और अस्पतालों को क्या निर्देश जारी करता है और लीज डीड में निर्धारित सुविधाओं का लाभ पात्र किसानों एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक किस तरह पहुंचाया जाता है। इस अवसर पर ग्राम विकास संगठन नोएडा के संयोजक डीपी चौहान, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान और सतेन्द्र गुर्जर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। Noida News :
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