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नोएडा में जारी श्रमिक असंतोष के बीच अब घरेलू सहायिकाएं भी सड़कों पर उतर आई हैं। सेक्टर-121 की एक सोसायटी के बाहर बड़ी संख्या में महिलाओं ने इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा।

Noida News : नोएडा में जारी श्रमिक असंतोष के बीच अब घरेलू सहायिकाएं भी सड़कों पर उतर आई हैं। सेक्टर-121 की एक सोसायटी के बाहर बड़ी संख्या में महिलाओं ने इकट्ठा होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। यह प्रदर्शन सिर्फ समर्थन तक सीमित नहीं था, बल्कि महिलाओं ने अपनी अलग मांगों को मजबूती से उठाया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि उन्हें महीने में केवल 2500 से 3000 रुपये तक का वेतन मिलता है, जो आज की महंगाई के हिसाब से बेहद कम है। गैस सिलेंडर, राशन, बच्चों की फीस और दवाई जैसे जरूरी खर्च पूरे करना उनके लिए लगभग असंभव हो गया है। उनका कहना है कि इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना बड़ी चुनौती बन चुका है।
घरेलू सहायिकाओं ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। जहां जिन घरों में वे काम करती हैं, वहां के बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, वहीं अपने बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है। इस असमानता ने उनके भीतर असंतोष को और बढ़ा दिया है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें उचित वेतन और सम्मानजनक कामकाजी परिस्थितियां चाहिए। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे काम पर लौटने पर विचार नहीं करेंगी।
महिलाओं ने यह भी मांग रखी कि उन्हें महीने में कम से कम चार दिन की छुट्टी दी जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें सिर्फ दो छुट्टियां मिलती हैं, और अतिरिक्त छुट्टी लेने पर वेतन काट लिया जाता है। ऐसे में परिवार और बच्चों के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कहीं भी कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांतिपूर्वक वापस भेज दिया।
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