
Baba Bageshwar Update: हिन्दी न्यूज़ - आपने सुना होगा कि UP के CM योगी आदित्यनाथ की पुलिस किसी अपराधी से नहीं डरती है। यह भी सुना होगा कि UP पुलिस के सामने अपराधी थर-थर कांपते हैं। उपरोक्त बात कितनी सच है कितनी झूठ हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते। इतना जरुर है कि आज हम जिस अपराधी की यहां बात कर रहे हैं उस अपराधी से यूपी पुलिस डरी हुई है। इस डर का एक बड़ा कारण यह है कि असल में यह अपराधी बाबा बागेश्वर धाम वाले पंड़ित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का चेला है।
हिन्दी न्यूज़ चेतना मंच की तरफ से पाठकों को बता दें कि हाल ही में ग्रेटर नोएडा में बाबा बागेश्वर धाम वाले पंड़ित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा थी। इस कथा के दौरान 12 जुलाई को बाबा का दिव्य दरबार लगा था। दिव्य दरबार में बाबा के एक चेले ने बेहद प्रतिष्ठित परिवार की एक महिला को जबरन उठाकर भीड़ में फेंक दिया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर वायरल हो चुका है। वीडियो वायरल होने के बाद नोएडा पुलिस कमिश्नरी के सूरजपुर थाने में पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए IPC की धारा 354, 337, 323 व 504 के तहत मामला दर्ज किया था।
News in Hindi के माध्यम से आपको बता दें कि IPC की धारा 354 किसी महिला की शील भंग करने के गंभीर अपराध (heinous crime) करने वाले अपराधी के विरुद्ध लगाई जाती है। यह गैर जमानती धारा है। धारा 354 के अपराधी को पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।
बाबा बागेश्वर धाम वाले 'बाबा' के दिव्य दरबार में महिला के साथ घृणित व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के दबाव में सूरजपुर थाने की पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली किंतु महिला का शील भंग व लज्जा का अनादर करने वाले बाबा के जिस चेले को सारे भक्त जानते हैं, जो कथा कराने वाले ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष है उसका नाम FIR में ना लिखना यूपी पुलिस के डर का पहला सबूत है। UP पुलिस के डर का दूसरा सबूत यह है कि कथा का आयोजन कराने वाले अमृत कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश कुमार ठाकुर ने बकायदा पत्र लिखकर बताया है कि महिला का शील भंग करने वाला व्यक्ति उनके ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष मुकुल त्यागी है।
नरेश ठाकुर ने बाकायदा चैनलों के कैमरों के सामने भी स्पष्ट किया है कि महिला का शील भंग व मान भंग करने वाला व्यक्ति अमृत कल्याण सेवा ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष मुकुल त्यागी है। इतने पुख्ता सबूत के बावजूद नोएडा कमिश्नरी की यूपी पुलिस बाबा के इस चेले को पकड़ना तो दूर FIR की जांच में उसका नाम तक स्पष्ट नहीं कर रही है। अब पाठक स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि बाबा बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के 'चेले' से UP के CM बाबा योगी आदित्यनाथ की UP पुलिस किस कदर भयभीत है कि महिला के साथ हुए अपराध के गंभीर मामले में भी यूपी पुलिस को मुकुल त्यागी का नाम छुपा कर रखना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि मुकुल त्यागी हापुड़ जिले के सूधना गांव का मूल निवासी है। सूधना गांव वझीलपुर कस्बे के पास है। बाबा बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ग्रेटर नोएडा में कथा कराने वाले अमृत कल्याण ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष है। मुकुल त्यागी ने अपने आधार कार्ड में पूर्वी दिल्ली के गीता कालोनी का पता दर्ज करा रखा है। मुकुल त्यागी इन दिनों गाजियाबाद शहर में रहता है। लोग सवाल पूछ रहे कि महिला के साथ IPC की धारा 354 जैसे मामले का अपराध करने वाला यह व्यक्ति 'खुला' क्यों घुम रहा है ?