बाबा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर नोएडा के ऐतिहासिक नालगढ़ा गांव में किसान महाकुंभ का आयोजन हुआ। हजारों किसानों की मौजूदगी के बीच टिकैत परिवार की चौथी पीढ़ी के हंसराज टिकैत ने नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में हवन-पूजन, 91 पौधारोपण, रक्तदान शिविर और भंडारे का आयोजन हुआ।

Noida News : प्रत्येक युग में कुछ ऐसे व्यक्तित्व जन्म लेते हैं, जिनका जीवन अपने परिवार या समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे पूरे युग की आवाज बन जाते हैं। किसानों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले बाबा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत भी ऐसे ही युग पुरुष थे। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को उनकी 91वीं जयंती पर नोएडा के ऐतिहासिक गांव नलगढ़ा में ऐसा आयोजन हुआ, जिसमें टिकैत परिवार की चौथी पीढ़ी ने अपने पड़ बाबा (परपौत्र के बाबा को पड़ बाबा कहा जाता है) की विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और देशभर में 'किसानों के मसीहा' के रूप में प्रसिद्ध बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर नालगढ़ा में किसान महाकुंभ आयोजित किया गया। इस दौरान नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन हुआ, हवन-पूजन किया गया, 91 पौधे लगाए गए और रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। Noida News
इस कार्यक्रम का आयोजन ऐतिहासिक नलगढ़ा गांव मे किया गया। नोएडा का यह गांव देश के स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। नलगढ़ा का नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह और महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद से जुड़ी स्थानीय ऐतिहासिक स्मृतियों में प्रमुखता से लिया जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में क्रांतिकारियों के यहां आने और शरण लेने की कथाएं क्षेत्र में लंबे समय से प्रचलित हैं। ऐसे ऐतिहासिक गांव की धरती पर बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती के अवसर पर किसानों का विशाल जमावड़ा अपने आप में खास रहा। कभी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले क्रांतिकारियों की स्मृतियों से जुड़ी इस धरती पर मंगलवार को किसानों के अधिकार, एकता और सेवा का संदेश गूंजता नजर आया। Noida News

कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण टिकैत परिवार की नई पीढ़ी की मौजूदगी रही। नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की पुत्रवधू निकिता टिकैत तथा टिकैत परिवार की चौथी पीढ़ी के हंसराज टिकैत ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान धरती को नमन कर किसानों और किसान आंदोलन की विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। इस अवसर ने एक बड़ा संदेश भी दिया कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत द्वारा दशकों पहले खड़ा किया गया किसान आंदोलन अब अगली पीढ़ियों तक पहुंच चुका है। बाबा टिकैत की जयंती का कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार तथा हवन-पूजन के साथ शुरू हुआ। हवन में किसानों की खुशहाली, समृद्धि तथा देश-प्रदेश की उन्नति की कामना की गई। बाबा टिकैत की 91वीं जयंती को यादगार बनाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर 91 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि किसान का रिश्ता केवल अपनी फसल से नहीं बल्कि मिट्टी, पानी, पेड़-पौधों और पूरे पर्यावरण से होता है। Noida News

कार्यक्रम को केवल किसान सम्मेलन तक सीमित नहीं रखा गया। रोटरी क्लब के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में देशभक्ति से ओतप्रोत रागनियों के साथ बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के संघर्ष और किसान आंदोलन से जुड़े अनेक प्रसंग भी सुनाए गए। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना ने बाबा महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, "बाबा टिकैत ने हमें सिखाया था कि किसान एकता ही सबसे बड़ी ताकत है। आज का यह सेवा महोत्सव उन्हीं के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा है।" उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत ने किसान को अपने अधिकार के लिए संगठित होकर आवाज उठाना सिखाया। उनके विचार और संघर्ष आज भी किसान समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। Noida News

कार्यक्रम में विमला खटाना, ममता डेढ़ा, रेखा भाटी, सत्तो देवी भाटी, सरदार मंजीत सिंह, राजे प्रधान, राजीव मलिक, सुरेंद्र नागर, अनित कसाना, ललित चौहान, भगत सिंह प्रधान, हरेंद्र भाटी, रॉबिन नागर, सुनील प्रधान, बेली भाटी, अमित जैलदार, अरविंद, नागेश, अमित, संदीप खटाना, विनोद पंडित, बेगराज प्रधान तथा सुंदर भूड़ा समेत बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों तथा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भी कार्यक्रम में मौजूदगी रही। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भागीदारी की। बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर नलगढ़ा में आयोजित यह कार्यक्रम एक तरफ उनके किसान संघर्ष को याद करने का अवसर बना तो दूसरी तरफ टिकैत परिवार की चौथी पीढ़ी की सक्रिय मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि बाबा टिकैत द्वारा जलाई गई किसान एकता की मशाल अब नई पीढ़ी के हाथों में पहुंच रही है। Noida News

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