
Noida News: यदि आप घी अथवा मक्खन खाने के शौकीन हैं तो जरा सवधान हो जाएं। नोएडा में नकली घी बेचने वाले गिरोह सक्रिय हैं। हाल ही में अमूल Amul का नकली butter बेचने वाले एक गिरोह को पुलिस ने दबोचा है। इसी प्रकार के कुछ और गिरोह भी नोएडा व एनसीआर में सक्रिय बताए जा रहे हैं। ढ़ेर सारा धन कमाने के लालच में ये गिरोह इस प्रकार का धंधा कर रहे हैं। हाल ही में नोएडा पुलिस ने सस्ते घी को अमूल बटर Amul butter बनाकर बेचने वाले एक शातिर गिरोह को पकड़ा है। इस प्रकार के कई गिरोह अभी भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।
नकली अमूल बटर बेचने वाले गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली के कोंडली बाजार से सस्ता बिकने वाला खुला मक्खन व घी खरीदकर लाते थे। नोएडा के सेक्टर-70 में अपने अडडे पर लाकर उस बटर व घी को अमूल बटर के रैपर में भरकर बाजार में सस्ते दरों पर सप्लाई कर देते थे। सप्लाई का अधिकतर काम नोएडा की फेज-2 में स्थित फल व सब्जी मंडी में किया जाता था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने यह भी बताया कि इस प्रकार का धंधा करने वाले अनेक गिरोह नोएडा व एनसीआर में सक्रिय हैं। इस प्रकार का धंधा करने वाले अपने अडडे बदलते रहते हैं।
पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को यह भी बताया है कि मक्खन में टेस्ट पैदा करने तथा प्रोपर कलर लाने के लिए कैमिकल भी मिलाते थे। कई कैमिकल तो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं किन्तु धंधेबाजों को तो अपनी कमाई से मतलब है। उन्हें किसी के स्वास्थ्य की कतई चिंता नहीं है। पुलिस अफसरों का कहना है कि खाने-पीने की वस्तुएं भरोसेमंद दुकानों अथवा सीधे कंपनी से ही खरीदनी चाहिए। इस प्रकार लोग नकली सामान से बच सकते हैं।
अमूल बटर देश का एक नामी ब्रांड है। इस ब्रांड के नाम पर नकली बटर और घी का धंधा खूब फल फूल रहा है। चार साल पहले मुंबई में भी नकली बटर बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी थी। यहां से अमूल के रैपर में नकली बटर की पैकेजिंग करके सप्लाई किया जा रहा था। उस समय मुंबई पुलिस ने गिरोह के 5 लोगों को गिरफ्तार किया था और 1000 किलो नकली बटर बरामद किया गया था।
ऐसे में आम लोगों के लिए असली-नकली की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल है। खाने-पीने की चीजों में मिलावट को रोकने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) समय-समय पर निरक्षण करती रहती है। एनुअल पब्लिक लैबोरेटरी टेस्टिंग की रिपोर्ट के अनुसार दूध, चाय, कॉफी, सब्जी और डेरी उत्पादों में इस तरह की मिलावट बेहद आम है।
अलीगढ़ में अप्रैल 2018 में बन्नादेवी पुलिस ने छापेमारी कर महानगर के सारसौल इलाके की गुरु रामदास नगर कॉलोनी में नकली देसी घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। इस मामले में फैक्ट्री संचालक सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यहां भी इस फैक्ट्री में कई नामी कंपनियों के नाम से उनकी हूबहू पैकिंग में एसेंस (देसी घी की खुशबू देने वाला केमिकल) रिफाइंड और वनस्पति घी की मिलावट कर नकली देसी घी बनाकर बेचा जा रहा था। Noida News