इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में दो और बिल्डर गिरफ्तार

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पुलिस की सख्ती का संकेत मानी जा रही है। पुलिस की टीम अब केस से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका, दस्तावेज़ी मंजूरियों और साइट पर सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल कर रही है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 03:03 PM
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Noida News : नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार को दो और बिल्डरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक कल ही 5 बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से लापरवाह बिल्डरों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस ने लॉट्स ग्रीन प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डर रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद निवासी फ्लैट नंबर D-76 मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट थाना sector 21(d) फरीदाबाद हरियाणा कंपनी नाम लोटस ग्रीन, सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल निवासी फ्लैट नंबर ब -6 बिल्डिंग नंबर A-11 शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 2 साहिबाबाद थाना शालीमार गार्डन जिला गाज़ियाबाद गिरफ्तार किया है। वहीं, इससे पहले विश टाउन के बिल्डर अभय कुमार को इस मामले में जेल भेजा जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पुलिस की सख्ती का संकेत मानी जा रही है। पुलिस की टीम अब केस से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका, दस्तावेज़ी मंजूरियों और साइट पर सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल कर रही है।

कल ही दर्ज हुआ था केस

पुलिस ने कल इस मामले में पांच बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम के साथ-साथ बीएनएस की धारा 290, 270 और 125 लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और जिम्मेदारियों के आधार पर आगे और नाम भी बढ़ सकते हैं।

इन बिल्डरों के खिलाफ दर्ज है एफआईआर

जिन बिल्डरों को एफआईआर में नामजद किया गया है, उनमें अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल वोहरा और निर्मल कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारियां उन्हीं लोगों की हुई हैं जिनकी भूमिका जांच में स्पष्ट होती गई। Noida News

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LIVE NEWS: युवराज की मौत के मामले में पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

यह एफआईआर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक मामला अब सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरणीय और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में भी आ गया है।

युवराज मेहता मौत केस में दूसरी FIR
युवराज मेहता मौत केस में दूसरी FIR
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 09:50 AM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। नोएडा पुलिस ने इस केस में दूसरी एफआईआर दर्ज करते हुए पांच लोगों को नामजद किया है। यह एफआईआर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक मामला अब सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरणीय और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में भी आ गया है।

लंबे समय से भरा पड़ा था पानी

जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां 2021 से खुदाई के बाद गड्ढा पानी से भरा पड़ा था। आरोप है कि बैरिकेडिंग नहीं थी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड/सुरक्षा संकेत लगाए गए थे। निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और जल निकासी को लेकर की गई कथित लापरवाही को ही दूसरी एफआईआर का आधार बनाया गया है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में ऐसे निर्माण स्थलों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर अब सवाल तेज हो गए हैं।

दूसरी FIR में कौन-कौन नामजद?

नई एफआईआर में पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों(अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल बोहरा और निर्मल कुमार) को सीधे तौर पर नामजद किया है बताया जा रहा है कि ये सभी उसी प्लॉट/प्रोजेक्ट की गतिविधियों से जुड़े हैं, जहां यह हादसा हुआ। जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि मौके पर किसकी जिम्मेदारी क्या थी और सुरक्षा मानकों के पालन में किस स्तर पर चूक हुई। इस बीच, अभय कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी नामजद आरोपियों की भूमिका और जवाबदेही तय करने के लिए आगे की पूछताछ और दस्तावेजी जांच तेज कर दी गई है।

सूरजपुर कोर्ट का सख्त संदेश

सुनवाई के दौरान ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय का रुख बेहद सख्त दिखा। अदालत ने जांच एजेंसियों को स्पष्ट दिशा देते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ औपचारिक रिपोर्ट तक सीमित नहीं रह सकता जांच में जवाबदेही की सीधी पहचान जरूरी है। कोर्ट ने तीन बुनियादी सवालों को जांच का कोर प्वाइंट बताते हुए पूछा: टूटी नाली के लिए जिम्मेदार कौन, मौके पर बैरिकेडिंग/चेतावनी संकेत क्यों नहीं लगाए गए, और जब शिकायतें लंबे समय से सामने थीं तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 

गिरफ्तार बिल्डर कोर्ट में पेश

पुलिस ने युवराज मेहता की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार को पहले गिरफ्तार किया था। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट ने पुलिस को छह दिन का वक्त देते हुए कहा है कि अगली सुनवाई में गिरफ्तारी और केस से जुड़े सबूत पेश किए जाएं। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पहले दर्ज केस में एमजेड विजटाउन और लोटस ग्रीन से जुड़े पक्षों का नाम सामने आया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार लोटस ग्रीन से जुड़ा एक बिल्डर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए नोएडा और आसपास के इलाकों में टीमों को लगाया गया है और लगातार छापेमारी की जा रही है।

नोएडा प्राधिकरण पर भी दबाव

इस पूरे मामले में SIT की जांच के बीच नोएडा प्राधिकरण भी सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बुधवार को SIT द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब तैयार करने के लिए बैठकों का दौर चला। इस प्रकरण में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को हटाया जा चुका है। संकेत हैं कि आने वाले दिनों में SIT रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्राधिकरण के अन्य अधिकारियों तक कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। Noida News

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास घर बनाने का मौका, यीडा लाएगा 973 रिहायशी प्लॉट

यीडा अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आवासीय योजना को अगले कुछ दिनों में लॉन्च किया जा सकता है। फिलहाल योजना का पंजीकरण उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। रेरा से मंजूरी मिलते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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जेवर एयरपोर्ट के पास प्लाट
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Jan 2026 07:08 PM
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Noida News : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के संचालन से पहले ही उसके आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) एक नई आवासीय प्लॉट योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत आम नागरिकों को नोएडा एयरपोर्ट के नजदीक घर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

जल्द खुलेगी योजना, रेरा पंजीकरण अंतिम चरण में

यीडा अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आवासीय योजना को अगले कुछ दिनों में लॉन्च किया जा सकता है। फिलहाल योजना का पंजीकरण उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। रेरा से मंजूरी मिलते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

973 रिहायशी प्लॉट होंगे उपलब्ध

इस नई योजना के अंतर्गत कुल 973 आवासीय भूखंड पेश किए जाएंगे। इन प्लॉटों का आकार अलग-अलग रखा गया है ताकि छोटे और मध्यम बजट वाले खरीदारों को भी मौका मिल सके। प्राधिकरण द्वारा तय की जा रही संभावित दर करीब 35,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट और अन्य बड़ी परियोजनाओं के कारण यह इलाका भविष्य में तेजी से विकसित होगा, इसी को ध्यान में रखते हुए मूल्य निर्धारण किया गया है।

प्लॉट साइज का विवरण

योजना में उपलब्ध प्लॉटों का आकार 162 वर्ग मीटर से लेकर 290 वर्ग मीटर तक होगा। सबसे अधिक संख्या 162 और 200 वर्ग मीटर के प्लॉटों की होगी। इसके अलावा 183, 184, 223 और 290 वर्ग मीटर के कुछ चुनिंदा प्लॉट भी शामिल किए गए हैं। 

ये सभी रिहायशी भूखंड सेक्टर 15सी, सेक्टर 18 और सेक्टर 24ए में विकसित किए जाएंगे। ये सेक्टर सीधे तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित हैं। एयरपोर्ट के फरवरी 2026 तक शुरू होने की संभावना है, जिससे इन इलाकों की रियल एस्टेट वैल्यू में और इजाफा हो सकता है।

ऐसे कर सकेंगे आवेदन

इस योजना में भाग लेने के लिए आवेदकों को प्लॉट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। सभी वैध आवेदनों में से लकी ड्रॉ के माध्यम से भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। आवेदन की अवधि लगभग एक महीने की होगी, जिसके बाद सफल आवंटियों को आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे। इस योजना में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण तय किया है। रियल एस्टेट रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बीते पांच वर्षों के दौरान प्लॉट की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट, प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी, इंटरनेशनल फिल्म सिटी और औद्योगिक विकास के चलते यह इलाका आने वाले वर्षों में ठउफ का प्रमुख रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बन सकता है।

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