नोएडा वालों के लिए बड़ी खबर, गोवा की तरह लगेगा खास प्लांट
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:56 PM
नोएडा
के
नागरिकों
के
लिए
बड़ी
खबर
आई
है।
नोएडा
वालों
के
लिए
बड़ी
खबर
यह
है
कि
गोवा
की
तरह
नोएडा
शहर
में
भी
एक
खास
प्रकार
का
प्लांट
स्थापित
किया
जाएगा।
गोवा
की
तर्ज
पर
नोएडा
में
लगने
वाले
प्लांट
के
द्वारा
नोएडा
शहर
में
मौजूद
कूड़े
के
निस्तारण
की
समस्या
से
राहत
मिल
जाएगी।
नोएडा
प्राधिकरण
के
अधिकारियों
ने
नोएडा
में
खास
प्रकार
के
प्लांट
को
स्थापित
करने
की
दिशा
में
काम
भी
शुरू
कर
दिया
है।
Noida News
गोवा की तर्ज पर नोएडा में बनेगा इंटीग्रेटड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
आपको
बता
दें
कि
नोएडा
में
भी
अब
गोवा
की
तर्ज
पर
पहला
इंटीग्रेटड
सॉलिड
वेस्ट
मैनेजमेंट
प्लांट
बनाया
जाएगा।
इस
प्लांट
से
निकलने
वाले
वेस्ट
से
एक
साथ
तीन
प्रोडेक्ट
बनेंगे।
पहला
बायोगैस
से
बिजली
,
दूसरा
कंपोस्ट
और
तीसरा
पानी।
इस
पानी
का
प्रयोग
कार
वाशिंग
,
कंस्ट्रक्शन
और
सिचाई
के
लिए
किया
जाएगा।
अभी
ये
प्लांट
गोवा
में
रन
कर
रहा
है।
वहां
इससे
पानी
,
बिजली
और
कंपोस्ट
तीनों
बनाए
जा
रहे
है।
इसी
टेक्नोलॉजी
का
प्रयोग
करके
नोएडा
में
300
टीडीपी
का
प्लांट
लगाया
जाएगा।
गोवा
में
प्लांट
का
दौरा
करने
गए
अधिकारियों
ने
इसकी
पीपीटी
तैयार
की
है।
जिसका
प्रजेंटशन
किया
जाएगा।
गोवा
के
इस
प्लांट
में
कचरे
से
जैविक
पदार्थों
को
अलग
किया
जाता
है
और
उन्हें
बायोगैस
के
रूप
में
परिवर्तित
किया
जाता
है।
जो
विद्युत
ऊर्जा
उत्पादन
में
सहायक
होता
है।
रेस्टोरेंट्स
से
निकलने
वाले
गीले
कचरे
को
महत्वपूर्ण
बायो
-
प्रोडक्ट्स
मीथेन
युक्त
जैसे
बायो
-
गैस
में
बदला
जाता
है।
साथ
ही
सूखे
कचरे
से
रीसाइकल
करने
योग्य
सामग्री
मिलती
है।
गोवा
के
इस
इस
प्लांट
में
250
मेट्रिक
टन
कचरे
का
इसी
तरह
निपटारा
किया
जाता
है।
इससे
पानी
भी
निकलता
है।
इसके
अलावा
प्लांट
प्रतिदिन
7-8
टन
खाद
भी
उत्पन्न
करता
है।
यह भी पढ़े: बिहार चुनाव : बीजेपी ने चुनाव आयोग से दो चरणों में मतदान कराने की मांग की
नोएडा वालों को पानी भी मिलेगा इस प्लांट से
गीले
सूखे
कचरे
को
इस
टेक्नोलॉजी
से
निपटारा
करने
से
हमे
लिचेड
(
एक
प्रकार
का
गंदा
पानी
)
मिलता
है।
इस
पानी
को
शोधित
कर
प्रयोग
में
लाया
जा
सकता
है।
प्राधिकरण
इस
पानी
का
प्रयोग
करेगा।
इसके
लिए
इंटीग्रेटड
सॉलिड
वेस्ट
मैनेजमेंट
प्लांट
के
साथ
ही
एक
एसटीपी
भी
बनाया
जाएगा।
ये
लिचेड
एसटीपी
में
शोधित
होगा।
एक
आकल
के
अनुसार
100
टन
कचरे
से
रोजाना
करीब
2
टन
पानी
बनाया
जा
सकता
है।
जिसका
प्रयोग
कार
वाशिंग
,
सिचाई
और
कंस्ट्रक्शन
में
हो
सकता
है।
नोएडा
के
अस्तौली
में
इस
प्लांट
को
पीपीपी
मॉडल
पर
लगाया
जाएगा।
यानी
कंपनी
बिजली
,
कंपोस्ट
और
पानी
को
बेचकर
प्लांट
का
खर्चा
निकालेगी।
इस
प्लांट
को
चलाएगी।
साथ
ही
एग्रीमेंट
के
तहत
प्राधिकरण
को
हैंडओवर
करेगी।
इसकी
क्षमता
300
से
400
टन
कीर
होगी।
इसके
लिए
जल्द
ही
आरएफपी
जारी
की
जाएगी।
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