
Big News : नोएडा। उत्तर प्रदेश के सरकारी खजाने में सेंधमारी की घटना के कारण नोएडा से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। यह सेंधमारी कोई छोटी मोटी घटना नहीं है बल्कि पूरे 200 करोड़ रुपये उड़ा ले जाने की ढेर बड़ी साजिश है। यह तो गनीमत रही कि सेंधमार केवल 3.90 करोड़ रुपये ही ले जा सका। इस प्रकरण में अनेक अधिकारी व कर्मचारी शक के दायरे में हैं। घटना के तार भारत के सुदूर कोने पुडुचेरी तक जुड़े हुए हैं।
यह पूरा प्रकरण बेहद सनसनीखेज है। आपको धैर्य से समझना पड़ेगा। दरअसल, नोएडा प्राधिकरण विभिन्न माध्यमों से आने वाली धनराशि में से एक बड़ी राशि को अलग अलग बैंकों में फिक्स डिपोजिट (FD) में रखता है। यह प्रक्रिया नोएडा प्राधिकरण की स्थापना के समय से ही चल रही है। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था जो इस बार हो गया।
आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण ने 23 जून को बैंक आफ इंडिया की सेक्टर 62 शाखा में FD कराने के मकसद से 200 करोड़ रुपये जमा कराए थे। FD कराने के लिए प्राधिकरण ने सभी कागज भी बैंक को भेज दिए थे। इस धन को FD में न लगाकर बैंक एक खाते में जमा किए हुए था। इसी बीच एक व्यक्ति नोएडा प्राधिकरण का एकाउंट अफसर बनकर बैंक में पहुंचा और उसने 200 करोड़ रुपये में से 3.90 करोड़ रुपये तीन अलग अलग खातों में ट्रांसफर करा दिए। बैंक ने बड़ी आसानी से यह धन अलग अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया।
3.90 करोड़ तीन खातों में जमा कराने वाला नोएडा प्राधिकरण एकाउंट अफसर एक बार फिर बैंक में पहुंचा और उसने 9 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की। इस पर बैंक अधिकारियों को शक हुआ। बैंक के अधिकारियों ने नोएडा प्राधिकरण से जानकारी की तो बैंक से लेकर प्राधिकरण तक में हड़कंप मच गया। पता चला कि अब्दुल खादर नाम का जो व्यक्ति बैंक को नोएडा प्राधिकरण का एकाउंट अफसर बता रहा है उस नाम का कोई अधिकारी पूरे नोएडा प्राधिकरण में है ही नहीं। इस बीच वह फर्जी एकाउंट अधिकारी धीरे से खिसक लिया। इस प्रकार नोएडा प्राधिकरण के 200 करोड़ पूरे के पूरे तो डूबने से बच गए किंतु चार करोड़ की ठगी हो गई।
नोएडा प्राधिकरण के लेखा अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने इस पूरी ठगी, जालसाजी व सेंधमारी का मामला नोएडा के सेक्टर 58 थाने में दर्ज कराया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है। इस मामले में नोएडा कमिश्नरी के एडीसीपी शक्तिमोहन अवस्थी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पूरे प्रकरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आप भी सुन लीजिए एडीसीपी का बयान...
सरकारी खजाने में 200 करोड़ रुपए की सेंध लगाने के मामले में नोएडा पुलिस कमिश्नर ई के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने क्या कहा आप भी सुनिए ध्यान से pic.twitter.com/rtnKD7TPfm
— Chetna Manch (@ManchChetna) July 6, 2023
सरकारी खजाने में सेंधमारी का यह अनोखा मामला प्रकाश में आते ही नोएडा प्राधिकरण से लेकर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक में हड़कंप मच गया। मामला मुख्यमंत्री के दरबार तक भी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है ? प्राधिकरण के खाते से 3.90 करोड़ रुपये निकल गए और प्राधिकरण को भनक तक नहीं लगी। यह एक बहुत बड़ा सवाल बन गया है। औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारी इस सवाल का सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। चारों तरफ इसी कांड की चर्चा हो रही है।
नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने इस मामले की जांच के लिए एसीईओ मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इस जांच कमेटी में मानवेंद्र सिंह के अलावा एसीईओ प्रभास कुमार तथा नोएडा प्राधिकरण के मुख्य वित्त सलाहकार रविंद्र प्रसाद गुप्ता भी शामिल है। यह जांच कमेटी समूचे मामले की जांच करके 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सीईओ रितु माहेश्वरी को प्रेषित करेगी। Big News