कभी गलियों में अवैध शराब बेचने से शुरुआत करने वाली नूरी आज कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े नामों में शुमार है। पुलिस के अनुसार, बिहार से नोएडा आई नूरी ने बीते कुछ वर्षों में ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जिसकी पहुंच राष्ट्रीय सीमाओं से आगे तक होने की आशंका जताई जा रही है।

Noida News : कभी गलियों में अवैध शराब बेचने से शुरुआत करने वाली नूरी आज कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े नामों में शुमार है। पुलिस के अनुसार, बिहार से नोएडा आई नूरी ने बीते कुछ वर्षों में ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जिसकी पहुंच राष्ट्रीय सीमाओं से आगे तक होने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार को उसने उस समय पुलिस को चौंका दिया, जब तीन थानों की टीमें और गैंगस्टर एक्ट सेल उसकी तलाश में जुटी थीं, लेकिन वह चुपचाप जिला अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण करने में सफल रही। Noida News
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वर्ष 2011 में नूरी अपने परिवार के साथ बिहार से नोएडा के सेक्टर-9 स्थित जेजे कॉलोनी में आकर रहने लगी। शुरुआती दिनों में परिवार किराये के मकान में रहता था। आरोप है कि दो साल बाद परिवार ने हरियाणा से अवैध शराब लाकर नोएडा के विभिन्न इलाकों में उसकी बिक्री शुरू कर दी। इस कारोबार के दौरान परिवार के कई सदस्य पुलिस कार्रवाई की जद में भी आए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2015 में नूरी ने गांजा तस्करी के धंधे में कदम रखा। इसी मामले में फेज-1 थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि, जांच एजेंसियों का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी के बावजूद परिवार के अन्य सदस्य इस अवैध कारोबार को लगातार संचालित करते रहे। Noida News
जेल से बाहर आने के बाद नूरी ने कथित रूप से गांजा, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों तक फैला दिया। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान उसने करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां भी अर्जित कीं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ओडिशा से ट्रेन, ट्रकों, पार्सल और कूरियर सेवाओं के जरिए गांजा मंगाता था। पुलिस की निगरानी से बचने के लिए कथित तौर पर दिव्यांग व्यक्तियों और नाबालिगों का इस्तेमाल सप्लाई चेन में किया जाता था, ताकि संदेह कम हो और मादक पदार्थ आसानी से अपने ठिकानों तक पहुंच सकें। हाल ही में पुलिस ने नूरी की भतीजी को करीब ₹10 लाख मूल्य के मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा गिरोह से जुड़े पांच अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस का आरोप है कि नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई के बाद नूरी ने अवैध खनन के कारोबार में भी निवेश किया। इसी सिलसिले में उसके कब्जे से जुड़े जेसीबी, डंपर और हाइवा जैसे भारी वाहनों को हाल ही में जब्त किया गया था। Noida News
आत्मसमर्पण के बाद अब पुलिस नूरी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान उसके कथित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, गिरोह के अन्य सदस्यों और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। जांच एजेंसियां पूरे सिंडिकेट की गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की भी गहराई से जांच कर रही हैं। Noida News
पुलिस के मुताबिक, नूरी के खिलाफ फेज-1 और सेक्टर-20 थानों में मादक पदार्थों की तस्करी, आबकारी अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उसके पुराने मामलों के साथ-साथ पूरे आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सेक्टर-9 की जेजे कॉलोनी में स्थित उन मकानों की भी जांच की जा रही है, जहां गिरोह से जुड़े लोगों के रहने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि बाहर से साधारण दिखने वाले इन मकानों के भीतर आलीशान सुविधाएं मौजूद हैं। कुछ निवासियों ने बिजली चोरी कर एसी और अन्य उपकरण चलाने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। Noida News
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