पश्चिम बंगाल से आकर नोएडा शहर में खोल दिया फर्जी थाना
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:19 AM
नोएडा शहर में फर्जी थाना, फर्जी पुलिस तथा फर्जी प्रमाण-पत्रों का जखीरा पकड़ा गया है। नोएडा में फर्जी थाना खोलकर अवैध धंधा चलाने वाले शातिर अपराधी पश्चिम बंगाल से नोएडा आए थे। पश्चिम बंगाल से नोएडा आकर इन अपराधियों ने फिल्मी स्टाइल में फर्जी थाना खोलकर लोगों को ठगने का अभियाान चला रखा था। नोएडा में फर्जी थाना खोलकर पढ़े-लिखे लोगों को चूना लगाने वाले 12वीं पास से लेकर LLB तक की पढ़ाई किए हुए हैं। Noida Samachar
नोएडा पुलिस ने पकड़ा है फर्जी थाना
आपको बता दें कि रविवार 10 अगस्त 2025 को नोएडा पुलिस ने नोएडा शहर में इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इंवेस्टिगेशन ब्यूरो’ (International Police and Crime Investigation Bureau ) के नाम से चल रहे नकली पुलिस कार्यालय का पर्दाफाश किया है। इस फर्जी थाने के माध्यम से आरोपी सरकारी पदाधिकारियों का झूठा दावा करते हुए पुलिस जैसा माहौल बनाकर आम जनता को ठगने का काम कर रहे थे। जैसा कि पहले भी बताया जा चुका है कि नोएडा के सेक्टर-70 में स्थित नकली थाने में आरोपियों ने पुलिस के रंग-रोगन और पुलिस के लोगो का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने अपनी संस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर की बताकर आम जनता को भ्रमित किया और सरकारी पदाधिकारियों के नाम पर झूठे दावे कर ठगी की। आरोपियों ने खुद को इंटरपोल, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और यूरेशिया पोल जैसे संगठनों से जुड़ा बताया, साथ ही यूके में भी अपना एक ऑफिस होने का झूठ फैलाया। थाना फेस-3 और सेंट्रल नोएडा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को पकड़ लिया गया। इनके कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 17 स्टाम्प मोहर, 6 चेकबुक, कई प्रकार के आईडी कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, एटीएम कार्ड, विभिन्न मंत्रालयों के मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र, चार बोर्ड, 42,300 रुपये नकद और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
नोएडा कमिश्नरी पुलिस के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करने के लिए गैंग बनाकर इस ऑफिस को किराए पर लिया था और इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इंवेस्टिगेशन ब्यूरो का बोर्ड लगा कर लोगों को भ्रमित किया। ये लोग अपनी वेबसाइट www.intlpcrib.in के जरिए भी डोनेशन के नाम पर लोगों से धन उगाहते थे। वेबसाइट पर उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र भी दिखाए, जो पूरी तरह से फर्जी थे। नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 204, 205, 318, 319, 336, 338, 339, 3(5) के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66सी, 66डी और प्रतीक एवं नाम (अनुचित प्रयोग निवारण) अधिनियम की धारा 150 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी गैंग बनाकर इस फर्जी ऑफिस को चलाकर लोगों को ठग रहे थे।
पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं नोएडा में फर्जी थाना चलाने वाले
नोएडा पुलिस ने फर्जी थाना चलाने वाले आधा दर्जन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। नोएडा पुलिस ने जिन अपराधियों को पकड़ा वे सभी मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। नोएडा कमिश्ररी पुलिस के DCP शक्तिमोहन अवस्थी ने फर्जी थाना चलाने वालों का पूरा विवरण दिया है। उन्होंने बताया कि फर्जी थाना चलाने वालों में BA तक की पढ़ाई कर चुका विभाष चन्द्र अधिकारी सबसे शातिर है। विभाष चन्द्र अधिकारी के पिता का नाम प्रभाकर अधिकारी है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर का रहने वाला है।
उसके साथ पकड़ा गया अराग्य अधिकारी BA, LLB तक पढ़ा है। वह भी पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर का रहने वाला है। इसी प्रकार पिण्टूलाल पुत्र उप्पल पाल को भी पकड़ा गया है। वह 12वीं पासा है तथा पश्चिम बंगाल के छुदनकंदी गाँव का रहने वाला है। उनका पकड़ा गया साथी समापदमल भी 12वीं तक पढ़ा है। वह पश्चिम बंगाल के किशनपुर का रहने वाला है। इनके छठे साथी का नाम आशीष कुमार है। वह भी 12वीं पास है तथा पश्चिम बंगाल के कलकत्ता का रहने वाला है। नोएडा शहर में फर्जी थाना चलाने वाले इस गिरोह की खूब चर्चा हो रही है। Noida Samachar