क्या मोहित शर्मा की लंबी लड़ाई अब अपनी मंजिल तक पहुंचेगी और उनकी मां को न्याय मिलेगा ? जानिए रामा अस्पताल मामले की पूरी कहानी, CMO जांच रिपोर्ट में सामने आई कमियां और अब तक हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी।

Noida News : चेतना मंच द्वारा एक बेटे की माता जी को न्याय दिलाने के लिए किए गए प्रयास रंग लाने लगे हैं। माता जी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। माता जी को न्याय दिलाने के लिए बेटे ने जो लड़ाई शुरू की थी उसको चेतना मंच की पूरी टीम ने दिन - रात एक करके आगे बढ़ाया है। अब नोएडा पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है है कि नोएडा के सेक्टर - 61 स्थित रामा अस्पताल की लापरवाही की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ जल्द ही FIR दर्ज की जाएगी। चेतना मंच न्यूज पोर्टल https://chetnamanch.com/ पर सबसे पहले नोएडा के सेक्टर - 61 स्थित रामा अस्पताल की लापरवाही को उजागर करने के बाद अब दोषियों के खिलाफ जल्द एक्शन होगा। सोमवार 5 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ... के कार्यालय के बाहर पीड़ित परिवार के साथ नोएडा में सक्रिय विश्व हिन्दू परिषद (VHP ), बजरंग दल तथा करणी सेना के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन ने चेतना मंच के प्रयास को और आगे बढ़ाया है। Noida News
नोएडा शहर में एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। नोएडा शहर के सेक्टर-61 में स्थापित रामा अस्पताल के डॉक्टरों के ऊपर एक बेटे ने अपनी माँ की जान ले लेने का बड़ा आरोप लगाया था। आपको बता दें कि सेक्टर-63 के छजारसी गांव की रहने वाली 52 वर्षीय पुष्पा देवी की रामा अस्पताल, सेक्टर-61 नोएडा में उपचार के दौरान हुई मौत का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में है। पुष्पा देवी के बेटे मोहित शर्मा ने अस्पताल के चिकित्सकों और प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने तथा उनकी मां की स्थिति बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं देने के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गौतमबुद्धनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से गठित जांच समिति की जांच आख्या में भी मरीज के CECT कराए जाने, दस्तावेजी रिकॉर्ड और उपचार के दौरान कुछ प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर कमियां दर्ज की गई हैं। मोहित शर्मा अब अपनी मां की मौत की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई तथा अस्पताल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित कराए जाने की मांग को लेकर लड़ रहा है। इस लड़ाई में पुष्पा देवी के बेटे मोहित शर्मा के साथ चेतना मंच पूरी तरह से खड़ा है। Noida News
मोहित शर्मा के अनुसार उन्होंने अपनी माता जी श्रीमती पुष्पा देवी को 14 अप्रैल 2026 को हल्के बुखार और उल्टी की शिकायत के बाद रामा अस्पताल, सेक्टर-61, नोएडा में भर्ती कराया गया था। मोहित का कहना है कि भर्ती किए जाने के बाद उनका उपचार शुरू हुआ और उनकी स्थिति में सुधार दिखाई दे रहा था। मोहित शर्मा के अनुसार मेडिसिन विभाग की चिकित्सक डॉ. श्रुति श्री उनकी मां का उपचार कर रही थीं। परिवार को बताया गया था कि उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। मोहित शर्मा का आरोप है कि उनकी मां की हालत में सुधार होने के बावजूद उनकी जानकारी और कथित तौर पर उपचार कर रही चिकित्सक की सहमति के बिना CECT (Contrast Enhanced CT) कराया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि 15 अप्रैल को CECT कराने के बाद पुष्पा देवी की हालत अचानक बिगड़ने लगी। मोहित का कहना है कि इसके बाद उन्होंने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों एवं स्टाफ से मदद मांगी, लेकिन उन्हें अपेक्षित समय पर उपचार नहीं मिला। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज 29 मई 2026 को तैयार की गई CMO जांच समिति की आख्या है। Noida News
सेक्टर—61 स्थित रामा अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से हुई पुष्पा देवी की मौत के मामले में नोएडा के CMO ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मरीज का CECT Abdomen primary physician डॉ. श्रुति श्री की सहमति के बिना कराया गया। मरीज को वार्ड से रेडियोलॉजी ले जाने से संबंधित referred slip रिकॉर्ड में नहीं मिली। CECT के दौरान दिए जाने वाले testing dose के प्रमाण दस्तावेजों में नहीं मिले। CECT के बाद मरीज के वार्ड में पहुंचने पर हालत बिगड़ने के बाद दिए गए उपचार में विलंब प्रतीत होने की बात जांच समिति ने दर्ज की। नर्सिंग नोट्स में sedation का उल्लेख मिला, लेकिन उसके लिए किसी डॉक्टर के आदेश का रिकॉर्ड नहीं मिला। जांच समिति ने यह भी दर्ज किया कि अस्पताल प्रशासन और treating physician की ओर से जांच सहयोग नहीं मिला और मांगे गए दस्तावेज अपूर्ण रूप से उपलब्ध कराए गए। Noida News
मोहित शर्मा के मुताबिक रामा अस्पताल में उनकी माता जी श्रीमती पुष्पा देवी के CECT टेस्ट के बाद तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें रामा अस्पताल से गाजियाबाद स्थित यशोदा मेडिसिटी अस्पताल लेकर गए। मोहित शर्मा के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को यशोदा मेडिसिटी में उनकी मां की मौत हो गई। मां की मौत के बाद से परिवार लगातार यह सवाल उठा रहा है कि जब अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज की हालत में सुधार बताया जा रहा था, तो अचानक CECT क्यों कराया गया और उसके बाद मरीज की स्थिति बिगड़ने पर तत्काल और प्रभावी उपचार क्यों नहीं दिया गया? Noida News
मोहित शर्मा ने अधिकारियों को दिए अपने शिकायती पत्र में बेहद भावुक शब्दों में अपनी मां की मौत का दर्द व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उनकी मां परिवार की सबसे बड़ी ताकत थीं और उनकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उनका आरोप है कि यदि समय पर सही उपचार और चिकित्सकीय निर्णय लिया जाता तो शायद उनकी मां की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, यह तय करना कि पुष्पा देवी की मौत का प्रत्यक्ष कारण क्या था और क्या किसी चिकित्सकीय प्रक्रिया या उपचार में हुई कथित कमी का उनकी मौत से सीधा संबंध था, विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच और कानूनी प्रक्रिया का विषय है। मोहित शर्मा ने अधिकारियों से मांग की है कि मामले से संबंधित अस्पताल के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित कराए जाएं। उनका कहना है कि अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। परिवार की मांग है कि अस्पताल के CCTV फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड, नर्सिंग नोट्स, दवाओं का रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, CECT से संबंधित दस्तावेज और मरीज को रेडियोलॉजी ले जाने से संबंधित सभी रिकॉर्ड तत्काल सुरक्षित कराए जाएं। परिवार को आशंका है कि महत्वपूर्ण रिकॉर्ड में बदलाव या उनके नष्ट होने की स्थिति में मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। इस मामले को गंभीर बनाने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि शिकायत के बाद गौतमबुद्धनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के स्तर से जांच समिति गठित की गई और समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई प्रक्रियात्मक एवं दस्तावेजी कमियां दर्ज कीं। लेकिन जांच आख्या ने खुद यह कहते हुए अंतिम निष्कर्ष देने से इनकार किया है कि अस्पताल की ओर से मांगे गए दस्तावेज पूरे उपलब्ध नहीं कराए गए। यही वजह है कि अब परिवार उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है। मोहित शर्मा का कहना है कि उन्हें केवल यह जानना है कि उनकी मां के साथ अस्पताल में उस दिन आखिर हुआ क्या था और उनकी हालत बिगड़ने के पीछे वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था। Noida News
छिजारसी निवासी मोहित शर्मा ने अपनी मां श्रीमती पुष्पा देवी के हत्यारों की शिकायत देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी की है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में सीधा आरोप लगाया है कि नोएडा शहर के सेक्टर—61 स्थित रामा अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से उनकी मां की जान गई है। उन्होंने मांग की है कि दोषी लोगों के खिलाफ जांच की जाए तथा इस बात का पता लगाया जाए कि उनकी मां की मौत का प्रमुख कारण क्या था। चेतना मंच लगातार यह सवाल उठा रहा है कि सीएमओ की जांच रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही साफ उजागर हुई है। इसके बावजूद आखिर किस दबाव में अस्पताल के खिलाफ 5 महीने से ज्यादा बीत जाने के बावजूद कोई भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। चेतना मंच लगातार एक पीड़ित बेटे की आवाज को उठा रहा है और उसकी लड़ाई को आगे बढ़ा रहा है। 5 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ के कार्यालय के बाहर विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और करणी सेना के कार्यकर्ता ने स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा देवी के परिजनों के साथ प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार के साथ हिन्दू संगठनों के आ जाने से चेतना मंच की लड़ाई और आगे बढ़ी है। चेतना मंच की टीम इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाकर पुष्पा देवी को न्याय मिलने तक पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। Noida News
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