नोएडा की डीआईसी इंडिया लिमिटेड कंपनी में श्रमिकों से जुड़ा विवाद एक बार फिर सामने आया है। छह स्थायी श्रमिकों की छंटनी, यूनियन महामंत्री के निलंबन, पात्र श्रमिकों के स्थायीकरण और महंगाई भत्ते के भुगतान समेत कई मांगों को लेकर सीटू के नेतृत्व में सैकड़ों श्रमिकों ने प्रदर्शन किया।

Noida News : नोएडा की डीआईसी इंडिया लिमिटेड कंपनी में श्रमिकों से जुड़े विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। छह स्थायी श्रमिकों की छंटनी, यूनियन महामंत्री के करीब दो वर्षों से निलंबन, श्रमिकों के स्थायीकरण में देरी और महंगाई भत्ते के भुगतान सहित कई मांगों को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रमिक सड़क पर उतर आए। सीटू के नेतृत्व में श्रमिकों ने सेक्टर-3 स्थित श्रम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और सहायक श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू जिला महासचिव रामस्वारथ, जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य भरत डेंजर तथा डीआईसी इंडिया एम्प्लाइज यूनियन के नेता सुनील उपाध्याय, रवि, नवीन सक्सेना और रामकुमार यादव समेत अन्य नेताओं ने किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि डीआईसी इंडिया लिमिटेड प्रबंधन ने 30 जून 2026 को बिना पूर्व नोटिस छह स्थायी श्रमिकों को नौकरी से निकाल दिया। नेताओं ने इस कार्रवाई को औद्योगिक विवाद अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए श्रमिकों की तत्काल बहाली की मांग उठाई। Noida News :
सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि डीआईसी इंडिया एम्प्लाइज यूनियन के महामंत्री सुनील कुमार उपाध्याय को करीब दो वर्षों से निलंबित रखा गया है। इसके अलावा लंबे समय से कंपनी में काम कर रहे पात्र श्रमिकों का स्थायीकरण नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान अप्रैल 2025 से परिवर्तनशील महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं होने और कैजुअल श्रमिकों को समझौते के लाभों से बाहर रखे जाने का मुद्दा भी उठाया गया। नेताओं ने इन मामलों को लेकर प्रबंधन पर श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
सीटू नेताओं के मुताबिक, सुलह कार्यवाही लंबित रहने के दौरान प्रबंधन की ओर से चार श्रमिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। नेताओं का दावा है कि श्रम अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर द्वारा इन नोटिसों को पहले ही अवैध, अनुचित और शून्य घोषित किया जा चुका है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विवाद को समाप्त करने के बजाय श्रमिकों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने श्रम विभाग से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर श्रमिकों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद सहायक श्रमायुक्त एस.पी. सिंह ने स्वयं श्रमिकों का ज्ञापन लिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। सीटू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छह निकाले गए श्रमिकों की बहाली, निलंबित यूनियन महामंत्री की बहाली, पात्र श्रमिकों के स्थायीकरण और बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आगे होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी प्रबंधन और श्रम प्रशासन की होगी। Noida News :
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