
इस विवादित पोस्ट ने सोशल मीडिया पर इस समय बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। ट्विटर (X), फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह राजनीतिक कला हैं और नेताओं को आलोचना झेलनी चाहिए, जबकि अधिकतर लोग इसे अभद्रता मानकर इसकी निंदा कर रहे हैं। कई लोगों का यह भी कहना हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स को इस तरह की सामग्री को तुरंत हटाना चाहिए और ऐसे अकाउंट्स पर कार्रवाई करनी चाहिए जो नफरत फैलाने वाले पोस्ट बनाते हैं। बतां दें कि नोएडा का यह पोस्ट विवाद अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन इसके राजनीतिक असर बड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर जब राजनीतिक दल इसे चुनावी मंच से उठाएँगे। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे पोस्टों को व्यंग्य और कला कहकर नजऱअंदाज़ किया जाएगा या फिर इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ मानकर कड़ी सज़ा दी जाएगी? साथ ही यह घटना प्रशासन और पुलिस के लिए भी चुनौती है। एक ओर उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करना है, वहीं दूसरी ओर समाज में नफऱत फैलाने वाली गतिविधियों पर लगाम कसना भी ज़रूरी है। यदि ऐसे पोस्ट बार-बार सामने आते रहे तो न सिर्फ राजनीतिक टकराव बढ़ेगा बल्कि आम जनता भी विभाजित हो सकती हैं।
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कार्यकर्ताओं ने नोएडा के सेक्टर-24 पुलिस स्टेशन, में विवादित पोस्ट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को यज्ञ करते हुए और विपक्षी नेताओं को राक्षसों के रूप में दर्शाया जाने के कारण उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की, और आरोप हैं कि यह पोस्ट जानबूझकर सांप्रदायिक और राजनीतिक द्वेष फैलाने के लिए तैयार किया गया हैं। जैसे ही यह पोस्ट सामने आया, समाजवादी पार्टी (एसपी) के कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। पार्टी कार्यकर्ता सीधे सेक्टर-24 थाने के बाहर पहुँच गए और जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना हैं कि यह पोस्ट न केवल विपक्षी नेताओं का अपमान है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी है। एसपी कार्यकर्ताओं ने आरोप भी लगाया हैं कि इस पोस्ट को जानबूझकर तैयार किया गया हैं। ताकि चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को गर्माया जा सके। उन्होंने पुलिस से मांग की कि तुरंत FIR दर्ज की जाए और जिसने भी यह पोस्ट बनाया और फैलाया है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा: पेट्रोल कम मिलने की शिकायत पर एडवोकेट से हाथापाईशुरुआती जानकारी में बता दें कि पोस्ट बनाने वाला व्यक्ति स्थानीय निवासी मानव है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह अकेले की हरकत थी या फिर इसके पीछे कोई और संगठन या समूह शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना हैं कि इस तरह की गतिविधि समाज में नफऱत फैलाती हैं और चुनावी माहौल को बिगड़ती है। इसलिए जांच तेज़ी से की जाएगी और जि़म्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।Noida News :