नोएडा में 9 करोड़ रूपए का साइबर फ्रॉड, केशलैस हेल्थ स्कीम में फर्जीवाड़ा
Noida News
भारत
चेतना मंच
26 Jun 2025 06:28 PM
Noida News : नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े 9 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक मेट्रो अस्पताल, नोएडा में रिकवरी ऑफिसर के पद पर तैनात था, जबकि दूसरा आरोपी अकाउंट सेक्शन से जुड़ा कर्मचारी है। दोनों ने मिलकर सरकारी केशलैस हेल्थ स्कीम की राशि को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिया और करोड़ों की रकम हड़प ली। इस मामले में मंडी प्रबंधन ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
अस्पताल का रिकवरी अफसर व अकाउंट सेक्शन का कर्मचारी गिरफ्तार
नोएडा की एडिशनल डीसीपी साइबर क्राइम मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी वैभव कुमार, मेट्रो अस्पताल में रिकवरी ऑफिसर था। उसने अपने साथी अंकुर त्यागी के साथ मिलकर अस्पताल के बैंक खाते को बदलने की साजिश रची। इसके तहत अस्पताल की अधिकृत ईमेल आईडी का दुरुपयोग करते हुए एमसीडी के अकाउंट सेक्शन को मेल भेजी, जिसमें तीन नए फर्जी बैंक खाते दिए गए।
इन खातों को मेट्रो अस्पताल के असली खातों के रूप में पेश किया गया, ताकि केशलैस स्कीम से जुड़ी रकम इन फर्जी खातों में ट्रांसफर हो सके। एमसीडी को गुमराह कर इन अकाउंट्स में लगभग 9 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। इन ट्रांजैक्शनों को छिपाने के लिए कई सहयोगियों और खातों का उपयोग किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 77,330 नकद, आई फोन प्रो बरामद किया गया है।
DCP साइबर क्राइम मनीषा ङ्क्षसह ने बताया कि यह फ्रॉड गाजियाबाद से संचालित किया जा रहा था, और वहां से ही दोनों को गिरफ्तार किया गया। इस घोटाले में तीसरे आरोपी शुभन की भी भूमिका सामने आई है, जिसने फर्जी अकाउंट मुहैया कराए। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पूछताछ में पता चला कि वैभव पूर्व में दिल्ली के कड़कडड़ूमा क्षेत्र स्थित एक अस्पताल में भी रिकवरी ऑफिसर था, जहाँ उसकी मुलाकात विजय कुमार अग्रवाल और अंकुर त्यागी से हुई। वहीं से इनकी आपसी मिलीभगत की शुरुआत हुई। वैभव के नोएडा अस्पताल में स्थानांतरित होने के बाद, विजय ने सलाह दी कि एमसीडी को फर्जी अकाउंट मेल कर, वहां से आने वाले भुगतान को ठगा जाए। इसी योजना के तहत धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। बैंक अकाउंट शुभम ने उपलब्ध कराई थी। Noida News