साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जानिये कैसे हुई साइबर ठगी

साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से शहर के तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 17.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। इन मामलों में फोन हैक करने, इंटरनेट बैंकिंग से रकम निकालने और ट्रांसपोर्ट के लिए एडवांस रकम लेकर वाहन नहीं भेजने की शिकायतें सामने आई हैं। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-105 स्थित एक्सप्रेस व्यू अपार्टमेंट निवासी अनीश कुमार सिन्हा ने पुलिस को बताया कि गुजरात के मुद्रा पोर्ट से जम्मू कश्मीर के लिए 1007 मीट्रिक टन इमपोर्टिड मैटिरियल जाना था। इसके लिए उन्होंने हैनको लॉजिस्टिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को एडवांस में पांच लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद अभिजीत पटेल और रणजीत सिंह राणा ने फोन बंद कर लिए। सप्लाई की गई गाड़ी के ड्राइवर से जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की तो पता चला कि उन्हें कोई खर्चा नहीं मिला है। पीड़ित ने जब कहा कि उन्होंने बैंक खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं तो पता चला कि उनके पास रुपये नहीं पहुंचे। तब जाकर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
वहीं, सेक्टर-51 निवासी सचिन जैने ने पुलिस को बताया कि सितंबर 2025 को उनका फोन हैक हो गया था। जालसाजों ने डिवाइस का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर ओटीपी हासिल किए और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन किए। इस मामले में कुल 6.66 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई।
इंटरनेट बैंकिंग के जरिये धोखाधड़ी करके साइबर अपराधियों ने फोन को हैक कर लिया
वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी विविन कपूर ने पुलिस को बताया कि 19 अगस्त 2025 को इंटरनेट बैंकिंग के जरिये धोखाधड़ी करके साइबर अपराधियों ने फोन को हैक कर लिया और पांच लाख 84 हजार 800 रुपये ट्रांसफर करा लिए। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है। बता दें कि साइबर धोखाधड़ी के मामले लगतार सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन