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Noida News : पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण बिटुमिन (डामर) के भाव बेतुके बढ़ गए हैं। इस कारण उत्तर प्रदेश के PWD विभाग की सडक़ बनाने की अनेक योजनाएं रूक गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिटुमिन के बढ़े हुए रेट की अपने स्तर पर भरपाई करने का फैसला किया है।

Noida News: नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना सिटी में काम करने वाले सरकारी ठेकेदारों ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। इस मांग में ठेकेदारों, प्राधिकरणों तथा जनता सबका हित शामिल है। ठेकेदारों ने मांग रखी है कि युद्ध के कारण बेतहाशा बढ़ी हुई बिटुमिन (डामर) की कीमतों की भरपाई नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना प्राधिकरणों के द्वारा की जानी चाहिए। दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के PWD के ठेकेदारों की मांग पर बिटुमिन के बढ़े हुए रेट की भरपाई करने का फैसला कर लिया है। इस फैसले को जल्दी ही उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक से पास कराने की तैयारी की जा रही है।
क्या है उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला
आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण बिटुमिन (डामर) के भाव बेतुके बढ़ गए हैं। इस कारण उत्तर प्रदेश के PWD विभाग की सडक़ बनाने की अनेक योजनाएं रूक गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिटुमिन के बढ़े हुए रेट की अपने स्तर पर भरपाई करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के PWD विभाग ने बढ़े हुए रेट की भरपाई सरकार की तरफ से करने का प्रस्ताव तैयार करके कैबिनेट के लिए भेज दिया है। केन्द्र सरकार पहले ही ठेकेदारों को राहत देते हुए बढ़ी हुई कीमतों की भरपाई करने का फैसला ले चुकी है। ठेकेदारों का कहना है कि फरवरी 2026 में बिटुमिन की कीमत जीएसटी सहित 54,684 रुपये प्रति टन थी, वह कीमत अप्रैल में बढक़र 89,859 रुपये प्रति टन हो चुकी है। ढाई माह में ही डामर की कीमत लगभग 65 प्रतिशत तक बढ़ गई। डामर की कीमतें बढऩे से सडक़ नवीनीकरण व बिटुमिनस कार्यों की लागत प्रति किमी 1.20 लाख रुपये बढ़ गई है। इस वजह से ठेकेदार पुराने मूल्यों पर हुए टेंडर का काम कराने से पीछे हट रहे हैं जिससे सडक़ मिर्माण के लगभग 70 प्रतिशत काम ठप हो गए हैं। Noida News
नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना के ठेकेदारों की जायज मांग
केन्द्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार की तरह ही नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा यमुना प्राधिकरण के ठेकेदारों ने यह जायज मांग उठाई है। ठेकेदारों का कहना है कि कीमत बढ़ जाने के कारण पुराने रेट पर सडक़ निर्माण तथा सडक़ मरम्मत का काम क्वालिटी पूर्वक करना संभव ही नहीं है। प्राधिकरण के स्तर पर रेट की भरपाई करने से काम की गुणवत्ता भी बनी रहेगी तथा काम समय पर पूरे भी हो जाएंगे। ऐसा ना होने की स्थिति में सडक़ों का काम करने वाले ठेकेदारों को अपने स्वीकृत टेंडर वापस करने पड़ेंगे जिससे विकास के कामों पर बुरा असर पड़ेगNoida News
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