नोएडा की सड़कों पर उतरे डॉग लवर्स, बोले-नसबंदी और टीकाकरण ही है समाधान
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 05:05 AM
नोएडा में सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया आदेश के विरोध में बुधवार को कुत्ता प्रेमी सड़कों पर उतर आए। कोर्ट ने दिल्ली–एनसीआर की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम्स में रखने का निर्देश दिया था जिसका विरोध करते हुए डॉग लवर्स ने फिल्म सिटी (सेक्टर 16A) में मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला बिना वैज्ञानिक आधार के लिया गया है और व्यवहारिक रूप से इसे लागू करना असंभव है। Noida News
क्या कहा प्रदर्शनकारियों ने?
बैनर और पोस्टर हाथों में लिए प्रदर्शन कर रहे पशु प्रेमियों ने सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनका कहना था, "शेल्टर होम्स पहले से ही भर चुके हैं। हजारों कुत्तों को एक ही जगह पर रखना न सिर्फ अव्यवहारिक है, बल्कि संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ा सकता है। कुत्तों को समाज से अलग करना समाधान नहीं है बल्कि उनका नसबंदी (Sterilization) और टीकाकरण (Vaccination) किया जाना चाहिए।"
ABC गाइडलाइंस के पालन की मांग
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस पहले से मौजूद हैं, जिन्हें यदि सख्ती से लागू किया जाए तो यह समस्या स्वतः हल हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई विकसित देशों में समुदाय आधारित कुत्तों की देखभाल मॉडल पर काम किया जा रहा है, जहां कुत्तों को हटाने की बजाय उनका बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जाता है।
कुत्तों को बंद करने से बढ़ेगा संक्रमण का खतरा
डॉग लवर्स का यह भी तर्क था कि हजारों की संख्या में कुत्तों को एक जगह बंद कर देना न सिर्फ उनके लिए अमानवीय है, बल्कि इंसानों के लिए भी स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है। प्रदर्शन में शामिल एक कार्यकर्ता ने कहा, “अगर कोई समाधान चाहिए, तो वह यह नहीं कि कुत्तों को समाज से काट दिया जाए, बल्कि उनके साथ सह-अस्तित्व की सोच अपनाई जाए।”
क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया निर्देश में कहा था कि दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें शेल्टर में रखा जाए, जिससे आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, इस आदेश को लेकर पशु प्रेमी वर्ग ने मानवता, व्यवहारिकता और वैज्ञानिकता के आधार पर सवाल खड़े किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश पर पुनर्विचार करे।
सरकार ABC गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करे।
शेल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारा जाए।
समुदाय आधारित देखभाल मॉडल पर काम हो। Noida News