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मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) से छेड़छाड़ की आशंका ने हजारों ई-रिक्शा चालकों की चिंता बढ़ा दी है। कई चालक दावा कर रहे हैं कि उनके वाहन बिना किसी यांत्रिक खराबी के अचानक बीच सड़क बंद हो जा रहे हैं।

Noida News : गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ई-रिक्शा चालकों के बीच इन दिनों बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) को लेकर नई चिंता सामने आई है। कई चालकों का दावा है कि उनके ई-रिक्शे चलते-चलते अचानक बंद हो जाते हैं, जबकि बाद में जांच कराने पर बैटरी, मोटर या अन्य तकनीकी हिस्सों में कोई खराबी नहीं मिलती। चालक आशंका जता रहे हैं कि कुछ लोग मोबाइल ऐप के जरिए ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तक पहुंच बनाकर बैटरी को रिमोट तरीके से स्विच आॅफ कर रहे हैं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आधुनिक लिथियम बैटरी आधारित ई-रिक्शों में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) को मोबाइल ऐप या ब्लूटूथ के माध्यम से मॉनिटर करने की सुविधा दी जाती है। यदि किसी वाहन का सुरक्षा तंत्र कमजोर हो या डिफॉल्ट सेटिंग बदली न गई हो, तो अनधिकृत व्यक्ति उसके सिस्टम तक पहुंचने की कोशिश कर सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बीएटी-बीएमएस नामक ऐप को लेकर इसी तरह के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि सभी ई-रिक्शों पर इसका प्रभाव पड़ने की पुष्टि नहीं हुई है।
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ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि वाहन अचानक बंद होने से उन्हें बीच सड़क यात्रियों को उतारना पड़ता है। कई बार घंटों तक वाहन चालू नहीं हो पाता, जिससे उनकी दैनिक आय प्रभावित होती है। उनका कहना है कि यदि यह समस्या बढ़ती है तो हजारों चालकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक चालक ने बताया कि दोपहर के समय उनका ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया। काफी प्रयास के बाद भी वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। बाद में सर्विस सेंटर पहुंचने पर सॉफ्टवेयर के जरिए बैटरी को दोबारा सक्रिय किया गया। इसी तरह अन्य चालकों ने भी दावा किया कि वाहन में कोई यांत्रिक खराबी नहीं थी, लेकिन सॉफ्टवेयर रीसेट करने के बाद वह फिर से चलने लगा।
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ई-रिक्शा चालकों ने बैटरी निर्माता कंपनियों और वाहन निर्माताओं से मांग की है कि बीएमएस सिस्टम में पासवर्ड, एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी जैसी सुविधाएं अनिवार्य की जाएं। उनका कहना है कि इससे किसी भी बाहरी व्यक्ति के लिए वाहन के कंट्रोल सिस्टम तक पहुंचना मुश्किल होगा। वाहन कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने मॉडल के कुछ ई-रिक्शों में सुरक्षा फीचर्स सीमित हो सकते हैं, जबकि नए मॉडल में पासवर्ड आधारित सुरक्षा और बेहतर सॉफ्टवेयर प्रोटेक्शन दिए जा रहे हैं।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस तरह की घटनाओं को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर वाहन के सॉफ्टवेयर या बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से छेड़छाड़ की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा मालिक केवल अधिकृत सर्विस सेंटर से ही सॉफ्टवेयर अपडेट कराएं। यदि वाहन में ब्लूटूथ आधारित बीएमएस मौजूद है तो उसकी डिफॉल्ट सेटिंग और पासवर्ड तुरंत बदलें। साथ ही किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना कंपनी और पुलिस को दें, ताकि तकनीकी स्तर पर इसकी जांच की जा सके।
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