योगी सरकार में भी भ्रष्टाचार करने से नहीं डरा आरटीओ विभाग, नोएडा के ऑटो डीलर पर मेहरबान
Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:00 AM
Noida News : भ्रष्टाचार के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की जीरो टोलरेंस नीति के बाद भी चंद सरकारी महकमा व दलाल सरकार की छवि को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नोएडा तथा गाजियाबाद परिवहन विभाग भी चर्चाओं में है। आरोप है कि गाजियाबाद स्थित आरटीओ विभाग में बिना किसी सूचना व जानकारी के गुपचुप तरीके से चंद ऑटो डीलरों को पिंक ऑटो के 160 परमिट जारी किर दिए गये। वहीं नोएडा के एक ऑटो डीलर को इसमें से 90 परमिट जारी कर दिये गये। इस डीलर की नोएडा के सेक्टर-49 तथा सेक्टर-5 हरौला में एजेंसी भी है।
करोड़ों कमा रहे हैं डीलर
परिवहन विभाग की सांठगांठ से परमिट हासिल कर चुके डीलर अब लोगों को 4.50 लाख रूपये में पिंक ऑटो बेच रहे हैं। जिसमें ऑटो की ऑन रोड कीमत 2.73 लाख रूपये है तथा परमिट के नाम पर लोगों से 1.77 लाख खुलेआम वसूले जा रहे हैं। जबकि आवेदन करने वाली पात्र महिलाएं पिंक ऑटो के लिए वर्षों से परमिट की प्रतीक्षा कर रही हैं। लेकिन उनको ऑटो परमिट न देकर डीलरों को दिये जा रहे हैं। ऐसी महिलाओं को डीलर से 4.50 लाख रूपये में परमिट समेत पिंक ऑटो लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
आरटीओ व एआरटीओ से की शिकायत
नोएडा ऑटो चालक रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष लाल बाबू ने इसकी लिखित शिकायत एआरटीओ (प्रशासन) सियाराम वर्मा तथा आरटीओ पी.के. सिंह को दी है। उक्त अधिकारी इन आरोपों से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। दरअसल साल-2015 में परिवहन विभाग की ओर से एनसीआर में एक हजार ऑटो चलाने की स्कीम जारी की गयी थी। इसके लिए ऑन लाइन फार्म भरवाये गये थे तथा आवेदकों ने पंजीकरण कराकर निर्धारित शुल्क भी जमा करा दिया था।
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लेकिन अभी तक आवेदक परमिट व ऑटो के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अब वर्ष 2021 के बचे हुए पिंक ऑटो का परमिट बिना किसी सूचना के जारी कर दिये गये। बताया जाता है कि आरटीओ विभाग की सांठगांठ से चुनिंदा डीलरों को मोटी रकम देकर परमिट जारी कर दिए गए। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी जा रही है। Noida News