
Exclusive Chetna Manch: नोएडा। नोएडा क्षेत्र में चल रहे भूमाफियाओं के सरकारी जमीन कब्जाने के खेल में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भू-माफियाओं ने कब्रिस्तान की जमीन को भी नहीं बख्शा और कागजों में हेर-फेर कर उस पर अवैध कब्जा कर लिया। भू-माफियाओं ने यह कारनामा गौतमबुद्घनगर जिले की सदर तहसील के निलोनी शाहपुर गांव में किया है।
इस मामले में विक्रम शर्मा पुत्र सोरन सिंह (82 वर्ष) निवासी ग्राम निलोनी शाहपुर ने बताया कि ग्राम निलोनी शाहपुर में स्थित खाता संख्या 202 के गाटा संख्या 1127 रकबई 0.1520 है जो कि कब्रिस्तान के नाम दर्ज है। जिसमें कुआं व मंदिर की जमीन भी सम्मलित है। कब्रिस्तान के लिए रकबा 0.1105 हैक्टेयर को यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा चारदीवारी कर दी गयी। शेष जमीन 0.415 हेक्टेयर जमीन कुआं व मंदिर के लिए छोड़ दी गयी।
इस बची हुई भूमि पर गांव के ही राजेश, जीतू व जुगला पुत्र रमेश व जुगला पुत्र राजपाल ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उन्होंने इस अवैध कब्जे की शिकायत उपजिलाधिकारी सदर अंकित कुमार से की तो उन्होंने मौके पर लेखपालों की टीम भेजी। भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए एसडीएम सदर ने एसएचओ रबूपुरा को निर्देश दिये लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटा। विक्रम शर्मा का आरोप है कि लेखपाल मुकेश शर्मा, द्वारका प्रसाद शर्मा, तहसीलदार न्यायिक आलोक कुमार चौहान ने योजनाबद्ध तरीके से 24.05.2022, 03.06.2022 व 17.07.22 को विरोधाभाषी रिपोर्ट पेश की और षडय़ंत्र के तहत कब्रिस्तान के नम्बर सं0 1127 रकबई 0.1520 हेक्टेयर को उल्टा-सीधा रकबा बदलकर जीतू आदि को कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करा दिया।
एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने बताया कि कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला अदालत में पहुंचा और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी दस्तावेज व पक्ष को सुनने के बाद पाया कि सरकारी दस्तावेजों में हेर-फेर कराकर अवैध रूप से कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। कोर्ट ने थानाध्यक्ष रबूपुरा को भू-माफियाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिये हैं। वहीं एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच को भी न्यायोचित माना है।