
Exclusive Noida News: आपने अक्सर तरह-तरह के ठगों के बारे में सुना होगा। नोएडा में इन दिनों ठगों का एक अनोखा गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह बकायदा ‘‘कॉरपोरेट स्टाइल’’ में ठगी करता है। नटवरलाल की ठगी को भी मात देने वाले इस ठग गिरोह का मुखिया सौरभ सिंह बताया जा रहा है। यह नटवरलाल बड़ी-बड़ी बेनामी प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाकर ठगी करता है। साथ ही कुछ स्थापित कंपनियों पर जबरन कब्जा भी कर लेता है। और तो और फर्जी कंपनियों के जरिए कई राज्य सरकारों तक को चूना लगा रहा है।
यूं तो इस ठग गिरोह के कई कारनामें हैं किन्तु हाल ही में ठगों के इस गिरोह का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में आईटी क्षेत्र में काम करने वाली एपवेंचर मोवीटेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के मालिक को साजिश करके कंपनी से बाहर कर दिया गया और पूरी कंपनी पर ठगों के गिरोह ने कब्जा कर लिया। इस आशय का एक मुकदमा अपराध संख्या-539 पर नोएडा के सेक्टर-58 थाने में दर्ज हुआ है। आईपीसी की धारा-406 के तहत दर्ज यह मामला अदालत के निर्देश पर दर्ज किया गया है।
सेक्टर-58 थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि पुलिस ने ठगों के प्रभाव में आकर पूरे मामले की लीपापोती भी शुरू कर दी है। धारा-406 के तहत दर्ज कराए गए मामले के वादी अखिल कुमार ने इस मामले में आरोप लगाया है कि ठगों के गिरोह का सरगना सौरभ सिंह ऐप इन्वेटिव के नाम से सेक्टर 58 में एक कंपनी चलाता है। उसने इसी प्रकार की और भी कई नामी व बेनामी कंपनियां बना रखी हैं। दिल्ली में उसके विरुद्ध अपराध संख्या-111/2015 और 14/2015 पर भी मामले दर्ज हो चुके हैं।
अखिल का आरोप है कि सौरभ सिंह व उसके साथी किसी भी प्रगति करती हुई कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने के नाम पर पैसा लगाते हैं और धीरे से उस कंपनी पर कब्जा करके करोड़ों रुपए ठग लेते हैं। इस गिरोह को सौरभ सिंह के जरिए ही कुछ राजनेताओं का संरक्षण भी प्राप्त है। इस संरक्षण के बदले राजनेताओं को हर महीने मोटा ‘‘नजराना’’ तथा ‘‘सुरा व सुंदरी’’ उपलब्ध कराई जाती है। मुकदमा दर्ज कराने वाले अखिल का साफ-साफ कहना है कि उसने ऐपवेंचर मोवीटेक प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना डी-5, लॉजिक इन्फोटेक पार्क सेक्टर-59 में की थी। यह कंपनी एप डेवलपमेंट (निर्माण) का काम करती है।
अखिल कुमार ने इस कंपनी के निर्माण में अपनी तथा अपने पूरे परिवार की पूंजी लगाने के साथ-साथ बैंकों से लोन लेकर भी लगाया था। कंपनी में पैसा लगाने के नाम पर सौरभ सिंह इस कंपनी में घुसा और अपने साथ कंपनी के निदेशकों अजय कुमार, जयराम कुशवाहा, अपनी मूल कंपनी के सीईओ सुदीप श्रीवास्तव, अपने एक सीए विनीत माधव, एचआर हेड अनीता यादव, सुजीत कुमार व चंद्रपाल सिंह को मिला लिया।
इस पूरे गिरोह ने साजिश करके कंपनी के मालिक व संस्थापक अखिल कुमार को कंपनी से बाहर करके पूरी कंपनी पर कब्जा कर लिया। अखिल कुमार का आरोप है कि सौरभ सिंह का मूल काम नटवरलाल के स्टाइल में ठगी करना, लोगों को डरा-धमका कर अवैध वसूली करना तथा ‘‘सुरा व सुंदरी’’ के दम पर सरकारी विभागों से सरकार की छवि चमकाने के नाम पर आईटी के ठेके लेना है। अखिल कुमार ने नोएडा के नागरिकों को सलाह देते हुए कहा है कि सौरभ सिंह व उसका गिरोह बेहद शातिर हैं। नोएडा के लोगों को इस गिरोह से सावधान रहने की आवश्यकता है।
आरोप यह भी है कि सौरभ सिंह के राजनीतिक आकाओं के प्रभाव के कारण नोएडा की पुलिस भी उसके विरूद्घ होने वाली किसी भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, बल्कि लीलापोती करके शिकायतें रफा-दफा कर दी जाती हैं।