
Exclusive Noida News : उत्तर प्रदेश सरकार के सर्वाधिक महत्वपूर्ण विभागों में उद्योग विभाग की गिनती का जिम्मा इन दिनों जाने माने IAS अधिकारी मनोज सिंह के पास है। औद्योगिक विकास आयुक्त (IDC) होने के साथ ही साथ नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन भी हैं। उनका मानना है कि प्राधिकरण कोई सुप्रीम पॉवर नहीं यानि सबसे ऊपर नहीं है। प्राधिकरण तथा प्राधिकरणों में तैनात हम सारे अधिकारी व कर्मचारी जनता के सेवक हैं।
शनिवार तथा रविवार को नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज सिंह नोएडा में थे। इसी बीच चेतना मंच ने उसने लंबी वार्ता की। इस वार्ता में देश के इस प्रसिद्ध आईएएस अधिकारी ने जोर देकर कहा कि सरकारी विभाग जनता की सेवा, प्रदेश व देश के विकास के लिए बनाए गए हैं। यही बात नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण पर भी लागू होती है। प्राधिकरण कोई सुप्रीम पॉवर नहीं है बल्कि जनता की सेवा का केंद्र है।
चेतना मंच के साथ वार्ता करते हुए नोएडा व ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन मनोज सिंह ने कहा कि हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है। देश के प्रत्येक नागरिक को अपने लोकतंत्र पर गर्व है। लोकतंत्र में जनता मालिक है। सरकार व सरकारी सिस्टम जनता के सेवक होते हैं। इस बात को हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भली भांति समझते हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी जनता को सर्वोपरि मानकर जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निवारण करेंं। औद्योगिक विभाग हो अथवा नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सबका यही प्रयास है कि जनता को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित हों तथा उत्पादकता बढ़ती जाए।
Read More - दगाबाज निकली रुम पार्टनर, जूनियर छात्रा का वीडियो बनाकर सीनियर को भेजा, देखते ही मच गया हंगामा UP Newsचेतना मंच द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मनोज सिंह ने कहा कि उद्योग व औद्योगिक सेक्टर उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नोएडा में भी औद्योगिक सेक्टरों के रखरखाव (Maintenance) पर खास ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नोएडा शहर में सेक्टर 1 से लेकर सेक्टर 11 तक सबसे पुराने औद्योगिक सेक्टर हैं। इन सेक्टरों की कुछ समस्याएं उनके संज्ञान में आई हैं। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि औद्योगिक सेक्टरों की समस्याओं का निदान सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में तीनों प्राधिकरणों नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना क्षेत्र में विकास कार्यों की गति को और अधिक तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए प्रदेश का हर कोना महत्वपूर्ण है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा भी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष के सेक्टर 14ए में स्थित आवास पर चेतना मंच के साथ हुई चेयरमैन मनोज सिंह की इस पूरी वार्ता के निहितार्थ की बात करें तो पूरा निचौड यही है कि मनोज सिंह नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास को भाव से आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में इस क्षेत्र में अनेक नए उद्योग लगेंगे। उनकी प्राथमिकता वाले बिंदू शनिवार को हुई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक तथा रविवार को हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में भी साफ नजर आए।
मनोज कुमार सिंह उत्तर प्रदेश कॉडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। श्री सिंह उत्तर प्रदेश के साथ ही साथ भारत सरकार में भी अनेक महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुके हैं। वें नोएडा व ग्रेटर नोएडा को मिलाकर बनाए गए गौतमबुद्धगर के जिलाधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से लेकर उत्तर प्रदेश में ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव समेत अनेक महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं। इन दिनों मनोज कुमार सिंह लगभग आधा दर्जन विभागों का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके ऊपर सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग की है। प्रदेश में मुख्य सचिव के बाद सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले पद कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का पदभार भी मनोज सिंह के कंधों पर है। वें उत्तर प्रदेश में अगले मुख्य सचिव पद के प्रबल दावेदारों में भी गिने जाते हैं। उत्तर प्रदेश 18 विभाग सीधे तौर पर मनोज सिंह के नेतृत्व में काम कर रहे हैं।