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नोएडा की अरण्या सोसाइटी (सेक्टर-119) में हालिया आग की घटना को लेकर सामने आई ताजा रिपोर्ट्स से साफ है कि मामला केवल एक इंडिविजुअल फायर एक्सीडेंट नहीं, बल्कि हाई-राइज सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी खामियों की तरफ इशारा करता है।

Noida News : नोएडा की अरण्या सोसाइटी (सेक्टर-119) में हालिया आग की घटना को लेकर सामने आई ताजा रिपोर्ट्स से साफ है कि मामला केवल एक इंडिविजुअल फायर एक्सीडेंट नहीं, बल्कि हाई-राइज सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी खामियों की तरफ इशारा करता है। ताजा खबरों के मुताबिक, सोमवार सुबह सोसाइटी की एक ऊँची मंजिÞल पर फ्लैट में आग लगी, जिसकी शुरुआती वजह एसी ब्लास्ट बताई जा रही है। दमकल की करीब 6 गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की मौत या गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है।
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इस घटना के बाद जो सबसे बड़ा मुद्दा सामने आया, वह यह है कि कई फ्लैट्स में:
* आक्युपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) लंबित होने के आरोप
* फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय या कंप्लायंट न होना
* अधूरी या आंशिक रूप से चालू हाउसिंग परियोजना में लोगों का रहना।
स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट संगठनों का कहना है कि हजारों परिवार ऐसे टावरों में रह रहे हैं जहाँ सुरक्षा मानकों का पूरा पालन नहीं हुआ है।
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रिपोर्ट्स के अनुसार नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसी हाउसिंग सोसाइटीज हैं, जहाँ निर्माण/कम्प्लिशन पूरा नहीं हुआ है, लेकिन लोग मजबूरी में रह रहे हैं (लोन + किराए का दबाव) लोगों पर बना रहता हैै। फायर सिस्टम, लिफ्ट सेफ्टी और इमरजेंसी प्लान अधूरे हैं, लेकिन ऐसी सोसाइटियों में लोग रहने को मजबूर हैं। बिल्डर भी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं और आधे अधूरे फ्लैट लोगों को रहने के लिए उनके हवाले कर देते हैं। जिसमें पूरे सुरक्षा तंत्र क्रियाशील नहीं रहते हैं।
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यह घटना सिर्फ एक सोसाइटी की नहीं, बल्कि एक बड़े सिस्टम गैप की तरफ इशारा करती है:
* बिल्डर + प्राधिकरण + मेंटेनेंस एजेंसियों की जवाबदेही
* बिना ओसी के कब्जा और रहना
* हाई-राइज बिल्डिंग में फायर सेफ्टी की कमजोर मॉनिटरिंग का होना।
अरण्या सोसाइटी अग्निकांड ने यह साफ कर दिया है कि हाई-राइज में रहना सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि मजबूत सुरक्षा सिस्टम की मांग करता है। जब तक ओसी, फायर एनओसी और नियमित आॅडिट पूरी तरह लागू नहीं होते, तब तक ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
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