नोएडा में Federation of Punjabi Association (FOPA) की ओर से ‘एक पौधा माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में FOPA के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया।

Noida News : पर्यावरण संरक्षण और मातृशक्ति के सम्मान को एक साथ जोड़ते हुए Federation of Punjabi Association (Regd.) यानी FOPA की ओर से ‘एक पौधा माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पौधे लगाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना और प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण की जिम्मेदारी से जोड़ना रहा। ‘एक पौधा माँ के नाम’ के माध्यम से मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार मां परिवार और समाज के भविष्य को संवारती है, उसी प्रकार पेड़-पौधे धरती और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके साथ ही युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु शर्मा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथियों ने FOPA द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण बचाने की औपचारिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार करने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि आज बढ़ते प्रदूषण, बदलते मौसम और पर्यावरणीय असंतुलन के बीच समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।
FOPA के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र मेहता ने कहा कि संस्था सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है। ‘एक पौधा माँ के नाम’ अभियान के जरिए एक ओर जहां मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों को प्रकृति के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण कार्यक्रम का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में बड़े वृक्ष बनेंगे। इसलिए FOPA की ओर से लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
FOPA के राष्ट्रीय महासचिव सुनील मेहता ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने FOPA के सदस्यों और आम नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान को आगे बढ़ाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधे को अपनी मां के नाम समर्पित कर उसकी नियमित देखभाल करे तो इसका पर्यावरण पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
‘एक पौधा माँ के नाम’ अभियान ने पौधारोपण को एक भावनात्मक संदेश से जोड़ दिया है। आमतौर पर पौधारोपण को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधि के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस अभियान में पौधे को मां के सम्मान और स्मृति से जोड़कर लोगों की भावनाओं को प्रकृति संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस 2024 पर की गई थी। अभियान में लोगों से अपनी मां के प्रति प्रेम, सम्मान और आदर के प्रतीक के रूप में पौधा लगाने की अपील की गई थी। सितंबर 2024 तक अभियान के तहत 80 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य पूरा होने की जानकारी केंद्र सरकार ने दी थी।
पौधारोपण कार्यक्रम में FOPA के संरक्षक सुरेंद्र मेहता, जसविंदर खोक्खर, अश्वनी छाबड़ा, सतपाल आनंद, नेशनल वाइस प्रेसिडेंट मनोज बवेजा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुभाष जैन, महानगर अध्यक्ष राकेश खन्ना सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में दीपक जैन, सुमित मनचंदा, नरेंद्र सचदेव, अतुल मल्होत्रा, संजय गांधी, मंजू मेहता, रितु गांधी, कुसुम सदाना, नीलमणि मेहता, शम्मा मल्होत्रा, भारती छाबड़ा, शिवांगी मनचंदा, मनु जैन और रचना सचदेवा समेत FOPA से जुड़े अनेक लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक पौधारोपण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज जरूरत केवल पौधारोपण अभियान चलाने की नहीं, बल्कि समाज में ऐसी पर्यावरणीय संस्कृति विकसित करने की है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति पेड़-पौधों को अपने जीवन का हिस्सा समझे। उन्होंने कहा कि एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, ऑक्सीजन, हरियाली और जीवन का आधार बन सकता है। ऐसे में यदि पौधे को मां के नाम से जोड़ दिया जाए तो उसकी देखभाल के प्रति भावनात्मक जिम्मेदारी और मजबूत हो सकती है।
नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे महानगर में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की जरूरत लगातार बढ़ रही है। बढ़ता शहरीकरण, वाहनों की संख्या और निर्माण गतिविधियां पर्यावरण के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे पौधारोपण अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। FOPA के ‘एक पौधा माँ के नाम’ अभियान ने इसी जनभागीदारी को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समाज का सामूहिक अभियान बनाना होगा। FOPA का यह अभियान पौधारोपण से आगे बढ़कर मातृशक्ति के सम्मान, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संदेश देता नजर आया। Noida News :
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