
Noida News : नोएडा की एक 33 वर्षीय महिला के लिए 3 जनवरी का दिन एक सामान्य सुबह की तरह शुरू हुआ था, लेकिन एक फोन कॉल ने उसकी ज़िंदगी में ऐसा भूचाल ला दिया, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से आए उस कॉल ने न सिर्फ उसके विश्वास को झकझोर दिया, बल्कि उसे मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।
नोएडा के सेक्टर 50 में रहने वाली एक निजी कंपनी में काम करने वाली महिला की ज़िंदगी तब पलट गई, जब एक दिन उसके मोबाइल पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया। दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने खुद को ‘दूरसंचार विभाग’ का अधिकारी बताया और बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा कि उसके मोबाइल नंबर पर 17 गंभीर आरोप दर्ज हैं — जिनमें अवैध विज्ञापन, उत्पीड़न और आपराधिक गतिविधियाँ शामिल हैं। महिला को बताया गया कि अब उसका नंबर स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया जाएगा, और वह भारत में किसी भी नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। जिस क्षण उसने यह सुना, वह न केवल चौंकी, बल्कि मानसिक रूप से बुरी तरह हिल गई। उसकी आवाज़ कांपने लगी, और एक डर धीरे-धीरे उसके अंदर घर करता गया।
उसे कहा गया कि उसके पास मात्र दो घंटे हैं, जिसमें उसे पुलिस को एक स्पष्टीकरण पत्र जमा करना होगा, वरना उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। महिला जब घबराई, तो ठगों ने 'मदद' का नाटक करते हुए उसे सीधे पुलिस से बात कराने की पेशकश की। फोन एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, जो खुद को 'मुंबई पुलिस का अधिकारी' बता रहा था।
FIR में महिला ने दर्द भरे लहजे में बताया, "मैं बेचैन थी, आंसू छलक रहे थे, और मेरी आवाज़ कांप रही थी। बार-बार मैंने कहा कि मैं कभी मुंबई गई ही नहीं, फिर भी वे मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थे। वे लगातार मुझे धमकाते रहे, मेरे मन को तोड़ने की कोशिश करते रहे, और मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाई।"
इतना ही नहीं, उस भयावह घड़ी में महिला अपने लिगामेंट की चोट के बावजूद मजबूर होकर बैंक गई और 14 लाख रुपये एक निर्दिष्ट खाते में ट्रांसफर कर दिए।
लेकिन जब बाद में उसकी मां ने प्यार और समझदारी से बात की, तो महिला को धीरे-धीरे एहसास हुआ कि वह एक बड़े और संगठित साइबर धोखे की जाल में फंस चुकी है — जिसने न सिर्फ उसके पैसों को छीना, बल्कि उसके आत्मविश्वास और सुरक्षा के भरोसे को भी झिंझोड़ दिया।
साइबर क्राइम ब्रांच के स्टेशन हाउस अधिकारी रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि मामला राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया गया है और जांच के बाद भारत की नई दंड संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। Noida News