
G20 Summit 2023 : यदि आप अपना या अपने किसी परिजन का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए नोएडा, दिल्ली एनसीआर के पांच बड़े अस्पताल में कराने का विचार बना रहे हैं तो रुकिए, क्योंकि नोएडा, दिल्ली NCR के पांच बड़े अस्पतालों में जाकर आपको निराशा हो सकती है। क्योंकि इन पांचों अस्पतालों के डाक्टर अगले 11 सितंबर तक बेहद ही बिजी रहने वाले हैं और वीवीआईपी को छोड़कर सामान्य रोगियों को कम ही समय दे सकते हैं।
आपको पता ही है कि देश राजधानी दिल्ली में 9 व 10 सितंबर को जी 20 शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन की तमाम तैयारियां अंतिम चरण में है। इस वीवीआईपी आयोजन को लेकर दिल्ली एनसीआर के सभी अस्पतालों में भी तैयारियां पूरी हैं। दिल्ली सरकार के पांच बड़े हॉस्पिटल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन अस्पतालों में विदेशी मेहमानों के इलाज के लिए विशेष सुविधा की गई हैं। इन अस्पतालों के डॉक्टरों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की 80 टीमें गठित की गई हैं।
विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए होटलों में भी नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत ट्रीटमेंट देने के लिए यह कदम उठाया गया है। जी-20 सम्मेलन को देखते हुए अस्पताल के स्टाफ की 8 से 10 सितंबर तक की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। आईसीयू को अपग्रेड किया गया है और नई तकनीक की मशीनों से लैस किया गया है।
Read Also - Noida-Delhi- NCR में 5 दिन बंद रहेगी शराब की दुकानें, जानें क्या है वजहदिल्ली सरकार के मुताबिक, दिल्ली का लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत हॉस्पिटल, डीडीयू अस्पताल, जीटीबी हॉस्पिटल और अंबेडकर अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सभी अस्पतालों के डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ की 80 टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें उन होटलों में रहेंगी जहां विदेशी मेहमान ठहरेंगे। सभी टीमों की ड्यूटी शिफ्ट में लगाई गई हैं। यह टीमें आठ-आठ घंटे की शिफ्ट के हिसाब से अपना काम करेंगी। इस दौरान होटलों के पास एंबुलेंस भी तैनात होगी। जिनमें लाइफ स्पोर्ट सिस्टम से लेकर अन्य सभी सुविधाएं भी होंगी। दिल्ली सरकार की 106 एंबुलेंस को तैनात किया गया है। ये सभी 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगी। आयोजन स्थल और होटलों से अस्पतालों तक ग्रीन कॉरिडोर भी रहेगा। जिससे महज 10 मिनट में मरीज अस्पताल पहुंच जाएगा।
विदेशी मेहमानों के लिए इन अस्पतालों में बेड भी रिजर्व किए गए हैं। जीबी पंत अस्पताल में 10, लोकनायक में 20, जीटीबी में 20, डीडीयू में 16 और अंबेडकर अस्पताल में 40 बेड को रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा सभी अस्पतालों में साफ -सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इस दौरान आम मरीजों की सुविधाओं में भी कोई कमी नहीं की गई है।
जी-20 के दौरान अगर किसी व्यक्ति को ज्यादा परेशानी होगी तो उसको सीधा एम्स में भर्ती कराया जाएगा। एम्स को रेफरल सेंटर बनाया गया है। अस्पतालों के डॉक्टरों की एक टीम भी गठित की गई है तो विदेशी मेहमानों के ट्रीटमेंट का जिम्मा संभालेगी। एम्स के लिए भी ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया है। इससे आयोजन स्थल से मरीज को केवल 10 मिनट में अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। G20 Summit 2023