नोएडा की कंपनी का बड़ा कमाल, मुश्किल काम अब होंगे आसान
नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी कंपनी के मुताबिक, इस रोबोट को उन हाई-रिस्क लोकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है, जहां कदम रखना इंसानों के लिए खतरे से खाली नहीं होता।

Noida News : नोएडा अब सिर्फ आईटी और स्टार्टअप्स का हब नहीं रहा, बल्कि रोबोटिक्स और एडवांस टेक्नोलॉजी में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। इसी कड़ी में नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी ने रिलायंस के सहयोग से एक ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है, जो इंसानों की तरह काम करने की क्षमता रखता है। नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी कंपनी के मुताबिक, इस रोबोट को उन हाई-रिस्क लोकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है, जहां कदम रखना इंसानों के लिए खतरे से खाली नहीं होता।
भारत मंडपम में बना आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में इस रोबोट ने खूब सुर्खियां बटोरीं। समिट में कंपनी की तरफ से मौजूद देव प्रसाद सिंह ने बताया कि रोबोट की डिजाइनिंग और कार्यक्षमता को इस तरह तैयार किया गया है कि यह वस्तु उठाने, उसे दूसरी जगह रखने और कई ऑपरेशनल टास्क बिना परेशानी के कर सके। नोएडा की यह इनोवेशन इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि इसे देखने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे “भविष्य का सहायक” बता रहे हैं खासतौर पर महिलाएं इसे रसोई में मददगार असिस्टेंट की तरह देख रही हैं। देव प्रसाद सिंह के मुताबिक, रोबोट को 40 से 45 मिनट चार्ज करने के बाद यह 5 से 6 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह मेड इन इंडिया है इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का विकास भारत में ही किया गया है।कंपनी का मानना है कि ऐसे रोबोट आने वाले समय में उन जगहों पर “मानव जीवन की सुरक्षा” सुनिश्चित करेंगे, जहां अब तक काम करना सबसे बड़ी चुनौती रहा है। यानी मुश्किल काम भी होंगे, और इंसानी जान जोखिम में नहीं पड़ेगी।
नोएडा का स्मार्ट साथी
समिट का शोर भले ही थम चुका है, लेकिन नोएडा में तैयार यह ह्यूमनॉइड रोबोट अब भी सोशल मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। इंटरनेट पर इसे लेकर चर्चाएं दिलचस्प मोड़ ले रही हैं महिलाएं इसे रसोई का स्मार्ट सहायक मानकर देख रही हैं, युवा इसे पढ़ाई और रोज़मर्रा के कामों में पर्सनल हेल्पर की तरह कल्पना कर रहे हैं, जबकि बुजुर्गों को इसमें एक भरोसेमंद केयर असिस्टेंट नजर आता है, जो जरूरत पड़ने पर नर्स जैसी भूमिका निभा सके। कीमत पर कंपनी ने अभी अंतिम ऐलान नहीं किया है, मगर शुरुआती आकलन के मुताबिक इसकी संभावित कीमत 30 से 50 लाख रुपये के बीच हो सकती है। Noida News
Noida News : नोएडा अब सिर्फ आईटी और स्टार्टअप्स का हब नहीं रहा, बल्कि रोबोटिक्स और एडवांस टेक्नोलॉजी में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। इसी कड़ी में नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी ने रिलायंस के सहयोग से एक ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है, जो इंसानों की तरह काम करने की क्षमता रखता है। नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी कंपनी के मुताबिक, इस रोबोट को उन हाई-रिस्क लोकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है, जहां कदम रखना इंसानों के लिए खतरे से खाली नहीं होता।
भारत मंडपम में बना आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में इस रोबोट ने खूब सुर्खियां बटोरीं। समिट में कंपनी की तरफ से मौजूद देव प्रसाद सिंह ने बताया कि रोबोट की डिजाइनिंग और कार्यक्षमता को इस तरह तैयार किया गया है कि यह वस्तु उठाने, उसे दूसरी जगह रखने और कई ऑपरेशनल टास्क बिना परेशानी के कर सके। नोएडा की यह इनोवेशन इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि इसे देखने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे “भविष्य का सहायक” बता रहे हैं खासतौर पर महिलाएं इसे रसोई में मददगार असिस्टेंट की तरह देख रही हैं। देव प्रसाद सिंह के मुताबिक, रोबोट को 40 से 45 मिनट चार्ज करने के बाद यह 5 से 6 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह मेड इन इंडिया है इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का विकास भारत में ही किया गया है।कंपनी का मानना है कि ऐसे रोबोट आने वाले समय में उन जगहों पर “मानव जीवन की सुरक्षा” सुनिश्चित करेंगे, जहां अब तक काम करना सबसे बड़ी चुनौती रहा है। यानी मुश्किल काम भी होंगे, और इंसानी जान जोखिम में नहीं पड़ेगी।
नोएडा का स्मार्ट साथी
समिट का शोर भले ही थम चुका है, लेकिन नोएडा में तैयार यह ह्यूमनॉइड रोबोट अब भी सोशल मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। इंटरनेट पर इसे लेकर चर्चाएं दिलचस्प मोड़ ले रही हैं महिलाएं इसे रसोई का स्मार्ट सहायक मानकर देख रही हैं, युवा इसे पढ़ाई और रोज़मर्रा के कामों में पर्सनल हेल्पर की तरह कल्पना कर रहे हैं, जबकि बुजुर्गों को इसमें एक भरोसेमंद केयर असिस्टेंट नजर आता है, जो जरूरत पड़ने पर नर्स जैसी भूमिका निभा सके। कीमत पर कंपनी ने अभी अंतिम ऐलान नहीं किया है, मगर शुरुआती आकलन के मुताबिक इसकी संभावित कीमत 30 से 50 लाख रुपये के बीच हो सकती है। Noida News












