
नोएडा न्यूज लाइव : यूपी के हाईटेक सिटी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इन तीनों ही सिटी में अब पूंजीपतियों का बोलबाला समाप्त किया जा रहा है। औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन को लेकर एक बार फिर से पुरानी व्यवस्था लागू होने जा रही है। प्लाट आवंटन में पुरानी व्यवस्था लागू होने से उन लोगों को भी प्लाट मिलने की आशा जाग्रत होगी, जो जमीन का वास्तविक मूल्य ही अदा करने में सक्षम होते हैं और वास्तव में उद्योग लगाना चाहते हैं।
तीनों शहरों नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण में अब इंडस्ट्रीयल प्लाट के लिए ई टेंडरिंग व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त करके प्रत्येक साइज के प्लाट साक्षात्कार के आधार पर आवंटित करने की योजना बनाई गई है। इस योजना पर तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों की सहमति ली जा चुकी है। अब उत्तर प्रदेश सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला होना है। संभावना जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश सरकार यह बड़ा फैसला जल्दी ही कर लेगी।
आपको बता दें कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तत्कालीक सीईओ रितु महेश्वरी के समय में औद्योगिक प्लाट के लिए इंटरव्यू की व्यवस्था को समाप्त करके ई टेंडरिंग के जरिए भूखंड आवंटित करने की योजना लाूग की गई थी। तर्क यह दिया गया था कि साक्षात्कार की व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप होता है। अधिकतर अपात्र लोग सिफारिशें कराकर साक्षात्कार के जरिए भूखंड हथिया लेते हैं। रितु महेश्वरी के प्रस्ताव पर शासन ने साक्षात्कार वाली व्यवस्था समाप्त करके प्रत्येक साइज के भूखंड ई टेंडरिंग के जरिए आवंटित करने शुरू कर दिए थे।
इससे पहले यह व्यवस्था थी कि 4000 वर्गमीटर साइज तक के भूखंड ड्रा के द्वारा और 4000 वर्गमीटर साइज से ऊपर के भूखंड साक्षात्कार के द्वारा आंवटित किए जाते थे। ई टेंडरिंग वाली व्यवस्था का उद्योपतियों ने जोरदार विरोध किया था। अब प्रत्येक साइज के औद्योगिक भूखंड उद्योगपति की रेंकिंग के बाद बनने वाली रेंग सूची के आधार पर साक्षात्कार के जरिए आवंटित करने की योजना बनाई गई है।
शनिवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIEDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज सिंह ने एक अहम बैठक की। आनलाइन हुई इस बैठक में लंबा विचार विमर्श किया गया। बैठक में तय हुआ कि भविष्य में प्रत्येक साइज के औद्योगिक भूखंड रेंकिंग के आधार पर साक्षात्कार के जरिए आवंटित किए जाएंगे।
इस योजना को लागू करने का अंतिम फैसला लखनऊ में शासन स्तर पर लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के भीतरी सूत्रों का दावा है कि साक्षात्कार के जरिए औद्योगिक भूखंड आवंटित करने की योजना जल्दी ही शुरू कर दी जाएगी।
औद्योगिक भूखंड ई टेंडरिंग के बजाय साक्षात्कार के जरिए आवंटित करने की खबर फैलते ही उद्योगपतियों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। अधिकतर उद्योगपतियों का कहना है कि यह एक शानदार फैसला साबित होगा। इस योजना के लागू हो जाने से औद्योगिक भूखंडों में दलाली का धंधा बंद हो जाएगा। ई टेंडरिंग के जरिए जो निवेशक औद्योगिक भूखंड लेकर उन्हें महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे, उनका धंधा बंद हो जाएग और वास्वविक उद्यमियों को उद्योग लगाने में आसानी होगी।
इस विषय में नोएडा प्राधिकरण के CEO डा. लोकेश एम., ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO एनजी रवि कुमार तथा यमुना प्राधिकरण के CEO डा. अरुणवीर सिंह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। तीनों ही अधिकारियों ने नई योजना का पुरजोर समर्थन किया है और शासन से अनुरोध भी किया है कि नई व्यवस्था को जल्दी ही लागू कर दिया जाए। संभावना जताई जा रही है कि औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज सिंह जल्दी ही इस विषय में अपना फैसला सुना देंगे।