नोएडा में आसान होगा सफर, शुरू हुआ भंगेल एलिवेटेड के नीचे का निर्माण
नोएडा सेक्टर-41 आगाहपुर से लेकर फेज-2 तक का हिस्सा गहरे गड्ढों, धूल और लगातार लगने वाले जाम के कारण लोगों की बड़ी समस्या बना हुआ था। अब नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सेतु निगम के बीच चला आ रहा विवाद सुलझने के बाद करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से इस पूरे कॉरिडोर का सुधार कार्य शुरू हो गया है।

Noida News : नोएडा से वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नोएडा से जुड़ी यह बड़ी खबर नोएडावासियों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है। लंबे समय से बदहाल पड़ी भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे की सड़क को अब नया रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोएडा सेक्टर-41 आगाहपुर से लेकर फेज-2 तक का हिस्सा गहरे गड्ढों, धूल और लगातार लगने वाले जाम के कारण लोगों की बड़ी समस्या बना हुआ था। अब नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सेतु निगम के बीच चला आ रहा विवाद सुलझने के बाद करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से इस पूरे कॉरिडोर का सुधार कार्य शुरू हो गया है। अधिकारियों ने लक्ष्य तय किया है कि प्रोजेक्ट को जून के अंत तक पूरा कर लिया जाए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीएससी रोड को मिलेगी नई रफ्तार
दादरी–सूरजपुर–छलेरा (डीएससी) मार्ग नोएडा के सबसे व्यस्त रूट्स में गिना जाता है। भंगेल एलिवेटेड के नीचे सड़क निर्माण शुरू होने से यहां ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। प्राधिकरण के मुताबिक, केवल सड़क ही नहीं बल्कि ड्रेनेज सिस्टम, यूटर्न और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि चार महीने के अंदर सभी सिविल वर्क पूरे किए जाएं, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। फिलहाल एलिवेटेड रोड के नीचे दोनों तरफ सड़क की हालत बेहद खराब है। कई जगह गहरे गड्ढे बनने से वाहन चालकों को झटकों और फिसलने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय कम रोशनी और भारी ट्रैफिक के कारण सफर करना और मुश्किल हो जाता है। कुछ लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हुए हैं, जिसके बाद नोएडा में इस सड़क को जल्द ठीक करने की मांग लगातार तेज हो रही थी।
मानसून से पहले पूरा करने की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य जून अंत तक पूरा करने की योजना इसलिए बनाई गई है ताकि जुलाई में मानसून शुरू होने पर जलभराव और सड़क टूटने जैसी समस्याएं दोबारा सामने न आएं। ड्रेनेज सिस्टम बेहतर होने से पानी की निकासी आसान होगी और सड़क की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहेगी। भंगेल एलिवेटेड के नीचे सड़क और अन्य सुविधाओं के निर्माण की जिम्मेदारी को लेकर नोएडा प्राधिकरण और सेतु निगम के बीच करीब छह महीने से विवाद चला आ रहा था। प्राधिकरण ने इस मामले में शासन स्तर तक पत्राचार भी किया था। अब मामला सुलझने के बाद निर्माण गतिविधियां जमीन पर नजर आने लगी हैं।
लागत को लेकर अभी भी जारी है तनातनी
हालांकि काम शुरू हो चुका है, लेकिन परियोजना की लागत और बकाया भुगतान को लेकर दोनों एजेंसियों के बीच मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सेतु निगम की ओर से भुगतान संबंधी पत्र लगातार भेजे जा रहे हैं, जिससे स्पष्ट है कि वित्तीय मुद्दे अब भी चर्चा में हैं। एलिवेटेड रोड के नीचे से फेज-2 की ओर सीधी आवाजाही फिलहाल बंद है। ऐसे में लोगों को सेक्टर-82 बस टर्मिनल और सेक्टर-93 होते हुए लंबा चक्कर लगाकर फेज-2 पहुंचना पड़ रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि जहां एलिवेटेड चढ़ता-उतरता है, उसके पास नाला होने के कारण सुरक्षा जोखिम बना हुआ है, इसलिए फिलहाल रास्ता बंद रखा गया है। Noida News
Noida News : नोएडा से वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नोएडा से जुड़ी यह बड़ी खबर नोएडावासियों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है। लंबे समय से बदहाल पड़ी भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे की सड़क को अब नया रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोएडा सेक्टर-41 आगाहपुर से लेकर फेज-2 तक का हिस्सा गहरे गड्ढों, धूल और लगातार लगने वाले जाम के कारण लोगों की बड़ी समस्या बना हुआ था। अब नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सेतु निगम के बीच चला आ रहा विवाद सुलझने के बाद करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से इस पूरे कॉरिडोर का सुधार कार्य शुरू हो गया है। अधिकारियों ने लक्ष्य तय किया है कि प्रोजेक्ट को जून के अंत तक पूरा कर लिया जाए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीएससी रोड को मिलेगी नई रफ्तार
दादरी–सूरजपुर–छलेरा (डीएससी) मार्ग नोएडा के सबसे व्यस्त रूट्स में गिना जाता है। भंगेल एलिवेटेड के नीचे सड़क निर्माण शुरू होने से यहां ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। प्राधिकरण के मुताबिक, केवल सड़क ही नहीं बल्कि ड्रेनेज सिस्टम, यूटर्न और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि चार महीने के अंदर सभी सिविल वर्क पूरे किए जाएं, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। फिलहाल एलिवेटेड रोड के नीचे दोनों तरफ सड़क की हालत बेहद खराब है। कई जगह गहरे गड्ढे बनने से वाहन चालकों को झटकों और फिसलने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय कम रोशनी और भारी ट्रैफिक के कारण सफर करना और मुश्किल हो जाता है। कुछ लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हुए हैं, जिसके बाद नोएडा में इस सड़क को जल्द ठीक करने की मांग लगातार तेज हो रही थी।
मानसून से पहले पूरा करने की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य जून अंत तक पूरा करने की योजना इसलिए बनाई गई है ताकि जुलाई में मानसून शुरू होने पर जलभराव और सड़क टूटने जैसी समस्याएं दोबारा सामने न आएं। ड्रेनेज सिस्टम बेहतर होने से पानी की निकासी आसान होगी और सड़क की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहेगी। भंगेल एलिवेटेड के नीचे सड़क और अन्य सुविधाओं के निर्माण की जिम्मेदारी को लेकर नोएडा प्राधिकरण और सेतु निगम के बीच करीब छह महीने से विवाद चला आ रहा था। प्राधिकरण ने इस मामले में शासन स्तर तक पत्राचार भी किया था। अब मामला सुलझने के बाद निर्माण गतिविधियां जमीन पर नजर आने लगी हैं।
लागत को लेकर अभी भी जारी है तनातनी
हालांकि काम शुरू हो चुका है, लेकिन परियोजना की लागत और बकाया भुगतान को लेकर दोनों एजेंसियों के बीच मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सेतु निगम की ओर से भुगतान संबंधी पत्र लगातार भेजे जा रहे हैं, जिससे स्पष्ट है कि वित्तीय मुद्दे अब भी चर्चा में हैं। एलिवेटेड रोड के नीचे से फेज-2 की ओर सीधी आवाजाही फिलहाल बंद है। ऐसे में लोगों को सेक्टर-82 बस टर्मिनल और सेक्टर-93 होते हुए लंबा चक्कर लगाकर फेज-2 पहुंचना पड़ रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि जहां एलिवेटेड चढ़ता-उतरता है, उसके पास नाला होने के कारण सुरक्षा जोखिम बना हुआ है, इसलिए फिलहाल रास्ता बंद रखा गया है। Noida News












